
ईसरदा-बंध बारेठा प्रस्तावित नहर के विरोध में 4 अक्टूबर को सारसोप में जुटेगी किसानों की महापंचायत, पाइपलाइन से पानी देने की मांग
चौथ का बरवाड़ा :
ईसरदा-बंध बारेठा (भरतपुर) प्रस्तावित खुली नहर परियोजना के विरोध में राजस्थान किसान सभा की ओर से 4 अक्टूबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। यह महापंचायत सारसोप स्थित गणेश मन्दिर, खेल मैदान ऐचेर चौराहा (तहसील- चौथ का बरवाड़ा) पर आयोजित होगी।
किसानों का स्पष्ट रुख है— "नहर नहीं, पाईप लाईन चाहिये"। किसानों का कहना है कि जब आधुनिक तकनीक के जरिए कम खर्च और न्यूनतम भूमि अधिग्रहण में पाइपलाइन से पानी ले जाया जा सकता है, तो खुली नहर निकालकर किसानों की उपजाऊ जमीन को क्यों बर्बाद किया जा रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें व मुद्दे:
* नहर के स्थान पर पाइपलाइन: परियोजना के तहत खुली नहर की जगह पाइपलाइन डाली जाए ताकि कम से कम भूमि का अधिग्रहण हो।
* लागत व पर्यावरण रिपोर्ट हो सार्वजनिक: पाइपलाइन और खुली नहर की लागत, भूमि अधिग्रहण राशि तथा पर्यावरणीय प्रभाव की तुलनात्मक रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
* पुनः निष्पक्ष SIA की मांग: किसानों का आरोप है कि पूर्व में किया गया सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) केवल कागजी प्रक्रिया थी; इसमें किसानों की सहमति और पारदर्शिता नहीं बरती गई।
* परियोजनाओं का विरोध: डूंगरी बांध परियोजना, टाइगर रिजर्व प्रयोजना और ब्यावर टू भरतपुर हाईवे के तहत जमीन अधिग्रहण का विरोध।
* खाद की समस्या व जल प्रदूषण: यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी रोकने, ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता समाप्त करने तथा मोरेल बांध को दूषित पानी से बचाने की मांग।
महापंचायत के आयोजकों और ईसरदा, चौकड़ी, माधोराजपुरा, सोलपुर सिवाह, माहपुरा, टापूरा, ऐचेर, देवली, काचीपुरा, थडोली, मुरली, मनोहरपुरा, बहरभुल्या, बहड़, खेड़ा-खेड़ी सहित सारसोप व क्षेत्र के समस्त प्रभावित किसानों ने अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर अपने अधिकारों और जमीनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है।