Public App Logo
Profile Picture

INDORE BREAKING NEWS WALA

@indore.breaking.news
1194Followers
0Following
<nis:link nis:type=tag nis:id=अस्पताल nis:value=अस्पताल nis:enabled=true nis:link/> में सांप ने मचाई दहशत! चूहे से नवजात को नुकसान के बाद सांप ने खोली व्यवस्था की पोल वीडियो वायरल; देखें! VIDEO

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralvideo nis:value=ViralVideo nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना उन नागरिकों के लिए आय का एक शानदार जरिया है, जिनके पास पर्यटन स्थलों के आसपास खाली आवासीय संपत्तियां मौजूद हैं। इस योजना के तहत नागरिक अपने घर के 1 से 6 अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों के लिए किराये पर उपलब्ध करा सकते हैं। राज्य में अब तक करीब 346 होम स्टे संचालित हैं, जिन्होंने पर्यटकों को आवास सुविधा प्रदान कर लाखों की आय अर्जित की है।

पंजीकृत होम स्टे संचालकों को राज्य सरकार द्वारा विशेष अनुदान भी दिया जाता है। पहले वर्ष 50 अतिथि दिवस पूर्ण होने पर 15 हजार, दूसरे वर्ष 75 दिनों पर 20 हजार और तीसरे वर्ष 100 दिनों पर 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसके अलावा ब्रोशर निर्माण और ट्रैवल मार्ट में भागीदारी के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इच्छुक आवेदक mphomestay.mponline.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।

बिना पंजीयन के होम स्टे संचालित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है और विभाग सुरक्षा व स्वच्छता मानकों की सख्ती से निगरानी करता है। आवेदक को अपनी पहचान, बैंक विवरण और संपत्ति संबंधी दस्तावेज जमा करने होंगे। यह पहल न केवल पर्यटकों को स्थानीय अनुभव प्रदान करती है बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेशnews nis:value=मध्यप्रदेशNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=homestayscheme nis:value=HomeStayScheme nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=tourismmp nis:value=TourismMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=employmentgeneration nis:value=EmploymentGeneration nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=govtscheme nis:value=GovtScheme nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=भोपाल nis:value=भोपाल nis:enabled=true nis:link/> दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अचानक सभी कार्यक्रम निरस्त होने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। शाह गोपालक सम्मेलन के बाद होटल ताज लौटे और वहां से बाहर नहीं निकले। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक और पत्रकार वार्ता जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में जाने के बजाय खुद को लगभग छह घंटे होटल के कमरे में कैद रखा। मुख्यमंत्री मोहन यादव को उनके स्थान पर कार्यक्रमों में भेजा गया, जिससे राज्य में कुछ बड़े नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और अमित शाह की एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दोनों के बीच दूरियां साफ देखी जा सकती हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह दावा किया जा रहा है कि शाह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ ऑनलाइन चर्चा में व्यस्त थे, लेकिन छह घंटे तक बंद कमरे में रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल भाजपा खेमे में सन्नाटा पसरा है और घटनाक्रम के पीछे के असली कारणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhopalpolitics nis:value=BhopalPolitics nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भोपालnews nis:value=भोपालNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=amitshah nis:value=AmitShah nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=politicaldrama nis:value=PoliticalDrama nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjp nis:value=BJP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के शिक्षित और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े लगभग 85 हजार पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की व्यापक रूपरेखा बनाई जा रही है।

इस महाअभियान के तहत मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के जरिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को भरा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों से रिक्त पदों का अंतिम आंकड़ा जुटाना शुरू कर दिया है ताकि एक पारदर्शी भर्ती कैलेंडर तैयार किया जा सके। लंबे समय से रुकी हुई भर्तियों के चलते युवाओं में निराशा का माहौल था, जिसे दूर करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

