
अल्मोड़ा: शादी के एक साल के भीतर उजड़ गया सुहाग, गोबर फेंकने गई 20 वर्षीय नवविवाहिता को बाघ ने बनाया निवाला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सल्ट ब्लॉक के डभरा सौराल गांव की 20 वर्षीय नवविवाहिता शालिनी नेगी की सोमवार, 3 अगस्त को बाघ के हमले में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शालिनी की शादी बीते नवंबर में रविंद्र नेगी के साथ हुई थी और अभी विवाह को एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। खुशियों से भरा परिवार देखते ही देखते मातम में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे शालिनी घर के पास गोबर फेंकने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें जंगल की ओर खींच ले गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शालिनी की तलाश शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंची। विभागीय सहायता के अभाव में ग्रामीण घंटों तक स्वयं ही खोजबीन करते रहे। बाद में शालिनी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसे देखकर पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग और उत्तराखंड सरकार के प्रति गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि आखिर कब तक पहाड़ के लोग बाघ का निवाला बनते रहेंगे? उनका आरोप है कि वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के बावजूद प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीण लगातार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।
यह घटना एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या पहाड़ों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे? क्या मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाएगी? या फिर ऐसे ही मासूम लोगों की जान जाती रहेगी?
फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग से प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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