
गांधी जयंती के अवसर पर जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल से अच्छे आचरण और अनुशासन के आधार पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे 5 बंदियों को स्थायी रिहाई दी गई।
शासन के नए नियमों के तहत निर्धारित अवधि की सजा पूरी करने और जेल में अच्छा आचरण रखने वाले पात्र बंदियों को वर्ष में पांच विशेष अवसरों—26 जनवरी, 15 अगस्त, 14 अप्रैल, 2 अक्टूबर और 15 नवंबर—पर रिहाई का लाभ दिया जाता है।
रिहा हुए बंदियों ने हत्या के मामलों में कम से कम 14 वर्ष की सजा पूरी की थी और जेल प्रशासन के अनुसार उनका आचरण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप रहा। रिहाई के बाद सभी ने समाज की मुख्यधारा से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक के रूप में नई जिंदगी शुरू करने का संकल्प लिया।
जेल परिसर के बाहर अपने परिजनों को देखकर कई बंदी और उनके परिवार भावुक हो गए। लंबे समय बाद अपनों से मिलन का यह पल परिवारों के लिए भावनाओं से भरा रहा।
गांधी जयंती का यह अवसर केवल रिहाई का नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और समाज में नई शुरुआत के संकल्प का भी संदेश देता है। 🙏🇮🇳
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