
राष्ट्र नायक, युग प्रवर्तक, शहीदों और महापुरुषों को सामूहिक जल तर्पण, श्राद्ध किया और सर्वजाति के लोगों को भोजन कराया👇
अम्बाह/मुरैना। पितृपक्ष के पावन अवसर पर अम्बाह में एक अभिनव और प्रेरणादायी आयोजन समाजसेवी सुधीर आचार्य द्वारा आचार्य आनन्द क्लब के सहयोग से हुआ, जिसने सामाजिक समरसता और सौहार्द की नई मिसाल पेश की।
समाजसेवी सुधीर आचार्य के अभिप्रेरण से आचार्य आनंद क्लब द्वारा ब्राइट कैरियर एकेडमी परिसर में भारत राष्ट्र निर्माण के अमर स्वतंत्रता संग्राम सैनानी, बलिदानी, महापुरुष, निर्माता और पथ-प्रदर्शकों का सामूहिक पुण्य स्मरण, जल तर्पण और श्राद्ध का आयोजन किया गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों को श्रद्धांजलि देना था जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया लेकिन कालांतर में उनके योगदान को विधिवत स्मरण नहीं किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल-तर्पण और पुष्पांजलि से हुई। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही कि जल तर्पण में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुधीर आचार्य के साथ उनकी धर्मपत्नी एवं क्लब की महिला सदस्यों ने हाथ में पुष्प और जल लेकर राष्ट्र के अमर सपूतों को तर्पण किया, जो नारी शक्ति की राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण बना।
तर्पण के पश्चात सर्वजातीय समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें साढ़े 350 से अधिक लोगों ने एक साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। भोज में सभी जाति-वर्ग के महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। सभी को सुधीर आचार्य द्वारा स्वयं परोस कर भोजन कराया गया और बाद में वस्त्र, फल, दक्षिणा आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आचार्य आनंद टीम के सहयोगी अरविन्द मावई, अजय जैन, विश्वनाथ गुर्जर, मनोज शर्मा, बालकृष्ण शर्मा, दुष्यंत सिंह तोमर, नरेश परमार, अंकित मिश्रा, महेंद्र सखबार, गोपाल दीक्षित, रविशकांत कटारे ने पूरी व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को अपने जीवन का अनुपम और अविस्मरणीय आयोजन बताया और इसकी मुक्त कंठ से सराहना की। यह आयोजन न केवल श्राद्ध था, बल्कि नई पीढ़ी को अपने राष्ट्र नायकों के बलिदान से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम भी बना।