
सच बोलने वालों पर एफआईआर और भ्रष्टाचारियों पर मेहरबानी, यही है सुक्खू सरकार का नया मॉडल : बोले अजय शर्मा रिंटू और विनोद ठाकुर छम्ब
हमीरपुर :
जिला भाजपा महामंत्री अजय शर्मा रिंटू एवं जिला प्रवक्ता विनोद ठाकुर छम्ब ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह बौखला चुकी है। उन्होंने कहा कि सुजानपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, टूटी हुई गारंटियों, सत्ता के दुरुपयोग और विपक्ष के उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं, लेकिन सरकार के पास उनका जवाब देने के लिए न तथ्य हैं और न ही नैतिक साहस। यही कारण है कि अब कांग्रेस नेताओं के माध्यम से पुलिस में शिकायतें दर्ज करवाकर विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अजय रिंटू शर्मा और विनोद ठाकुर छम्ब ने कहा कि यदि राजेंद्र राणा द्वारा लगाया गया एक भी आरोप असत्य है तो प्रदेश सरकार स्वतंत्र न्यायिक जांच अथवा किसी निष्पक्ष एजेंसी से पूरे मामले की जांच करवाने की घोषणा करे। यदि सरकार जांच से बच रही है और केवल एफआईआर की धमकी देकर विपक्ष को डराना चाहती है, तो यह उसकी घबराहट तथा अपनी विफलताओं को छिपाने का सबसे बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावों के समय गारंटियों का पुलिंदा लेकर जनता के बीच गई थी, लेकिन आज न महिलाओं से किए गए वादे पूरे हुए, न युवाओं को रोजगार मिला, न कर्मचारियों को राहत मिली और न ही आम जनता को महंगाई से निजात मिल सकी। जनता जब अपने वादों का हिसाब मांग रही है तो कांग्रेस सरकार जवाब देने के बजाय सवाल पूछने वालों को ही निशाना बना रही है।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। सत्ता के इशारे पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायतें करवाना, पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल करना तथा असहमति की आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार की निशानी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। वर्ष 1975 में पूरे देश ने देखा था कि किस प्रकार कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया था। आज हिमाचल में भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है। अंतर केवल इतना है कि तब पूरे देश में आपातकाल लगाया गया था, जबकि आज प्रदेश में विरोध की आवाज़ को पुलिस और मुकदमों के माध्यम से दबाने की कोशिश की जा रही है।
अजय रिंटू शर्मा और विनोद ठाकुर छम्ब ने दो टूक कहा कि राजेंद्र राणा और भारतीय जनता पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता न कभी सत्ता के दबाव में झुका है और न आगे झुकेगा। जनता के हितों के लिए सरकार से सवाल पूछना हमारा संवैधानिक अधिकार भी है और लोकतांत्रिक दायित्व भी। कांग्रेस सरकार जितने मुकदमे दर्ज करवाना चाहे करवा ले, भाजपा जनता की आवाज़ पहले से भी अधिक मजबूती से उठाती रहेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिक साहस है तो विपक्ष के नेताओं को डराने के बजाय राजेंद्र राणा द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे की निष्पक्ष जांच करवाएं। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि प्रदेश को गुमराह कौन कर रहा है, लोकतंत्र का गला कौन घोंट रहा है और जनता के विश्वास के साथ छल किसने किया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि विपक्ष का कर्तव्य है। यदि कांग्रेस सरकार इस कर्तव्य को भी अपराध मानने लगी है तो यह प्रदेश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए अत्यंत चिंताजनक संकेत है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता के इशारे पर कुछ पिद्दू बाज की उड़ान रोकने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रयास केवल उन्हें जनता के बीच हास्य का पात्र बना रहे हैं।