*थाने में वीडियो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है*
गुजरात हाईकोर्ट
माननीय जस्टिस Nirzar S. Desai ने साफ शब्दों में कहा थाने में वीडियो या फोटो बनाना कोई अपराध नहीं है।
जब पुलिस पक्ष ने यह दलील दी कि नागरिक थाने के अंदर रिकॉर्डिंग नहीं कर सकते, तो अदालत ने सीधा सवाल कियाः ? "किस कानून के तहत इसे रोका गया है?"
*कोर्ट की अहम बातें:*
अगर पुलिस अपना काम सही तरीके से कर रही है, तो रिकॉर्डिंग से डर कैसा?
जब 80% CCTV कैमरे ही काम नहीं कर रहे, तो नागरिकों को रिकॉर्डिंग से क्यों रोका जाए?
थाना कोई "प्रतिबंधित क्षेत्र" नहीं है।
सबूत के लिए वीडियो बनाना नागरिक का अधिकार है।