विभागों से रिक्तियों का रोस्टर परीक्षण पूरा होते ही चरणबद्ध तरीके से विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भोपालnews nis:value=भोपालNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpgovtjobs nis:value=MPGovtJobs nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mppsc nis:value=MPPSC nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpesb nis:value=MPESB nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sarkarinaukri nis:value=SarkariNaukri nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=youthemployment nis:value=YouthEmployment nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hindinews nis:value=HindiNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=इंदौर nis:value=इंदौर nis:enabled=true nis:link/> के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में सेवाएं दे रहे बीवीजी कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले लगभग दो महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन अटकने के कारण कर्मचारियों के सामने घर का राशन, बच्चों की फीस और रोजमर्रा के जरूरी खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि कई बार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से गुहार लगाने के बावजूद केवल खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं। यदि जल्द से जल्द उनके लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे काम बंद कर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indorenews nis:value=IndoreNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=इंदौरnews nis:value=इंदौरNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mgmhospital nis:value=MGMHospital nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bvgstaff nis:value=BVGStaff nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=salaryprotest nis:value=SalaryProtest nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hindinews nis:value=HindiNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में लगातार विवादों में घिरे रहने के बाद अब मीडिया से दूरी बना रहे हैं। पिछले दिनों अपने चौड़ाई वाले बयान को लेकर आलोचनाओं का शिकार होने के बाद विजयवर्गीय ने अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देने से किनारा करना शुरू कर दिया है। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे शहर के स्थानीय मुद्दों और पितृ पर्वत से जुड़े सवाल पूछे, तो वे जवाब देने के बजाय खामोश रहे।

विजयवर्गीय ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वे अब इंदौर में मीडिया से बात नहीं करेंगे। पिछले कुछ महीनों में उनके कई बयानों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचाई है, जिसके केंद्र में अक्सर इंदौर ही रहा है। अपने बयानों पर मचे बवाल और विरोधियों के निशाने पर आने के बाद, मंत्री का यह व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indorenews nis:value=IndoreNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=इंदौरnews nis:value=इंदौरNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kailashvijayvargiya nis:value=KailashVijayvargiya nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradeshpolitics nis:value=MadhyaPradeshPolitics nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hindinews nis:value=HindiNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। लोकायुक्त पुलिस ने एक भ्रष्ट बाबू को नामांतरण कार्य के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू लंबे समय से किसान से पैसों की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई थी।

लोकायुक्त टीम ने इस मामले में करीब 15 दिनों तक योजनाबद्ध तरीके से निगरानी रखी। बुधवार को जैसे ही आरोपी बाबू ने किसान से <nis:link nis:type=tag nis:id=रिश्वत nis:value=रिश्वत nis:enabled=true nis:link/> की दूसरी किस्त स्वीकार की, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे धर दबोचा। कार्यालय में कार्रवाई की भनक लगते ही हड़कंप मच गया और आरोपी मौके पर ही शर्मिंदगी से अपना सिर झुकाए बैठा रहा।

कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी और अधिकारी इस अचानक हुई कार्रवाई को देखकर सकते में आ गए। फिलहाल लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=बक्सवाहाnews nis:value=बक्सवाहाNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=corruption nis:value=Corruption nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=lokayukta nis:value=Lokayukta nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bakswaha nis:value=Bakswaha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=crimenews nis:value=CrimeNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=upi nis:value=UPI nis:enabled=true nis:link/> को लेकर सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर अब चार्ज लगाया जाएगा और ₹5,000 के भुगतान पर दुकानदार को ₹15 से ₹25 तक देने पड़ सकते हैं। लेकिन फिलहाल इसे पूरी तरह लागू हुआ नियम बताना सही नहीं है। 14 सितंबर 2026 की सरकारी अधिसूचना में ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर द्वारा कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क लगाने पर रोक स्पष्ट की गई है। हालांकि, ₹2,000 से ऊपर के लेनदेन पर कोई निश्चित चार्ज इस अधिसूचना में घोषित नहीं किया गया है।

दरअसल, सरकार ने UPI के बड़े Merchant Transactions पर भविष्य में Merchant Discount Rate यानी <nis:link nis:type=tag nis:id=mdr nis:value=MDR nis:enabled=true nis:link/> लागू करने की गुंजाइश जरूर बनाई है। सरकार के मुताबिक अगर ऐसा शुल्क लगाया जाता है तो यह सीमित श्रेणी के merchant transactions पर होगा और ग्राहकों से UPI इस्तेमाल करने का शुल्क लेने की बात नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन भी मुफ्त रहने की बात सरकार ने स्पष्ट की है।

₹5,000 के भुगतान पर ₹15 से ₹25 का आंकड़ा 0.3 से 0.5 प्रतिशत संभावित MDR की गणना पर आधारित है। लेकिन अभी यह कोई घोषित दर नहीं है। इसलिए फिलहाल सवाल यह है—क्या बड़े UPI Merchant Payments पर भविष्य में MDR लागू होगा? अगर होगा, तो उसकी दर कितनी होगी और भुगतान कौन करेगा?

