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‘शिक्षा सुधार में बाधा न बने सरकार’—राहुल गांधी के संकल्प पर कांग्रेस का बयान

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jitupatwari nis:value=JituPatwari nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
13 दिन से पदवृद्धि की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी प्रियंका सिंह से उमंग सिंघार ने फोन पर बात कर सरकार के सामने मांग रखने का दिलाया भरोसा...देखें! VIDEO

Dr Mohan Yadav | Uday Pratap Singh | CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Umang Singhar Indian National Congress -  Madhya Pradesh | <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmmadhyapradesh nis:value=CMMadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=umangsinghar nis:value=UmangSinghar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 1 सितंबर को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कोई भी चीनी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेगा और किसी भी स्टॉक को प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से ज्यादा समय तक भंडारित नहीं किया जा सकेगा। सभी डीलरों के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने नियमों के पालन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> का मकसद चीनी की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाकर बाजार में पर्याप्त आपूर्ति और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है। वहीं, थोक उपभोक्ताओं—जैसे हलवाई, मिठाई निर्माता, शीतल पेय और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भी स्टॉक की सीमा तय की गई है और उन्हें अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर <nis:link nis:type=tag nis:id=चीनी nis:value=चीनी nis:enabled=true nis:link/> रखने की अनुमति है। हालांकि, इसी बीच केंद्र सरकार ने 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक सामान्य चीनी डीलरों की देशव्यापी स्टॉक सीमा 4 हजार से घटाकर 2 हजार क्विंटल करने का फैसला किया है। ऐसे में आगे मध्य प्रदेश में लागू सीमा को लेकर केंद्र के नए आदेश के अनुरूप स्थिति देखना महत्वपूर्ण होगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=govindsinghrajput nis:value=GovindSinghRajput nis:enabled=true nis:link/>
एक जैसे अंदाज में मोहन-शिवराज… क्या कहते हैं आप?

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjpkarysamiti nis:value=bjpkarysamiti nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=orchhanews nis:value=OrchhaNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी: nis:value=निवाड़ी: nis:enabled=true nis:link/> झांसी-खजुराहो हाईवे पर प्रतापपुरा के पास नाराई चौकी स्थित <nis:link nis:type=tag nis:id=rto nis:value=RTO nis:enabled=true nis:link/> चेकिंग पॉइंट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 14-15 अगस्त की दरमियानी रात चेकिंग के दौरान ट्रक को रोकने के प्रयास में तेज रफ्तार दूसरी गाड़ी से भिड़ंत हो गई। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आरोप है कि हादसे के बाद RTO का अमला मौके से चला गया।

इस हादसे ने करीब एक महीने पहले '<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala' nis:value=BreakingNewsWala' nis:enabled=true nis:link/> की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उस दौरान एक ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया था कि RTO अमला अचानक ट्रक के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहन रोकता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी ग्राउंड रिपोर्ट में चेकिंग के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी LIVE कैमरे पर सामने आए थे। मार्च में 'ब्रेकिंग न्यूज़ वाला' ने RTO की कथित गुलाबी पर्ची को लेकर खबर की थी। जुलाई में दोबारा ग्राउंड रिपोर्ट करने पर पर्ची का रंग गुलाबी से नीला मिला, लेकिन आरोप था कि कथित वसूली की व्यवस्था जारी है। इन आरोपों के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठे।

जुलाई में जब टीम ने मौके पर मौजूद RTO कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए तो कर्मचारियों ने टीम पर बदतमीजी के आरोप लगाए और पुलिस में आवेदन दिया। इसके बाद भी चेकिंग पॉइंट की कार्यप्रणाली पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। अब उसी स्थान पर दोबारा हादसा होने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि हाईवे पर चेकिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या वाहनों को रोकने के लिए लगाई जा रही बैरिकेडिंग सुरक्षित है? हादसे के बाद चेकिंग अमला मौके पर क्यों नहीं रहा?

मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग चेकिंग पॉइंट की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराएगा या नहीं। खासकर यह कि हादसे के समय वाहन रोकने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और मौके पर मौजूद RTO अमले की क्या भूमिका थी।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=भारत nis:value=भारत nis:enabled=true nis:link/> में जल्द ही ₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों का ट्रायल शुरू हो सकता है। केंद्र सरकार ने दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने <nis:link nis:type=tag nis:id=राज्यसभा nis:value=राज्यसभा nis:enabled=true nis:link/> में लिखित जवाब के जरिए इसकी जानकारी दी।

इन नोटों को BOPP (बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन) जैसी मजबूत सिंथेटिक सामग्री से तैयार किया जाएगा। पॉलीमर नोट कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होंगे और पानी, बारिश, पसीने व गंदगी से आसानी से खराब नहीं होंगे।

पॉलीमर <nis:link nis:type=tag nis:id=नोटों nis:value=नोटों nis:enabled=true nis:link/> की लंबी उम्र से बार-बार नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने का खर्च भी कम हो सकता है। साथ ही, इनमें मौजूद पारदर्शी विंडो और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जाली नोटों की रोकथाम में मदद कर सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत कई देशों में पॉलीमर करेंसी पहले से चलन में है। अब भारत में ₹10 और ₹20 के नोटों से इसका ट्रायल शुरू होने की संभावना है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के मंदसौर जिले में <nis:link nis:type=tag nis:id=स्वास्थ्य nis:value=स्वास्थ्य nis:enabled=true nis:link/> विभाग की आउटसोर्स भर्ती को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकार से सिर्फ 66 मल्टी टास्क वर्करों के पदों की मंजूरी मिली थी, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय से कथित तौर पर 318 लोगों को नियुक्ति दे दी गई। अतिरिक्त नियुक्तियों के लिए शासन की अनुमति और बजट स्वीकृति नहीं होने का भी आरोप है।

मामला सामने आने के बाद तत्कालीन <nis:link nis:type=tag nis:id=सीएमएचओ nis:value=सीएमएचओ nis:enabled=true nis:link/> डॉ. गोविंद सिंह चौहान को निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश में उनके भतीजे जयदीप की भूमिका का भी जिक्र है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसों की मांग की गई और जयदीप द्वारा कथित तौर पर पैसों की डील किए जाने की शिकायतें सामने आईं।

मामला तब खुलना शुरू हुआ जब नियुक्त किए गए कई लोगों को कई महीनों तक वेतन नहीं मिला। इसके बाद अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने <nis:link nis:type=tag nis:id=कलेक्टर nis:value=कलेक्टर nis:enabled=true nis:link/> कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की। कुछ लोगों ने नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए दिए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

वहीं, आउटसोर्स एजेंसी के संचालक ने कहा है कि विभाग के कहने पर नियुक्तियां की गईं और यदि एजेंसी के लेटरहेड या सील का दुरुपयोग कर अतिरिक्त नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं तो यह गलत है। दूसरी ओर, निलंबित सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार बताया है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि 66 स्वीकृत पदों के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां किसके आदेश पर हुईं और कथित पैसों के लेन-देन में किसकी भूमिका थी।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की भर्ती प्रक्रिया <nis:link nis:type=tag nis:id=आरक्षण nis:value=आरक्षण nis:enabled=true nis:link/> रोस्टर के पेंच में फंस गई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने 5 अगस्त को समूह-02, उपसमूह-04 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया और 6 अगस्त को परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया था। इसमें खंड <nis:link nis:type=tag nis:id=पंचायत nis:value=पंचायत nis:enabled=true nis:link/> अधिकारी के 5, पंचायत समन्वय अधिकारी के 311, डेटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) के 3 और पंचायत समन्वय अधिकारी के 54 बैकलॉग पद शामिल थे। सितंबर 2026 में इन पदों के लिए परीक्षा प्रस्तावित थी।

लेकिन विज्ञापन जारी होने के बाद पंचायत राज संचालनालय ने आरक्षण रोस्टर में गलती सामने आने का हवाला देते हुए ESB को पत्र भेजकर इन पदों को शून्य मानते हुए भर्ती सूचना निरस्त और डिनोटिफाई करने का अनुरोध किया है। बताया गया है कि बैकलॉग भर्ती में SC और ST वर्ग के निर्धारित पदों से अधिक नियुक्तियां पहले ही हो चुकी हैं। वहीं, 2 जुलाई 2019 के बाद लागू नए आरक्षण रोस्टर के प्रावधानों के अनुसार अब पदों का नए सिरे से निर्धारण जरूरी बताया जा रहा है।

