
भरत तिवारी एनकाउंटर पर खेसारी लाल यादव ने गंभीर सवाल उठाए- 'कानून का काम हथियार छुड़वाना है, जान लेना नहीं!'
भोजपुर के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव में हुए पुलिस एनकाउंटर मामले में सियासत और जमीनी आक्रोश चरम पर है। रविवार को भोजपुरी सुपरस्टार और राजद नेता खेसारी लाल यादव पीड़ित भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे।
गांव पहुंचते ही खेसारी लाल ने भरत तिवारी की रोती-बिलखती मां का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और साफ शब्दों में कहा- 'न्याय की इस लड़ाई में मैं आखरी सांस तक परिवार के साथ खड़ा हूं।'
खेसारी लाल यादव के बयान की 4 बड़ी बातें:
1. मददगार अपराधी कैसे?: 'जो इंसान हमेशा गरीबों और वंचितों की मदद के लिए खड़ा रहा, वो अपराधी नहीं हो सकता। भरत तिवारी के जाने से जो शून्य पैदा हुआ है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।'
2. नेताओं की फोटो-पॉलिटिक्स पर प्रहार: 'आज कई लोग गांव आ रहे हैं, संवेदना जता रहे हैं और फोटो खिंचवा रहे हैं। लेकिन सिर्फ फोटो खिंचवाने से न्याय नहीं मिलेगा। जो भी नेता या जनप्रतिनिधि आपसे मिलने आए, उससे यह जरूर पूछिए कि भरत का अधूरा सपना कैसे पूरा होगा?'
3. सिर्फ बयानबाजी नहीं, जमीन पर लड़ें: खेसारी ने सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे सिर्फ गांव आकर बयान न दें, बल्कि अपने-अपने मंचों और सोशल मीडिया के जरिए भी इस न्याय की मांग को मजबूती से उठाएं।
4. एनकाउंटर थ्योरी पर सवाल: 'कानून का काम अपराधियों से हथियार छुड़वाना और उन्हें सजा दिलाना है। अगर इस पुलिसिया कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करानी ही होगी।'
इस मौके पर भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
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