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में राजस्व और कॉलोनी से जुड़े मामलों में झूठे आवेदन और शिकायतों के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वालों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें एक ही विषय को लेकर थानों और <nis:link nis:type=tag nis:id=cmhelpline nis:value=CMHelpline nis:enabled=true nis:link/> पर बार-बार शिकायतें दर्ज कर संबंधित लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जांच में शिकायत झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाए जाने पर संबंधित शिकायतकर्ता के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री nis:value=मुख्यमंत्री nis:enabled=true nis:link/> ने बताया कि सरकार ने प्रत्येक जिले में कॉलोनी सेल का गठन किया है, जहां सक्षम अधिकारी, एसडीएम, राजस्व निरीक्षक और पटवारी स्तर पर जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व, सर्वे नंबर और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसके बाद भी प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर दस्तावेजों का परीक्षण किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कॉलोनाइजर के साथ-साथ प्लॉट खरीदने वाले आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना और जमीन से जुड़े विवादों को रोकना है।

सीएम मोहन यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई पुलिस अधिकारी झूठी शिकायत के आधार पर किसी कॉलोनाइजर को अनावश्यक रूप से डराता-धमकाता है या कार्रवाई की धमकी देता है, तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग को पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि झूठी शिकायतों के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmdrmohanyadav nis:value=CMDrMohanYadav nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=इंदौर nis:value=इंदौर nis:enabled=true nis:link/> में मेट्रो सेवा के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही किराये को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक करीब 17 किलोमीटर लंबे रूट पर 16 स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवा शुरू हो रही है। इंदौर मेट्रो का औसत किराया करीब ₹4.50 प्रति किलोमीटर बताया गया है। न्यूनतम किराया ₹20 और पूरे रूट का अधिकतम किराया ₹80 रखा गया है। मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी और करीब 15 मिनट के अंतराल पर यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।

किराये की तुलना करें तो <nis:link nis:type=tag nis:id=भोपाल nis:value=भोपाल nis:enabled=true nis:link/> मेट्रो का औसत किराया करीब ₹5.71 प्रति किलोमीटर है, जो सबसे ज्यादा है। इसके बाद इंदौर ₹4.50 प्रति किलोमीटर के साथ दूसरे नंबर पर, जबकि लखनऊ में ₹2.75, दिल्ली में ₹2 और अहमदाबाद में करीब ₹1.50 प्रति किलोमीटर औसत किराया बताया गया है। यानी भोपाल के बाद इंदौर में मेट्रो का सफर देश के प्रमुख शहरों की तुलना में सबसे महंगा है।

हालांकि यात्रियों को कुछ राहत भी मिलेगी। रिटर्न टिकट पर 5 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। डिजिटल टिकटिंग, यूपीआई और क्यूआर कोड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। ऐसे में इंदौर में <nis:link nis:type=tag nis:id=मेट्रो nis:value=मेट्रो nis:enabled=true nis:link/> नेटवर्क के विस्तार से शहरवासियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प तो मिलेगा, लेकिन किराया देश के दूसरे बड़े मेट्रो शहरों की तुलना में ज्यादा होना अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indorenews nis:value=IndoreNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
इंदौर में राहुल गांधी के आयोजन में वंदे मातरम् की मांग करना <nis:link nis:type=tag nis:id=bjp nis:value=BJP nis:enabled=true nis:link/> नेता को पड़ा भारी; वीडियो हुई वायरल