ऐसे में बड़ा सवाल है—जब रोस्टर में बदलाव और पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी, तो भर्ती का विज्ञापन और परीक्षा कार्यक्रम पहले ही क्यों जारी कर दिया गया? अब अभ्यर्थियों की तैयारी और उनके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के हवाई नक्शे में रविवार से 4 नए सीधे हवाई रूट जुड़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 अगस्त को राजा भोज एयरपोर्ट से इन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता रूट शामिल हैं। इन सेवाओं का संचालन अलायन्स एयर करेगी।

राज्य सरकार मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत इन रूट्स को वित्तीय सहायता भी देगी। प्रत्येक राउंड ट्रिप पर ₹10 लाख तक की <nis:link nis:type=tag nis:id=vgf nis:value=VGF nis:enabled=true nis:link/> यानी Viability Gap Funding का प्रावधान है। आसान भाषा में कहें तो एयरलाइन की कमाई और संचालन खर्च के बीच जो अंतर रह जाएगा, उसे पूरा करने के लिए सरकार आर्थिक मदद दे सकती है। यानी उड़ान एयरलाइन की, लेकिन ‘गैप’ भरने में सरकार का भी सहारा रहेगा।

भोपाल-पटना उड़ान को लेकर भी खास उम्मीदें हैं। सरकार का कहना है कि इससे मध्यप्रदेश और बिहार के बीच सीधा हवाई संपर्क मजबूत होगा और प्रदेश में रहने वाली बिहार की बड़ी आबादी को पटना आने-जाने में सुविधा मिलेगी। वहीं रीवा-जबलपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान से विंध्य और महाकौशल का पूर्वी भारत से संपर्क बेहतर होगा, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> का दावा है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बड़े शहरों के साथ छोटे और क्षेत्रीय शहरों का सीधा संपर्क बढ़ने से कारोबार, विद्यार्थियों और पर्यटकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन सवाल है कि आखिर सरकार ₹10 लाख तक की VGF क्यों दे रही है? आइए बताते हैं, क्या है VGF और यह कैसे काम करती है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री nis:value=मुख्यमंत्री nis:enabled=true nis:link/> डॉ. मोहन यादव ने <nis:link nis:type=tag nis:id=छिंदवाड़ा nis:value=छिंदवाड़ा nis:enabled=true nis:link/> दौरे के दौरान बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्रभारी CMHO, एक <nis:link nis:type=tag nis:id=तहसीलदार nis:value=तहसीलदार nis:enabled=true nis:link/> और एक <nis:link nis:type=tag nis:id=पटवारी nis:value=पटवारी nis:enabled=true nis:link/> को सस्पेंड कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के समय पर निराकरण नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार अधिकारी और जनप्रतिनिधि बैठकों में बैठने के बजाय गांवों और क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे मिलेंगे। मौके पर समस्याओं का समाधान किया जाएगा और जनता की शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया को तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार पिछले ढाई वर्षों में करीब एक लाख भर्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में ढाई लाख नई भर्तियां करने का लक्ष्य रखा गया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=brakingnewswala nis:value=brakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmdrmohanyadav nis:value=CMDrMohanYadav nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने <nis:link nis:type=tag nis:id=upi nis:value=UPI nis:enabled=true nis:link/> ट्रांजैक्शन पर <nis:link nis:type=tag nis:id=mdr nis:value=MDR nis:enabled=true nis:link/> को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि MDR यानी Merchant Discount Rate सिर्फ व्यापारियों पर लागू होगा, आम UPI ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

वित्त मंत्री के मुताबिक, UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों को इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। वहीं, MDR से मिलने वाले शुल्क के जरिए बैंक और फिनटेक कंपनियां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पेमेंट सिक्योरिटी को और मजबूत करने में निवेश कर सकेंगी।

