
हमारी आकाशगंगा मिल्की वे और एंड्रोमेडा के बीच करीब 25 लाख प्रकाश-वर्ष की दूरी है। एंड्रोमेडा हमारी आकाशगंगा की सबसे नजदीकी बड़ी पड़ोसी आकाशगंगा है। दोनों के बीच गुरुत्वाकर्षण का खिंचाव है, लेकिन उनकी भविष्य की राह बिल्कुल तय नहीं है।
पहले वैज्ञानिकों का अनुमान था कि करीब 4 से 5 अरब साल बाद दोनों आकाशगंगाएँ टकराकर एक बड़ी आकाशगंगा बना लेंगी। मगर जून 2025 में नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने इस अनुमान पर सवाल खड़े किए।
शोधकर्ताओं ने लगभग 1 लाख कंप्यूटर सिमुलेशन किए और दूसरी आसपास की आकाशगंगाओं के गुरुत्वाकर्षण को भी शामिल किया। नतीजे के मुताबिक, अगले 10 अरब साल में मिल्की वे और एंड्रोमेडा के आपस में मिलने की संभावना लगभग 50 प्रतिशत है। यानी टक्कर होना तय नहीं है।
अगर दोनों आकाशगंगाएँ मिलती हैं, तो उनकी सर्पिल भुजाएँ खिंच सकती हैं, गैस के बादल प्रभावित हो सकते हैं और नए तारों के बनने की रफ्तार कुछ क्षेत्रों में बढ़ सकती है। अरबों साल में दोनों मिलकर एक नई, बड़ी आकाशगंगा बना सकती हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर तारा दूसरे तारे से टकरा जाएगा। तारों के बीच बहुत ज्यादा खाली जगह होती है। हालांकि, गुरुत्वाकर्षण के कारण उनकी कक्षाएँ बदल सकती हैं।
एक और दिलचस्प बात यह है कि एंड्रोमेडा अकेली ऐसी आकाशगंगा नहीं है जो इस कहानी को प्रभावित करती है। ट्रायंगुलम आकाशगंगा और विशाल मैगेलैनिक बादल का गुरुत्वाकर्षण भी दोनों आकाशगंगाओं के भविष्य पर असर डालता है।
आपको क्या लगता है, अरबों साल बाद हमारी आकाशगंगा का भविष्य कैसा होगा—दोनों का मिलन या एक-दूसरे के पास से गुजरना?
मूल स्रोत: नासा और नेचर एस्ट्रोनॉमी
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Bihar, India | Oct 23, 2026