
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा आरती का आयोजन इन दिनों नदी किनारे स्थित मंदिर के दूसरे तल्ले पर किया जा रहा है। आरती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नावों के जरिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि नाव संचालकों द्वारा मनमाने तरीके से नावों पर लोगों को सवार कराया जा रहा है। कई नावों पर क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाए जाने की स्थिति भी देखने को मिल रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, नाव के किराए को लेकर भी श्रद्धालुओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां करीब 50 रुपये प्रति व्यक्ति किराया होना चाहिए, वहीं कुछ नाव संचालकों द्वारा 200 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आ रही है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि नावों का किराया निर्धारित करने के साथ प्रत्येक नाव की क्षमता भी तय की जाए। नाव की क्षमता के अनुसार ही श्रद्धालुओं को सवार कराया जाए और अधिक किराया वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा आरती में आने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आस्था के इस आयोजन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
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