यानी UPI से पेमेंट करने वाले आम यूजर्स के लिए फिलहाल राहत की बात है—उनकी जेब पर अतिरिक्त चार्ज का बोझ नहीं पड़ेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक दिन पहले (7 अगस्त) मध्यप्रदेश BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो लोकसभा से सांसद वीडी शर्मा ने PM मोदी से मुलाकात की तस्वीरें साझा की थीं। इनमें PM मोदी के साथ टेबल पर हुई One-to-One मुलाकात की तस्वीरों की चर्चा मप्र में खूब रही थी।

अब 8 अगस्त को राघव चड्ढा ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। खास बात यह है कि राघव चड्ढा की पोस्ट में भी <nis:link nis:type=tag nis:id=pm nis:value=PM nis:enabled=true nis:link/> मोदी के साथ One-to-One बातचीत की तस्वीर सामने आई है। लगातार दो दिनों में सामने आई इन तस्वीरों ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन मुलाकातों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी मंत्रिमंडल में जल्द कोई बड़ा बदलाव होने वाला है? क्या BJP कुछ नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है? और क्या राघव चड्ढा की PM मोदी से यह मुलाकात किसी बड़ी राजनीतिक भूमिका का संकेत है? हालांकि, इन अटकलों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल इतना जरूर है कि <nis:link nis:type=tag nis:id=vdsharma nis:value=VDSharma nis:enabled=true nis:link/> और <nis:link nis:type=tag nis:id=raghavchadha nis:value=RaghavChadha nis:enabled=true nis:link/> —दोनों की PM मोदी के साथ One-to-One तस्वीरों ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। अब इन मुलाकातों के पीछे की वजह और आने वाले दिनों में सामने आने वाले राजनीतिक फैसलों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=modimantrimandal nis:value=ModiMantrimandal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=narendramodi nis:value=NarendraModi nis:enabled=true nis:link/>
दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लगातार अहम मुलाकातें; मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास से शिष्टाचार भेंट की।

लेकिन सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई मुलाकात को लेकर है। दतिया उपचुनाव के परिणाम के बाद हुई यह मुलाकात कई तरह की राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रही है।

क्या मध्य प्रदेश भाजपा में जल्द कोई बड़ा संगठनात्मक या राजनीतिक फैसला हो सकता है?
क्या दिल्ली में हुई यह बैठक आने वाले बदलावों का संकेत है?

फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय जरूर बन गया है।

देखिए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे की खास तस्वीरें।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में बस से सफर करना अब महंगा हो गया है। परिवहन विभाग ने बस किराए में बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें लागू कर दी हैं। नई व्यवस्था के तहत बस ऑपरेटर अब यात्रियों से अधिकतम 2 रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल सकेंगे। बस ओनर्स एसोसिएशन का कहना है कि लंबी दूरी के रूटों पर किराया 55 से 60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

एसोसिएशन के मुताबिक, जहां पहले किसी रूट का किराया 400 रुपये था, अब वही बढ़कर 600 से 700 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, 100 किलोमीटर के सफर पर पहले करीब 125 रुपये लगते थे, जो अब बढ़कर करीब 200 रुपये हो सकते हैं। यानी यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

बताया जा रहा है कि 7 अगस्त से प्रस्तावित बस हड़ताल की चेतावनी के बाद सरकार ने यह फैसला लिया। हालांकि, बस ऑपरेटरों की अन्य मांगों, जैसे निजी बसों को नए रूटों पर परमिट देने और बसों की संचालन अवधि 15 से बढ़ाकर 20 साल करने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpgovernment nis:value=MPGovernment nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpbreakingnews nis:value=MPBreakingNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> की लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। योजना की लाभार्थी सूची से करीब 7 लाख महिलाओं के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि नए नाम फिलहाल नहीं जोड़े जा रहे हैं। इससे योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।

सरकार के मुताबिक, जिन महिलाओं की उम्र 60 साल पूरी हो गई है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने स्वेच्छा से योजना छोड़ी है, या जिनके आधार और समग्र आईडी के डेटा में गड़बड़ी पाई गई है, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। कई मामलों में पात्रता खत्म होने के कारण भी लाभ बंद किया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि केवल अपात्र महिलाओं के नाम ही हटाए जा रहे हैं और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। हालांकि, नए आवेदन नहीं जुड़ने और लगातार नाम कटने से योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ladlibehnayojanamp nis:value=ladlibehnayojanamp nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि पहले चरण में प्रदेश के 8 जिलों के करीब 500 सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को नई तकनीक से जोड़ना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है।

