
*मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल रतिया में सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
*– पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत, विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित एवं नशामुक्त जीवन का दिया संदेश*
*– एसपी ने कहा– अच्छी संगत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही मजबूत भविष्य की आधारशिला*
*– विद्यार्थियों को यातायात नियमों, नशे के दुष्प्रभावों एवं साइबर अपराधों से बचाव के प्रति किया जागरूक*
*– साइबर सुरक्षा का संदेश: अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें*
रतिया, 07 अक्टूबर। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल, रतिया में सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक *श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षित, अनुशासित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय पहुंचने पर मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत बत्रा, प्रिंसिपल लोकेश बत्रा, साक्षी बत्रा, सुनैना बागला एवं विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुलिस अधीक्षक का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
*युवा पीढ़ी को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी : एसपी निकिता खट्टर*
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक *श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने कहा कि विद्यार्थी देश और समाज का भविष्य हैं। यदि बच्चों को सही समय पर सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और उचित अवसर मिलें तो वे न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, अच्छी संगत, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और स्पष्ट लक्ष्य बेहद जरूरी हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेलकूद, कला, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए तथा ऐसी आदतों और संगत से दूर रहना चाहिए जो उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
*नशे से दूरी ही सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का रास्ता*
नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। कई बार युवा जिज्ञासा, गलत संगत या साथियों के दबाव में नशे की शुरुआत कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर लत का रूप ले सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे हर प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहें और अपने मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे तिरस्कार की दृष्टि से देखने या समस्या को छिपाने के बजाय उपचार और काउंसलिंग के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन और समय पर उपचार व्यक्ति को नशे की लत से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
*यातायात नियमों की पालना स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा*
सड़क सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि यातायात नियम केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा से जुड़े हैं। सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को दोपहिया वाहन पर हेलमेट, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करने, ट्रैफिक सिग्नल एवं सड़क संकेतों का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने का संदेश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कम उम्र में वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों की पालना के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
*साइबर दुनिया में जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा*
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग सुविधा और शिक्षा के लिए किया जाए, लेकिन इसके साथ सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया कि OTP, पासवर्ड, बैंक खाते या ATM कार्ड की जानकारी, आधार संबंधी विवरण तथा निजी फोटो या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
उन्होंने अनजान लिंक, संदिग्ध ऐप, फर्जी ऑनलाइन ऑफर, लॉटरी या इनाम के संदेश तथा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने या उससे निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ वित्तीय साइबर ठगी हो जाए तो बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
*विद्यार्थी बनें सकारात्मक बदलाव के वाहक*
*पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल स्वयं जागरूक न रहें, बल्कि सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिवार और मित्रों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने, पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा कठिन परिस्थितियों में गलत रास्ता अपनाने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बातचीत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए *पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस एवं फतेहाबाद पुलिस का आभार व्यक्त* किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थी तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।