
मेहनत, हौसले और समूह के सहयोग से बदली जिंदगी, टीना यादव बनीं ‘लखपति दीदी’
सिलाई मशीन से शुरू हुआ सफर, लैपटॉप से ऑनलाइन कियोस्क और ईको वाहन तक पहुंचा कारोबार; आज सालाना लाखों की आय
देवास, 18 अक्टूबर। आत्मनिर्भर बनने का संकल्प हो और मेहनत को सही अवसर का साथ मिल जाए, तो सफलता की राह आसान हो जाती है। देवास जिले की श्रीमती टीना यादव ने इसे सच कर दिखाया है। स्व-सहायता समूह से मिले ऋण का सदुपयोग कर उन्होंने सिलाई के काम से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने कारोबार का विस्तार करते हुए आज ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में जगह बना ली है।
टीना यादव ने स्वरोजगार की शुरुआत समूह से मिले ऋण से सिलाई मशीन खरीदकर की। मेहनत और लगन से काम आगे बढ़ा तो उन्होंने दूसरी बार ऋण लेकर लैपटॉप खरीदा और ऑनलाइन कियोस्क शुरू किया। इसके बाद तीसरी बार समूह से आर्थिक सहयोग लेकर ईको वाहन खरीदा और अपनी आजीविका के नए रास्ते खोले।
सिलाई, ऑनलाइन कियोस्क और ईको वाहन के जरिए उन्होंने आय के कई स्रोत विकसित किए। आज वे इन गतिविधियों से सालाना लाखों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि स्व-सहायता समूह केवल आर्थिक मदद का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को स्वरोजगार में बदलने का मजबूत आधार भी हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूहों के सहयोग से टीना यादव ने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। अपनी इस उपलब्धि के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
टीना यादव की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने दम पर कुछ नया शुरू करना चाहती हैं। उनका सफर संदेश देता है कि सही अवसर, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर छोटे कदम भी बड़ी सफलता की नींव बन सकते हैं।