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=indorenews nis:value=IndoreNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vandemataram nis:value=VandeMataram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rahulgandhi nis:value=RahulGandhi nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> की राजधानी <nis:link nis:type=tag nis:id=भोपाल nis:value=भोपाल nis:enabled=true nis:link/> के आंबेडकर मैदान में आदिवासी महिलाएं पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी हैं। सरकार के लिए नौकरी देना या खत्म करना शायद एक सरकारी आदेश भर हो सकता है, लेकिन वनवासी अंचलों से आईं इन पेसा मोबिलाइजर्स युवतियों के लिए यह 4 हजार रुपए की नौकरी केवल रोजी-रोटी नहीं बल्कि उनका आत्मसम्मान और परिवार का सबसे बड़ा सहारा थी। दुर्गम गांवों में तमाम अभावों के बावजूद पढ़ाई पूरी कर समाज के बीच काम करने की उम्मीद संजोने वाली ये बेटियां अब अपने भविष्य को लेकर गहरे संकट में हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=नौकरी nis:value=नौकरी nis:enabled=true nis:link/> छीने जाने के बाद अपनी आवाज हुक्मरानों तक पहुंचाने के लिए ये महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर खुले आसमान के नीचे धरने पर डटी हुई हैं। उनका कहना है कि मानदेय भले ही मामूली था, लेकिन इससे उन्हें अपने समुदाय में बदलाव लाने और आत्मनिर्भर बनने का गौरव हासिल हुआ था। अचानक सेवा समाप्त किए जाने से उनके सामने जीवन यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है। वे सरकार से बहाली और न्याय की गुहार लगा रही हैं, लेकिन अभी तक शासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhopalnews nis:value=BhopalNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=भोपालnews nis:value=भोपालNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=tribalwomenprotest nis:value=TribalWomenProtest nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pesamobilizers nis:value=PesaMobilizers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradeshnews nis:value=MadhyaPradeshNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hindinews nis:value=HindiNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में TET परीक्षा ऑफलाइन कराई जाएगी। इस घोषणा को परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और <nis:link nis:type=tag nis:id=tet nis:value=TET nis:enabled=true nis:link/> को लेकर लंबे समय से असमंजस में चल रहे शिक्षकों के लिए अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के 33 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान भी दिया गया।

<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री nis:value=मुख्यमंत्री nis:enabled=true nis:link/> ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक उत्कृष्ट बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। TET को ऑफलाइन कराने का फैसला ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद TET की अनिवार्यता और परीक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा तेज है। केंद्र सरकार ने भी बताया है कि TET योग्यता हासिल करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई है और पात्र शिक्षकों को अवसर देने के लिए परीक्षा नियमित रूप से कराने की अपेक्षा की गई है। अब CM के ऑफलाइन परीक्षा के ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऑफलाइन TET कब से और किस प्रक्रिया के तहत आयोजित होगी?

👉 TET ऑफलाइन कराने के फैसले पर आपकी क्या राय है? क्या इससे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी? कमेंट में बताइए।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=drmohanyadav nis:value=DrMohanYadav nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में छात्रों और शिक्षक अभ्यर्थियों के बाद अब 9300 जनसेवा मित्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जनसेवा मित्र संगठन ने धरना देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस वादे को पूरा करने की मांग की, जिसमें जनसेवा मित्रों की सेवा निरंतर जारी रखने की बात कही गई थी। सवाल यह है कि जब सरकार के लिए इन युवाओं की सेवाएं चुनाव से पहले जरूरी थीं, तो चुनाव के बाद इन्हें अचानक क्यों हटा दिया गया और आज तक इनकी बहाली क्यों नहीं की गई?

सबसे बड़ा सवाल मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी उठ रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=जनसेवा_मित्रों nis:value=जनसेवा_मित्रों nis:enabled=true nis:link/> का आरोप है कि 9300 पहले से प्रशिक्षित और योजनाओं पर काम कर चुके युवाओं का भविष्य अधर में छोड़कर अब मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत 4865 नए युवाओं की भर्ती की जा रही है। यदि सरकार को युवाओं की सेवाओं की जरूरत है, तो पहले से काम कर चुके जनसेवा मित्रों को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा? भर्ती की गाइडलाइन, चयन प्रक्रिया और इसकी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार क्या जवाब देगी?

जनसेवा मित्रों का कहना है कि सरकार पहले 9300 युवाओं को रोजगार का भरोसा देकर उनके साथ अन्याय कर चुकी है और अब नई भर्ती के जरिए हजारों युवाओं को फिर अस्थायी रोजगार का सपना दिखाया जा रहा है। ऐसे में सवाल सिर्फ 9300 जनसेवा मित्रों की बहाली का नहीं, बल्कि सरकार की युवा रोजगार नीति और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता का भी है। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि नई भर्ती से पहले पुराने जनसेवा मित्रों की सेवा बहाल की जाए और सरकार पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansevamitra nis:value=jansevamitra nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ इन दिनों अपनी अनोखी मुहिम को लेकर चर्चा में हैं। जिस <nis:link nis:type=tag nis:id=अजनार_नदी nis:value=अजनार_नदी nis:enabled=true nis:link/> में कभी प्लास्टिक, कचरे और गंदगी का अंबार लगा था, उसे साफ करने का बीड़ा बिट्टू ने खुद उठाया। 26 जनवरी 2026 से शुरू हुआ उनका यह अभियान धीरे-धीरे एक मिशन बन गया। शुरुआत में कुछ दोस्त साथ आए, लेकिन बाद में बिट्टू ने अकेले ही नदी में उतरकर सफाई का काम जारी रखा। महीनों की मेहनत के बाद नदी की तस्वीर बदलने लगी और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।

