
बच्चों का बेहतर भविष्य हमारा नैतिक दायित्व : सीजे
जेेजे एक्ट के 10 साल पूरे होने पर न्यायिक अकादमी में मंथन
झारखंड न्यायिक अकादमी में किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के 10 वर्ष पूरे होने पर राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि बच्चों के सुधार, पुनर्वास और बेहतर भविष्य से जुड़ी व्यवस्था है।
उन्होंने बच्चों को दंड देने के बजाय उनके सुधार, पुनर्वास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
सम्मेलन में बाल संरक्षण, बाल कल्याण समितियों, किशोर न्याय बोर्ड और वंचित समुदायों के बच्चों तक न्याय की पहुंच जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
बच्चों की संगीतात्मक नाट्य प्रस्तुति ने सम्मेलन में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
सम्मेलन के दौरान किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
वक्ताओं ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशील एवं प्रभावी व्यवस्था को जरूरी बताया।
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