
➡️ विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
जिला चिकित्सालय हरदा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से बुधवार को एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी.सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में क्लब फुट जैसी जन्मजात विकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए प्रभावित बच्चों को समय पर निःशुल्क उपचार प्रदान कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान क्लब फुट से प्रभावित 2 नवजात बच्चों का प्लास्टर उपचार (कास्टिंग) किया गया, वहीं 3 बच्चों को उपचार के अगले चरण के लिए विशेष प्रकार के जूते (ब्रेसेस) प्रदान किए गए। इस अवसर पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जाट, डॉ. मनीराम उईके, डॉ अस्पाक खान, प्रभारी जिला समन्वयक आरबीएसके श्री आशीष साकल्ले, सुश्री पारूल काशिव, श्री नीरज मालवीय, अनुष्का फाउंडेशन से श्री विकास राजपूत सहित बच्चों के परिजन उपस्थित रहे।
*क्लब फुट क्या है ?*
जिला चिकित्सालय हरदा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक जाट ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें नवजात शिशु के एक या दोनों पैर अंदर व नीचे की ओर मुड़े होते हैं। यदि समय पर उपचार न कराया जाए तो भविष्य में चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। यह समस्या जन्म के समय ही दिखाई देती है और इसका उपचार पूरी तरह संभव है। जिला चिकित्सालय हरदा में प्रति बुधवार क्लब फुट क्लिनिक लगाया जाता है ।
*क्लब फुट का उपचार*
विशेषज्ञों ने बताया कि क्लब फुट का उपचार जन्म के तुरंत बाद या जीवन के प्रारंभिक सप्ताहों में शुरू करना सबसे प्रभावी रहता है। पोंसेटी विधि के माध्यम से क्रमिक प्लास्टर लगाए जाते हैं, आवश्यकतानुसार छोटी शल्य प्रक्रिया (टेनोटॉमी) की जाती है तथा बाद में विशेष जूते एवं बार (ब्रेसेस) पहनाए जाते हैं, जिससे विकृति की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एच.पी.सिंह ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी नवजात शिशु के पैर जन्म से टेढ़े या मुड़े हुए दिखाई दें, तो उपचार में देरी न करें और तत्काल जिला चिकित्सालय क्लब फुट क्लिनिक से संपर्क कर समय पर एवं निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करें, ताकि बच्चा स्वस्थ और सामान्य जीवन सके।
Jansampark Madhya Pradesh
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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