<nis:link nis:type=tag nis:id=बिट्टू nis:value=बिट्टू nis:enabled=true nis:link/> की इस पहल की चर्चा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची है। मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उनके पर्यावरण संरक्षण के प्रयास की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। बिट्टू की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े अभियान या संसाधनों का इंतजार करने के बजाय अपने स्तर पर शुरुआत की और लगातार मेहनत से लोगों का ध्यान नदी संरक्षण की ओर खींचा। इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी बिट्टू के प्रयास की सार्वजनिक रूप से तारीफ कर चुके हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bittutabahi nis:value=bittutabahi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=drmohanyadav nis:value=DrMohanYadav nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के सहकारिता विभाग में अधिकारी सुरेश सनवाले के प्रमोशन और रिटायरमेंट को लेकर मामला चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक, सनवाले को 26 अगस्त को पदोन्नति दी गई थी। इसके बाद उन्होंने 31 अगस्त को प्रमोशन वाले पद पर जॉइनिंग की, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि जॉइनिंग के कुछ ही घंटों बाद उसी दिन शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। यानी <nis:link nis:type=tag nis:id=प्रमोशन nis:value=प्रमोशन nis:enabled=true nis:link/> के आदेश से लेकर नए पद पर कार्यभार संभालने और <nis:link nis:type=tag nis:id=रिटायर nis:value=रिटायर nis:enabled=true nis:link/> होने के बीच महज पांच दिन का अंतर रहा।

मामले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि रिटायरमेंट से ठीक पहले प्रमोशन देने की जरूरत क्यों पड़ी और इस प्रक्रिया का वास्तविक उद्देश्य क्या था। खास तौर पर इसलिए भी चर्चा है क्योंकि जिस पद पर 31 अगस्त को जॉइनिंग हुई, उसी पद से उसी शाम सेवानिवृत्ति भी हो गई। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी कम अवधि के लिए पदोन्नति का निर्णय किन नियमों और परिस्थितियों के आधार पर लिया गया।

पूरे मामले में अब यह भी देखा जा रहा है कि पदोन्नति और जॉइनिंग की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं और इसका सेवानिवृत्ति लाभों पर क्या प्रभाव पड़ा। सरकारी प्रक्रिया का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए हुआ या यह महज प्रशासनिक प्रक्रिया थी, इसका जवाब संबंधित विभाग के नियमों और दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
‘शिक्षा सुधार में बाधा न बने सरकार’—राहुल गांधी के संकल्प पर कांग्रेस का बयान

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jitupatwari nis:value=JituPatwari nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
13 दिन से पदवृद्धि की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी प्रियंका सिंह से उमंग सिंघार ने फोन पर बात कर सरकार के सामने मांग रखने का दिलाया भरोसा...देखें! VIDEO

Dr Mohan Yadav | Uday Pratap Singh | CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Umang Singhar Indian National Congress -  Madhya Pradesh | <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmmadhyapradesh nis:value=CMMadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=umangsinghar nis:value=UmangSinghar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 1 सितंबर को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कोई भी चीनी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेगा और किसी भी स्टॉक को प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से ज्यादा समय तक भंडारित नहीं किया जा सकेगा। सभी डीलरों के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने नियमों के पालन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> का मकसद चीनी की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाकर बाजार में पर्याप्त आपूर्ति और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है। वहीं, थोक उपभोक्ताओं—जैसे हलवाई, मिठाई निर्माता, शीतल पेय और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भी स्टॉक की सीमा तय की गई है और उन्हें अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर <nis:link nis:type=tag nis:id=चीनी nis:value=चीनी nis:enabled=true nis:link/> रखने की अनुमति है। हालांकि, इसी बीच केंद्र सरकार ने 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक सामान्य चीनी डीलरों की देशव्यापी स्टॉक सीमा 4 हजार से घटाकर 2 हजार क्विंटल करने का फैसला किया है। ऐसे में आगे मध्य प्रदेश में लागू सीमा को लेकर केंद्र के नए आदेश के अनुरूप स्थिति देखना महत्वपूर्ण होगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=govindsinghrajput nis:value=GovindSinghRajput nis:enabled=true nis:link/>
एक जैसे अंदाज में मोहन-शिवराज… क्या कहते हैं आप?

