
सदानंद होता ने पेश की मानवता की मिसाल, 10 वर्षों से बिस्तर पर पड़े युवक के इलाज का उठाया जिम्मा
बंदगांव प्रखंड के लांडुपोदा पंचायत अंतर्गत डेंगसरगी गांव निवासी करन हेंब्रम के 17 वर्षीय पुत्र रूपसिंह हेंब्रम पिछले लगभग 10 वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर पड़े हैं. समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने से उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गए. हाथ-पैरों ने भी काम करना लगभग बंद कर दिया है. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गणना प्रपत्र भरने के क्रम में सांख्यिकी पदाधिकारी एवं समाजसेवी सदानंद होता को युवक की स्थिति की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने मानवीय पहल करते हुए सुमिता होता फाउंडेशन के माध्यम से रूपसिंह को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सक डॉ जेजे मुंडू ने मरीज की जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराने की सलाह दी. इसके बाद सदानंद होता ने रक्त जांच, रिपोर्ट तथा जरूरी दवाइयों की व्यवस्था कराई. उनके इस सराहनीय प्रयास की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है. जानकारी देते हुए सांख्यिकी पदाधिकारी सदानंद होता ने बताया कि जानकारी के अभाव से बच्चों का इलाज समय पर नहीं हो सका. बच्चें को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती का उपचार की प्रक्रिया शुरू किया गया है. मौके पर गांव के अन्य मौजूद थे.