
गुरु पूर्णिमा पर सजेगा नारायणी तट, 29 जुलाई को होगी 157वीं नारायणी गंडकी महाआरती।
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-आषाढ़ पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नारायणी गंडकी महाआरती का 157वां भव्य आयोजन 29 जुलाई (बुधवार) को वाल्मीकिनगर स्थित नारायणी तट पर किया जाएगा। तिथि को लेकर चल रहे संशय का अब पूर्णतः निराकरण हो गया है। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद ने बताया कि महाआरती 28 या 29 जुलाई को आयोजित किए जाने को लेकर असमंजस था, जिसे कर्मकांड विशेषज्ञों एवं पंचांग के गहन अध्ययन के बाद समाप्त कर दिया गया। संस्कृत के विद्वान एवं कर्मकांड विशेषज्ञ आचार्य पंडित अखिलेश्वर पांडे ने बताया कि यद्यपि 28 और 29 जुलाई, दोनों दिनों सूर्यास्त के बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी, लेकिन गुरु पूर्णिमा का मुख्य पर्व 29 जुलाई को पड़ रहा है। उस दिन पूर्णिमा तिथि रात्रि 7:26 बजे तक रहेगी, जबकि सूर्यास्त शाम 6:37 बजे होगा। ऐसे में सूर्यास्त के बाद भी पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहने के कारण महाआरती का आयोजन 29 जुलाई को करना पूर्णतः पंचांग सम्मत और श्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को शाम 5:51 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा आरंभ होगी। वहीं 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र तथा मकर राशि में स्थित चंद्रमा के विशेष संयोग से इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाएगा। आचार्य के अनुसार गुरु की कृपा से जीवन में सूर्य के समान तेज, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महाआरती को भव्य एवं सफल बनाने के लिए पीडीएस अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, थरुहट के निर्माता एचेल थारू, अखिलानंद, शिव चंद्र शर्मा, संगीत आनंद, स्वास्थ्यकर्मी कुमारी संगीता, धमाका फिल्म्स के निर्माता अरविंद अकेला, भारत कुमार, लक्ष्मण कुमार सोनी, मुकेश कुमार, डॉ. नंद महतो, हीरी मति देवी, धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज, सतेंद्र सिंह, सुमन देवी, गायक राजा, हरे कृष्ण मंडली के अध्यक्ष चंद्रिका खतईत, बाल मोहन दास सहित अनेक श्रद्धालु एवं कलाकार तैयारियों में पूरे समर्पण के साथ जुटे हुए हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।