
राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल से कीमो कराकर लौट रही नेपाली युवती के साथ चलती टैक्सी में छेड़छाड़
आरोपी युवक दीपेंद्र रोकाए और टैक्सी चालक नेपाल पुलिस की हिरासत में, टैक्सी संख्या HR38AJ 6328 से सोमवार सुबह पहुंची थी गौरीफंटा बॉर्डर
गौरीफंटा बॉर्डर। दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल से कीमोथेरेपी कराकर नेपाल लौट रही एक नेपाली युवती के साथ चलती टैक्सी में छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधी रात के दौरान टैक्सी में सवार एक नेपाली युवक ने युवती को गलत तरीके से छूना शुरू कर दिया। पीड़िता ने इसका विरोध करते हुए टैक्सी चालक से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि चालक ने मामले में कोई उचित कदम नहीं उठाया।
जानकारी के अनुसार, नेपाल निवासी युवती दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल से कीमोथेरेपी कराने के बाद टैक्सी संख्या HR38AJ 6328 से नेपाल स्थित गौरीफंटा बॉर्डर के लिए रवाना हुई थी। टैक्सी में चालक के अलावा एक नेपाली युवक भी सवार था। रास्ते में आधी रात के दौरान युवक ने कथित तौर पर थकी हुई युवती के साथ अनुचित व्यवहार शुरू कर दिया।
पीड़िता ने इसका विरोध करते हुए टैक्सी चालक से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि चालक ने मामले में कोई उचित कदम नहीं उठाया। सोमवार सुबह जब टैक्सी गौरीफंटा बॉर्डर पहुंची और चेकिंग के दौरान युवती ने पुलिस को अपनी आपबीती बताने की कोशिश की, तो आरोपी युवक भारतीय क्षेत्र में ही टैक्सी से उतरकर फरार हो गया।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे बाद भारतीय पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। इसके बाद पीड़िता के अनुरोध पर आरोपी युवक, टैक्सी चालक और वाहन को नेपाल के धनगढ़ी स्थित त्रिनगर चौकी को सौंप दिया गया।
आरोपी युवक दीपेंद्र रोकाए और टैक्सी चालक हिरासत में
पीड़िता ने आरोपी युवक की पहचान दीपेंद्र रोकाए के रूप में बताई है। नेपाल पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक के साथ टैक्सी चालक को भी हिरासत में लिया है। सूत्रों की मानें तो आरोपी युवक और टैक्सी चालक नेपाल में एक ही स्थान के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
चालक की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटना ने भारत-नेपाल सीमा पर संचालित टैक्सियों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टूरिस्ट परमिट पर चलने वाली टैक्सियों में लोग अपने परिवार और महिला सदस्यों को चालक के भरोसे भेजते हैं। ऐसे में एक बीमार महिला के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना के दौरान चालक द्वारा उचित हस्तक्षेप नहीं करना चिंता का विषय है।
सूत्रों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर रोजाना लगभग 100 से 150 टैक्सियां इसी तरह संचालित होती हैं। इनमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और अन्य राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां भी शामिल हैं। सूत्रों का दावा है कि इनमें से कुछ वाहन नेपाली नागरिकों द्वारा अपनी आईडी के आधार पर लिए गए हैं।
दोहरी नागरिकता को लेकर सख्ती और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस तरह की टैक्सियों का लगातार आवागमन कई सवाल खड़े करता है। यदि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में कोई गंभीर घटना भी हो सकती है।
पीड़िता की आपबीती ने झकझोरा
पीड़िता ने वीडियो के माध्यम से अपनी पूरी आपबीती साझा की है। महिला की गोपनीयता बनाए रखने के लिए उसका नाम काल्पनिक रखा गया है और चेहरे को ब्लर कर दिया गया है।
यह घटना न केवल महिला यात्रियों की सुरक्षा, बल्कि टैक्सी चालकों की जिम्मेदारी और भारत-नेपाल सीमा पर संचालित वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन गौरीफंटा बॉर्डर पर संचालित टैक्सियों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा?
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