
भिवानी में तीन दिवसीय पाखंड खंडन सम्मेलन का शुभारंभ, स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी के उपलक्ष्य में 4 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन
अंधविास और कुरीतियों के खिलाफ नई क्रांति लाएगा आर्य समाज, युवा जागरूक हुआ तो होगा पाखंड का खात्मा : स्वामी दिव्यानंद
भिवानी, 02 अक्तूबर : स्थानीय नई अनाज मंडी के समीप स्थित तिकोना पार्क में शुक्रवार से स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय पाखंड खंडन सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। आर्य समाज की ओर से आयोजित यह सम्मेलन 4 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे अंधविश्वास, कुरीतियों और वैचारिक प्रदूषण का जड़ से खात्मा करना है। उद्घाटन सत्र के दौरान आर्य सम्मेलन स्वामी दिव्यानंद जींद ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित युवा सत्र को संबोधित करते हुए स्वामी दिव्यानंद जींद ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में पाखंड और अंधविश्वास का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय समाज के महान तपस्वियों और महापुरुषों का उपहास उड़ाकर सनातन परंपरा को चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पाखंड का खात्मा करने के लिए अब देश का युवा पूरी तरह जागरूक हो चुका है और जल्द ही पाखंड खंडन के लिए आर्य समाज के नेतृत्व में देश में एक नई क्रांति का आगाज होने वाला है। इस अवसर पर आर्य समाज के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज सदैव से वैचारिक और सामाजिक प्रदूषण के खिलाफ अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है। आर्य समाज ने न केवल कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया है, बल्कि समाज में वैदिक मूल्यों, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा की भावना को पुन: स्थापित करने का कार्य किया है। आज के समय में जब भ्रांतियां समाज को दिशाहीन कर रही हैं, तब आर्य समाज का यह पाखंड खंडन अभियान जन-जन को सत्य और ज्ञान के मार्ग पर लाने में मील का पत्थर साबित होगा। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विविध सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का समावेश रहेगा। सम्मेलन में महिलाओं की शिक्षा, स्वावलंबन और उनके वैदिक अधिकारों पर गहन मंथन होगा। वहीं, युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए विशेष जनजागरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, उच्च चरित्र और देश सेवा से जोडऩे के उद्देश्य से विद्वानों तथा संन्यासियों के प्रेरक व्याख्यान होंगे। नागरिकों के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए तीनों दिन प्रात:काल विशाल योग शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन के पहले दिन सांस्कृतिक और भजनों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। ख्यातिप्राप्त भजन उपदेशिका तनु आर्य ने अपने मधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन और विचारों पर आधारित उनके भजनों को उपस्थित जनसमूह ने अत्यधिक पसंद किया। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध भजन उपदेशक रामनिवास आर्य ने भी समाज सुधार, वैदिक दर्शन और देशभक्ति से ओत-प्रोत भजनों की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संयोजक बाबूलाल आर्य, पूर्व एसडीएम इन्द्र सिंह आर्य, डा. देवेंद्र बोहरा, जयप्रकाश आर्य निमड़ीवाली, ओमप्रकाश आर्य प्रधान कन्या गुरुकुल पंचगांव, जया आर्य प्राचार्य कन्या गुरुकुल पंचगांव, नंदकिशोर आचार्य गुरुकुल लाढ़ोत, कविता आर्य एडवोकेट, ओमप्रकाश सैनी रक्तदान प्रभारी, अशोक आर्य एडवोकेट, महाशय रामनिवास आर्य, पंडित रामरख आर्य, महाशय सहदेव सिंह बेधडक़, तन्नु आर्या, मनिषा अग्रवाल, अजय शास्त्री भांडवा आदि उपस्थित रहे।