
मुख्यमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी देवभूमि हिमाचल का अपमान, जनता देगी सुधीर शर्मा को करारा जवाब: रजत राणा
हमीरपुर। कांग्रेस नेता एवं सोशल मीडिया संयोजक रजत राणा ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित एवं असंसदीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, सभ्यता और लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान है।
रजत राणा ने कहा कि हिमाचल की राजनीति हमेशा शालीनता, मर्यादा और मुद्दों पर आधारित रही है। यहां व्यक्तिगत कटाक्ष और अभद्र भाषा की कभी परंपरा नहीं रही। लेकिन सुधीर शर्मा लगातार राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाएं लांघ रहे हैं और अपनी हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं, जो एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक साधारण परिवार से निकलकर अपने संघर्ष, मेहनत और जनसेवा के बल पर प्रदेश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं। प्रदेश की जनता ने उन्हें जनादेश देकर मुख्यमंत्री बनाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग वास्तव में प्रदेश की करोड़ों जनता की भावनाओं का भी अपमान है।
रजत राणा ने आरोप लगाया कि सुधीर शर्मा विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल सुर्खियां बटोरने और राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता अब समझ चुकी है कि व्यक्तिगत हमलों और नकारात्मक राजनीति से प्रदेश का कोई भला नहीं होने वाला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पारदर्शिता, जनकल्याण और विकास के एजेंडे पर कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष के कुछ नेता केवल अनर्गल बयानबाजी कर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना चाहते हैं।
रजत राणा ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत है, लेकिन आलोचना और अभद्रता में स्पष्ट अंतर होता है। यदि कोई जनप्रतिनिधि मर्यादा की सभी सीमाएं पार करता है, तो जनता उसे उचित समय पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना भी जानती है।
उन्होंने सुधीर शर्मा से अपनी भाषा और व्यवहार पर आत्ममंथन करने तथा हिमाचल की गरिमामयी राजनीतिक संस्कृति का सम्मान करने की अपील की। साथ ही कहा कि प्रदेश की जनता आने वाले समय में अहंकार, अमर्यादित भाषा और नकारात्मक राजनीति का करारा जवाब देगी तथा विकास, शालीनता और जनसेवा की राजनीति को ही अपना समर्थन देगी।