
हेफेड यूरिया घोटाले की कार्रवाई में देरी पर भड़.के किसान:सिरसा में इंडस्ट्रियल ग्रेड बताकर खपाया; कृषि कार्यालय घेरने की चेता-वनी...
सिरसा जिले के डबवाली के सत्ताखेड़ा में भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने हेफेड एनिमल कैटल फीड प्लांट में हुए यूरिया घोटाले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। यह घोटाला सब्सिडी वाली नीम कोटेड कृषि यूरिया को इंडस्ट्रियल ग्रेड बताकर बेचने से जुड़ा है।
बीकेई की शिकायत पर कृषि विभाग ने 2 जुलाई 2026 को प्लांट से यूरिया के नमूने लिए थे। 20 जुलाई 2026 को आई सरकारी लैब रिपोर्ट में यूरिया के 'नीम कोटेड' होने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि गुप्ता केमिकल्स, दिल्ली ने 50 किलो की पैकिंग में कृषि यूरिया को इंडस्ट्रियल ग्रेड बताकर सप्लाई किया।
इसके लिए 18 प्रतिशत जीएसटी के फर्जी बिल लगाए गए, जिससे लाखों रुपए का वित्तीय हेरफेर हुआ।
अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं
औलख ने बताया कि दो महीने बीतने के बाद भी दोषी सप्लायर और हेफेड के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने हेफेड पंचकूला मुख्यालय के खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जांच और गिरफ्तारी की मांग की।
औलख ने आशंका जताई कि यूरिया घोटाले में शामिल एक उच्च अधिकारी की अक्टूबर में रिटायरमेंट है। विभाग उसे और उसके साथियों को बचाने के लिए जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रहा है।
रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच की मांग
बीकेई की प्रमुख मांगों में गुप्ता केमिकल्स व संबंधित सप्लायरों और दोषी अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी शामिल है। उन्होंने टेंडर, जीएसटी बिल, भुगतान रिकॉर्ड और लैब रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्य कार्यालय घेराव की चेतावनी
बीकेई ने यह मसला जीएसटी विभाग दिल्ली को भी सौंपने को कहा, ताकि गुप्ता केमिकल्स द्वारा कई सालों से चल रहे यूरिया खाद घोटाले की जांच हो सके। साथ ही सरकारी वित्तीय नुकसान की भरपाई की भी मांग की गई है। बीकेई ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो बुधवार को किसान कृषि विभाग, सिरसा के मुख्य कार्यालय का घेराव करेंगे।
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Sirsa, Sirsa | Sep 4, 2026