
बीकानेर के लिए '#शुभ-#संकेत'!
क्या #रवींद्रसिंह भाटी के साथ #शुभकरण के खड़े होने को एक शुभ-संकेत के रूप में देख रही है जनता? कल के आयोजन के बाद बीकानेर से ये संकेत है की शुभकरण जैसे युवाओं को भी बड़े #सपने देखने का अधिकार है। साथ ही, यह उन लोगों के लिए एक आश्वस्ति भी है कि अगर अपने ही लोग उनके सपनों को रौंदना चाहें, तो मंजिलें और भी मौजूद हैं। शुभकरण गहलोत का हाथ थामकर भाटी ने #राजस्थान के हजारों #शुभकरणों' को एक नया भरोसा दिया है।
यूजीसी रोलबैक, ईडब्ल्यूएस सरलीकरण से लेकर मूल ओबीसी जैसे मुद्दे आगे भी बने रहेंगे और स्वाभाविक है कि इनमें राजनीतिक रोटियां भी सेंकी जाएंगी। लेकिन राजनीति जब संभावनाओं का ही खेल है, तो #भाटी-#गहलोत की इस जुगलबंदी को भी उम्मीद की नजर से देखा जाना चाहिए। निराश होने के अवसर तो हर दिन मिलते हैं, लेकिन बीकानेर की इस आमद को एक सकारात्मक बदलाव की तरह लें। अब बीकानेर को तय करना है कि इस नई बयार का स्वागत किस तरह किया जाए।
#बीकानेर में रवींद्र सिंह भाटी की #दस्तक क्या शुभकरण गहलोत के साथ से नए सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट!
#राजस्थान की राजनीति में युवा चेहरों का उभार अब स्थापित राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। कल शिव विधायक रवींद्रसिंह भाटी का दल-बल के साथ बीकानेर आना #नवकपोलो को खासा अखर रहा है। लेकिन इससे भी ज्यादा जिस बात ने राजनीतिक पंडितों का ध्यान खींचा है, वह है शुभकरण गहलोत का रवींद्रसिंह भाटी के साथ #मंच साझा करना। यह केवल एक दौरा नहीं, बल्कि जनता के बुलावे पर की गई एक मुकम्मल राजनीतिक तैयारी है, जो अबकी बार नए बदलाव का संकेत दे रही है..
#आपकी_क्या_राय है कमेट में जरूर बताये..
Ravindra Singh Bhati