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjpkarysamiti nis:value=bjpkarysamiti nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=orchhanews nis:value=OrchhaNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी: nis:value=निवाड़ी: nis:enabled=true nis:link/> झांसी-खजुराहो हाईवे पर प्रतापपुरा के पास नाराई चौकी स्थित <nis:link nis:type=tag nis:id=rto nis:value=RTO nis:enabled=true nis:link/> चेकिंग पॉइंट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 14-15 अगस्त की दरमियानी रात चेकिंग के दौरान ट्रक को रोकने के प्रयास में तेज रफ्तार दूसरी गाड़ी से भिड़ंत हो गई। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आरोप है कि हादसे के बाद RTO का अमला मौके से चला गया।

इस हादसे ने करीब एक महीने पहले '<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala' nis:value=BreakingNewsWala' nis:enabled=true nis:link/> की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उस दौरान एक ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया था कि RTO अमला अचानक ट्रक के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहन रोकता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी ग्राउंड रिपोर्ट में चेकिंग के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी LIVE कैमरे पर सामने आए थे। मार्च में 'ब्रेकिंग न्यूज़ वाला' ने RTO की कथित गुलाबी पर्ची को लेकर खबर की थी। जुलाई में दोबारा ग्राउंड रिपोर्ट करने पर पर्ची का रंग गुलाबी से नीला मिला, लेकिन आरोप था कि कथित वसूली की व्यवस्था जारी है। इन आरोपों के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठे।

जुलाई में जब टीम ने मौके पर मौजूद RTO कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए तो कर्मचारियों ने टीम पर बदतमीजी के आरोप लगाए और पुलिस में आवेदन दिया। इसके बाद भी चेकिंग पॉइंट की कार्यप्रणाली पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। अब उसी स्थान पर दोबारा हादसा होने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि हाईवे पर चेकिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या वाहनों को रोकने के लिए लगाई जा रही बैरिकेडिंग सुरक्षित है? हादसे के बाद चेकिंग अमला मौके पर क्यों नहीं रहा?

मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग चेकिंग पॉइंट की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराएगा या नहीं। खासकर यह कि हादसे के समय वाहन रोकने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और मौके पर मौजूद RTO अमले की क्या भूमिका थी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=भारत nis:value=भारत nis:enabled=true nis:link/> में जल्द ही ₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों का ट्रायल शुरू हो सकता है। केंद्र सरकार ने दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने <nis:link nis:type=tag nis:id=राज्यसभा nis:value=राज्यसभा nis:enabled=true nis:link/> में लिखित जवाब के जरिए इसकी जानकारी दी।

इन नोटों को BOPP (बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन) जैसी मजबूत सिंथेटिक सामग्री से तैयार किया जाएगा। पॉलीमर नोट कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होंगे और पानी, बारिश, पसीने व गंदगी से आसानी से खराब नहीं होंगे।

पॉलीमर <nis:link nis:type=tag nis:id=नोटों nis:value=नोटों nis:enabled=true nis:link/> की लंबी उम्र से बार-बार नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने का खर्च भी कम हो सकता है। साथ ही, इनमें मौजूद पारदर्शी विंडो और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जाली नोटों की रोकथाम में मदद कर सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत कई देशों में पॉलीमर करेंसी पहले से चलन में है। अब भारत में ₹10 और ₹20 के नोटों से इसका ट्रायल शुरू होने की संभावना है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के मंदसौर जिले में <nis:link nis:type=tag nis:id=स्वास्थ्य nis:value=स्वास्थ्य nis:enabled=true nis:link/> विभाग की आउटसोर्स भर्ती को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकार से सिर्फ 66 मल्टी टास्क वर्करों के पदों की मंजूरी मिली थी, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय से कथित तौर पर 318 लोगों को नियुक्ति दे दी गई। अतिरिक्त नियुक्तियों के लिए शासन की अनुमति और बजट स्वीकृति नहीं होने का भी आरोप है।

मामला सामने आने के बाद तत्कालीन <nis:link nis:type=tag nis:id=सीएमएचओ nis:value=सीएमएचओ nis:enabled=true nis:link/> डॉ. गोविंद सिंह चौहान को निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश में उनके भतीजे जयदीप की भूमिका का भी जिक्र है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसों की मांग की गई और जयदीप द्वारा कथित तौर पर पैसों की डील किए जाने की शिकायतें सामने आईं।

