
*खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा चाईबासा के होटलों एवं भोजनालयों का औचक निरीक्षण; मिलावट की जांच के साथ दिए गए सख्त निर्देश*
पश्चिमी सिंहभूम जिले में आम जनता को स्वच्छ, सुरक्षित एवं मिलावट रहित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री धनेश्वर हेम्ब्रम द्वारा चाईबासा नगर स्थित गांधी मैदान के आसपास संचालित विभिन्न ठेलों एवं भोजनालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस विशेष अभियान के तहत क्षेत्र के प्रमुख भोजनालयों, जिनमें मनोज होटल, कोल्हान होटल, गुड्डू होटल, रामजी होटल, गणेश होटल, अजय होटल एवं अमित होटल शामिल हैं, की सघन जांच की गई।
निरीक्षण के क्रम में त्वरित कार्रवाई करते हुए इन होटलों में तैयार की जा रही दाल, हल्दी, भुजिया, चोखा, लड्डू एवं जलेबी में हानिकारक अखाद्य रंग यानी मेटानिल येल्लो की उपस्थिति की विशेष जांच की गई। राहत की बात रही कि किसी भी खाद्य पदार्थ में यह हानिकारक रासायनिक रंग नहीं पाया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा सभी संचालकों को अनुमत खाद्य रंगों के सीमित और सही इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जागरूक भी किया गया।
जांच के दौरान कई भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। कई प्रतिष्ठानों में अनिवार्य खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण को मुख्य परिसर में प्रदर्शित नहीं किया गया था। साथ ही, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले अखबार का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को रखने या परोसने में किया जा रहा था। इसके अलावा रसोई में बिना लेबल वाले हल्दी के पैकेट पाए गए और भोजन बनाने व परोसने वाले कर्मी बिना हेडगियर तथा एप्रोन के कार्य करते मिले, जो व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन है। इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा संबंधित सभी प्रतिष्ठान संचालकों को सुधार हेतु आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है।
इसके साथ ही सभी को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे भोजन तैयार करने में अनिवार्य रूप से स्टेनलेस स्टील के काटने वाले औजारों और स्वच्छ पेयजल का ही इस्तेमाल करें। सभी कर्मचारियों के लिए हेडगियर और एप्रोन पहनना तथा परिसर में खाद्य लाइसेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग द्वारा सचेत किया गया है कि दी गई अवधि में सुधार न होने या भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भोजनालयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।