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📌 #मौलाना_बरकतुल्लाह_भोपाली (7 जुलाई 1854 – 20 सितंबर 1927) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, विद्वान और भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री। 📌 मोहम्मद बरकतुल्लाह भोपाली (7 जुलाई 1854 – 20 सितंबर 1927) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और विचारक थे। वे भारत की पहली निर्वासित (एक्जाइल) सरकार के प्रधानमंत्री थे, जिसका गठन 1915 में अफगानिस्तान में किया गया था। 📌 गदर पार्टी के प्रमुख संस्थापकों में से एक, मौलाना बरकतुल्लाह ने अपना पूरा जीवन देश की आज़ादी के लिए विदेशों में रहकर बिताया। 📝 आरंभिक जीवन और शिक्षा: बरकतुल्लाह का जन्म भोपाल के इतवारा मोहल्ले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और कॉलेज की शिक्षा भोपाल से ही पूरी की। शिक्षा प्राप्त करने के बाद, वे उच्च शिक्षा के लिए बॉम्बे (मुंबई) और फिर लंदन गए। अरबी, फारसी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी समेत आठ भाषाओं के ज्ञाता होने के कारण, उन्होंने अपनी *कलम और भाषणों से अंग्रेजों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनमत* तैयार किया। ⏭️ क्रांतिकारी सफर और गदर पार्टी: विदेश में रहते हुए उन्होंने 'इस्लामिक फ्रेटरनिटी' नाम का अखबार निकाला, जिस पर अंग्रेजों ने पाबंदी लगा दी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए और *लाला हरदयाल के साथ मिलकर 1913 में 'गदर पार्टी' की स्थापना में अहम* भूमिका निभाई। वे इस पार्टी के मुख्य विचारकों to और वक्ताओं में से एक थे। 🇮🇳 भारत की पहली निर्वासित सरकार: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, 1 दिसंबर 1915 को अफगानिस्तान में भारत की पहली निर्वासित सरकार (Provisional Government of India) का गठन किया गया। इस सरकार में राजा महेंद्र प्रताप राष्ट्रपति और मौलाना बरकतुल्लाह प्रधानमंत्री बने, ⏭️ अंतरराष्ट्रीय प्रयास और विरासतसोवियत संघ की यात्रा: 1919 में उन्होंने सोवियत संघ के नेता व्लादिमीर लेनिन से भी मुलाकात की थी। 😔 देहांत: 20 सितंबर 1927 को सैन फ्रांसिस्को जाते समय उनका निधन हो गया और उन्हें अमेरिका के सैक्रामेंटो में दफनाया गया। 🎁 सम्मान: उनके योगदान को अमर बनाने के लिए, #भोपालविश्वविद्यालय का नाम बदलकर #बरकतुल्लाहविश्वविद्यालय रखा गया था! अब फिर से विश्वविद्यालय का नाम बदलने जा रहा है 🤔 🤔 🗞️ मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली के इतिहास और उनके जीवन से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में जानने के लिए, आप ⁠बीबीसी हिंदी या ⁠बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके विस्तृत जीवन परिचय को पढ़ सकते हैं। "देश की आज़ादी के लिए समर्पित जीवन ही सच्ची विरासत है" https://whatsapp.com/channel/0029Vb75FejKwqSPbJVrlO3O 🌹 आइए, इस महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धापूर्वक नमन करें। Bilal Khan Khan @हाइलाइट #भोपाल #मध्यप्रदेश #इतिहास #आजादभारत #history

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धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। चांदनी मौसी ने समाज के कुछ असामाजिक तत्वों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एसपी को आवेदन सौंपा था।
#Ashoknagar #LocalNews #NewsUpdate #KinnarSamaj

धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। चांदनी मौसी ने समाज के कुछ असामाजिक तत्वों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एसपी को आवेदन सौंपा था। #Ashoknagar #LocalNews #NewsUpdate #KinnarSamaj

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jun 6, 2026

धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
#Ashoknagar #LocalNews #NewsUpdate #KinnarSamaj #Administration
 SP Ashoknagar - M.P. PRO Ashok Nagar Collector Ashok Nagar

धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। #Ashoknagar #LocalNews #NewsUpdate #KinnarSamaj #Administration SP Ashoknagar - M.P. PRO Ashok Nagar Collector Ashok Nagar

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jun 6, 2026

धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। चांदनी मौसी ने समाज के कुछ असामाजिक तत्वों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एसपी को आवेदन सौंपा था।👮👮👮👮
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धमकी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। किन्नर समाज की सदस्य चांदनी नायक (मौसी) द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। चांदनी मौसी ने समाज के कुछ असामाजिक तत्वों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एसपी को आवेदन सौंपा था।👮👮👮👮 #Ashoknagar #LocalNews #NewsUpdate #KinnarSamaj #Administration

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jun 6, 2026

📌 #मौलाना_बरकतुल्लाह_भोपाली (7 जुलाई 1854 – 20 सितंबर 1927) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, विद्वान और भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री। 📌 मोहम्मद बरकतुल्लाह भोपाली (7 जुलाई 1854 – 20 सितंबर 1927) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और विचारक थे। वे भारत की पहली निर्वासित (एक्जाइल) सरकार के प्रधानमंत्री थे, जिसका गठन 1915 में अफगानिस्तान में किया गया था। 📌 गदर पार्टी के प्रमुख संस्थापकों में से एक, मौलाना बरकतुल्लाह ने अपना पूरा जीवन देश की आज़ादी के लिए विदेशों में रहकर बिताया। 📝 आरंभिक जीवन और शिक्षा: बरकतुल्लाह का जन्म भोपाल के इतवारा मोहल्ले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और कॉलेज की शिक्षा भोपाल से ही पूरी की। शिक्षा प्राप्त करने के बाद, वे उच्च शिक्षा के लिए बॉम्बे (मुंबई) और फिर लंदन गए। अरबी, फारसी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी समेत आठ भाषाओं के ज्ञाता होने के कारण, उन्होंने अपनी *कलम और भाषणों से अंग्रेजों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनमत* तैयार किया। ⏭️ क्रांतिकारी सफर और गदर पार्टी: विदेश में रहते हुए उन्होंने 'इस्लामिक फ्रेटरनिटी' नाम का अखबार निकाला, जिस पर अंग्रेजों ने पाबंदी लगा दी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए और *लाला हरदयाल के साथ मिलकर 1913 में 'गदर पार्टी' की स्थापना में अहम* भूमिका निभाई। वे इस पार्टी के मुख्य विचारकों to और वक्ताओं में से एक थे। 🇮🇳 भारत की पहली निर्वासित सरकार: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, 1 दिसंबर 1915 को अफगानिस्तान में भारत की पहली निर्वासित सरकार (Provisional Government of India) का गठन किया गया। इस सरकार में राजा महेंद्र प्रताप राष्ट्रपति और मौलाना बरकतुल्लाह प्रधानमंत्री बने, ⏭️ अंतरराष्ट्रीय प्रयास और विरासतसोवियत संघ की यात्रा: 1919 में उन्होंने सोवियत संघ के नेता व्लादिमीर लेनिन से भी मुलाकात की थी। 😔 देहांत: 20 सितंबर 1927 को सैन फ्रांसिस्को जाते समय उनका निधन हो गया और उन्हें अमेरिका के सैक्रामेंटो में दफनाया गया। 🎁 सम्मान: उनके योगदान को अमर बनाने के लिए, #भोपालविश्वविद्यालय का नाम बदलकर #बरकतुल्लाहविश्वविद्यालय रखा गया था! अब फिर से विश्वविद्यालय का नाम बदलने जा रहा है 🤔 🤔 🗞️ मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली के इतिहास और उनके जीवन से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में जानने के लिए, आप ⁠बीबीसी हिंदी या ⁠बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके विस्तृत जीवन परिचय को पढ़ सकते हैं। "देश की आज़ादी के लिए समर्पित जीवन ही सच्ची विरासत है" https://whatsapp.com/channel/0029Vb75FejKwqSPbJVrlO3O 🌹 आइए, इस महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धापूर्वक नमन करें। Bilal Khan Khan @हाइलाइट #भोपाल #मध्यप्रदेश #इतिहास #आजादभारत #history - Ashoknagar News