मामला तब खुलना शुरू हुआ जब नियुक्त किए गए कई लोगों को कई महीनों तक वेतन नहीं मिला। इसके बाद अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने <nis:link nis:type=tag nis:id=कलेक्टर nis:value=कलेक्टर nis:enabled=true nis:link/> कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की। कुछ लोगों ने नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए दिए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

वहीं, आउटसोर्स एजेंसी के संचालक ने कहा है कि विभाग के कहने पर नियुक्तियां की गईं और यदि एजेंसी के लेटरहेड या सील का दुरुपयोग कर अतिरिक्त नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं तो यह गलत है। दूसरी ओर, निलंबित सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार बताया है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि 66 स्वीकृत पदों के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां किसके आदेश पर हुईं और कथित पैसों के लेन-देन में किसकी भूमिका थी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की भर्ती प्रक्रिया <nis:link nis:type=tag nis:id=आरक्षण nis:value=आरक्षण nis:enabled=true nis:link/> रोस्टर के पेंच में फंस गई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने 5 अगस्त को समूह-02, उपसमूह-04 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया और 6 अगस्त को परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया था। इसमें खंड <nis:link nis:type=tag nis:id=पंचायत nis:value=पंचायत nis:enabled=true nis:link/> अधिकारी के 5, पंचायत समन्वय अधिकारी के 311, डेटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) के 3 और पंचायत समन्वय अधिकारी के 54 बैकलॉग पद शामिल थे। सितंबर 2026 में इन पदों के लिए परीक्षा प्रस्तावित थी।

लेकिन विज्ञापन जारी होने के बाद पंचायत राज संचालनालय ने आरक्षण रोस्टर में गलती सामने आने का हवाला देते हुए ESB को पत्र भेजकर इन पदों को शून्य मानते हुए भर्ती सूचना निरस्त और डिनोटिफाई करने का अनुरोध किया है। बताया गया है कि बैकलॉग भर्ती में SC और ST वर्ग के निर्धारित पदों से अधिक नियुक्तियां पहले ही हो चुकी हैं। वहीं, 2 जुलाई 2019 के बाद लागू नए आरक्षण रोस्टर के प्रावधानों के अनुसार अब पदों का नए सिरे से निर्धारण जरूरी बताया जा रहा है।

ऐसे में बड़ा सवाल है—जब रोस्टर में बदलाव और पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी, तो भर्ती का विज्ञापन और परीक्षा कार्यक्रम पहले ही क्यों जारी कर दिया गया? अब अभ्यर्थियों की तैयारी और उनके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के हवाई नक्शे में रविवार से 4 नए सीधे हवाई रूट जुड़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 अगस्त को राजा भोज एयरपोर्ट से इन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता रूट शामिल हैं। इन सेवाओं का संचालन अलायन्स एयर करेगी।

राज्य सरकार मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत इन रूट्स को वित्तीय सहायता भी देगी। प्रत्येक राउंड ट्रिप पर ₹10 लाख तक की <nis:link nis:type=tag nis:id=vgf nis:value=VGF nis:enabled=true nis:link/> यानी Viability Gap Funding का प्रावधान है। आसान भाषा में कहें तो एयरलाइन की कमाई और संचालन खर्च के बीच जो अंतर रह जाएगा, उसे पूरा करने के लिए सरकार आर्थिक मदद दे सकती है। यानी उड़ान एयरलाइन की, लेकिन ‘गैप’ भरने में सरकार का भी सहारा रहेगा।

भोपाल-पटना उड़ान को लेकर भी खास उम्मीदें हैं। सरकार का कहना है कि इससे मध्यप्रदेश और बिहार के बीच सीधा हवाई संपर्क मजबूत होगा और प्रदेश में रहने वाली बिहार की बड़ी आबादी को पटना आने-जाने में सुविधा मिलेगी। वहीं रीवा-जबलपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान से विंध्य और महाकौशल का पूर्वी भारत से संपर्क बेहतर होगा, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> का दावा है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बड़े शहरों के साथ छोटे और क्षेत्रीय शहरों का सीधा संपर्क बढ़ने से कारोबार, विद्यार्थियों और पर्यटकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन सवाल है कि आखिर सरकार ₹10 लाख तक की VGF क्यों दे रही है? आइए बताते हैं, क्या है VGF और यह कैसे काम करती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/>