
पहले पति को तलाक दिए बिना दूसरी शादी? हाई कोर्ट ने साफ किया- दूसरे पति से नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि कोई महिला अपने पहले पति से कानूनी रूप से तलाक लिए बिना दूसरी शादी करती है, तो वह दूसरे पति से गुजारा भत्ता (Maintenance) मांगने की हकदार नहीं होगी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में महिला को दूसरे पति की "कानूनी पत्नी" नहीं माना जा सकता। इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 (पूर्व CrPC की धारा 125) के तहत उसे गुजारा भत्ता नहीं दिया जा सकता।
यह मामला चित्रकूट की एक महिला से जुड़ा था, जिसने दूसरे पति से अपने और बेटी के लिए गुजारा भत्ता मांगा था। फैमिली कोर्ट ने महिला को ₹2,000 और बेटी को ₹1,000 प्रति माह देने का आदेश दिया था। लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महिला को मिलने वाला गुजारा भत्ता रद्द कर दिया।
हालांकि, कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर यह माना कि बच्ची आरोपी की जैविक संतान है। इसलिए बेटी को मिलने वाला गुजारा भत्ता बरकरार रखा गया।
⚖️ यह फैसला मामले के विशेष तथ्यों और अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है। अन्य मामलों में परिस्थितियों के अनुसार कानूनी परिणाम अलग हो सकते हैं।
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