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि इस पहल से छात्र <nis:link nis:type=tag nis:id=ai nis:value=AI nis:enabled=true nis:link/> तकनीक को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और आधुनिक तकनीक का उपयोग सीखेंगे। इसके साथ ही सरकार 60 नए संदीपनी स्कूल विकसित करेगी। वहीं, लगातार तीन साल तक बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाले 100 प्राचार्यों को 1-1 लाख रुपये की सम्मान राशि और <nis:link nis:type=tag nis:id=स्कूल nis:value=स्कूल nis:enabled=true nis:link/> के विकास के लिए 5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही आने वाले समय में शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती शुरू करने का ऐलान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

इसके साथ ही <nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों के लिए नई प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। जिन स्कूलों का लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम रहेगा, उनके प्राचार्यों को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही स्कूल के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने ग्रुप-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 के तहत कुल 2306 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए राज्य के 61 सरकारी विभागों और संस्थानों में नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार 18 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 23 अगस्त है। परीक्षा 22 सितंबर 2026 से दो पालियों में आयोजित होगी।

इस भर्ती में सबसे ज्यादा 530 पद सहायक उप निरीक्षक, 373 पद पंचायत राज संचालनालय, 118 पद एमपी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन, 105 पद आयुक्त सहकारिता और 88 पद महिला एवं बाल विकास विभाग में भरे जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों, नगर निगमों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और कई अन्य सरकारी संस्थानों में डेटा एंट्री ऑपरेटर, लेखापाल, सोशल वर्कर और अन्य पदों पर भी भर्ती होगी। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए पटवारी के 200 पद भी आरक्षित किए गए हैं।

आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 500 रुपये, जबकि मध्य प्रदेश के SC, ST, OBC, EWS और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 250 रुपये रखा गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करें और परीक्षा से पहले आधिकारिक सिलेबस व दिशा-निर्देश जरूर पढ़ लें।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpemployeesselectionboard nis:value=mpemployeesselectionboard nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=दतिया nis:value=दतिया nis:enabled=true nis:link/> विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक के सभी विभागों और प्रकोष्ठों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

बताया जा रहा है कि यह निर्णय दिल्ली में हुई पार्टी की अहम बैठक के बाद लिया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी मौजूदा इकाइयों को भंग करने के निर्देश दिए हैं। अब पार्टी जल्द ही नए सिरे से संगठन का गठन करेगी और विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों में नई नियुक्तियां की जाएंगी।

कांग्रेस का मानना है कि दतिया उपचुनाव में मिली जीत से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया है। ऐसे में संगठन को और मजबूत बनाने के लिए सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpcongress nis:value=MpCongress nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=incmp nis:value=INCMP nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=दतिया nis:value=दतिया nis:enabled=true nis:link/> उपचुनाव के नतीजों के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नारोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर जो भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है। नारोत्तम मिश्रा ने कहा कि आशुतोष तिवारी उनके अनुज हैं और दोनों के बीच कभी कोई मनमुटाव नहीं रहा। उन्होंने बताया कि हाल ही में दोनों की मुलाकात भी पहले की तरह आत्मीय माहौल में हुई।

नारोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी को भाजपा का कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि वह उन्हें पिछले 25 वर्षों से जानते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आशुतोष संगठन और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद भी आशुतोष तिवारी ने किसी के खिलाफ कोई नाराज़गी नहीं जताई, जो उनके अच्छे संस्कार और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

पूर्व गृह मंत्री ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसा कोई काम या बयान न दें, जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा कायम रहते हैं।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=datianews nis:value=datianews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=narottammishra nis:value=narottammishra nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> सरकार ने बाहर पढ़ाई करने वाले पात्र छात्रों के लिए 'मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना' शुरू की है। इस योजना के तहत गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदाय के छात्र-छात्राओं को किराए के मकान में रहने के लिए हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में पढ़ने वाले छात्रों को ₹2,000 प्रतिमाह, जिला मुख्यालय पर ₹1,250 और तहसील व छोटे कस्बों में ₹1,000 प्रतिमाह तक किराया भत्ता मिलेगा।

योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जो मान्यता प्राप्त संस्थान में पोस्ट-मैट्रिक या उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं, किराए के मकान में रहते हैं और उन्हें सरकारी छात्रावास की सुविधा नहीं मिली है। यदि कोई छात्र शैक्षणिक सत्र में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसका किराया भत्ता बंद कर दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और छात्र एमपीटीएएएस (MPTAAS) पोर्टल पर आधार कार्ड, आय प्रमाण-पत्र और वैध किराया अनुबंध के साथ आवेदन कर सकते हैं।

सरकार का मानना है कि इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़े शहरों में पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। साथ ही कॉलेजों के आसपास किराए के कमरों की मांग बढ़ने की भी संभावना है, जिससे छात्र आवास का बाजार भी मजबूत हो सकता है।
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भोपाल/मुरैना। <nis:link nis:type=tag nis:id=कुशवाह nis:value=कुशवाह nis:enabled=true nis:link/> समाज पर टिप्पणी को लेकर मचे राजनीतिक और सामाजिक विवाद के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पत्र जारी कर अपने शब्द वापस लेते हुए खेद व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि यदि उनके किसी शब्द से समाज के किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं और हुई तकलीफ के लिए खेद प्रकट करते हैं।

तोमर ने पत्र में कहा कि वे हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां चर्चा के दौरान यह बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समाज का अपमान करना नहीं था। उन्होंने लिखा कि "कुशवाह और हम लोग एक-दूसरे के पूरक हैं। मैं जीवनभर कुशवाह समाज का सम्मान करता रहा हूं और जीवन पर्यंत करता रहूंगा।"

गौरतलब है कि <nis:link nis:type=tag nis:id=मुरैना nis:value=मुरैना nis:enabled=true nis:link/> में दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने इसे कुशवाह समाज का अपमान बताते हुए विरोध जताया था और सार्वजनिक माफी की मांग की थी। भाजपा ने पहले बयान को संदर्भ से जोड़कर उसका बचाव किया था।

अब सामने आए इस पत्र में नरेंद्र सिंह तोमर ने साफ शब्दों में लिखा है कि "यदि मेरे किसी शब्द से किसी समाज बंधु को ठेस लगी है, तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं और आप लोगों को जो तकलीफ हुई है, उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।" उनके इस पत्र के बाद इस विवाद पर फिलहाल विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में निजी स्कूलों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अब स्कूलों को मान्यता और नवीनीकरण के लिए छात्र संख्या के आधार पर सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, योग्य शिक्षक, आईसीटी, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य जरूरी सुविधाओं के मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के तहत सभी निजी स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और हर साल 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदनों पर उसी शैक्षणिक सत्र में विचार किया जाएगा। बिना नई मान्यता के कोई भी स्कूल नई शाखा शुरू नहीं कर सकेगा। आवेदन मिलने के बाद अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा।

अगर कोई निजी <nis:link nis:type=tag nis:id=स्कूल nis:value=स्कूल nis:enabled=true nis:link/> नियमों का पालन नहीं करता है, तो पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का जुर्माना, मान्यता निलंबित या रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकेगी। वहीं, मान्यता रद्द होने की स्थिति में स्कूलों को अपील करने का अधिकार भी दिया गया है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रमुख सचिव, राजस्व ई. रमेश कुमार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी <nis:link nis:type=tag nis:id=पटवारी nis:value=पटवारी nis:enabled=true nis:link/> के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज न की जाए। यदि राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर एफआईआर का मामला बनता है, तो पहले पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच कराई जाएगी। जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, <nis:link nis:type=tag nis:id=सरकार nis:value=सरकार nis:enabled=true nis:link/> के इस फैसले के बावजूद प्रदेशभर में पटवारियों की हड़ताल फिलहाल जारी है। पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में ग्रेड पे कम से कम ₹4,200 करना, वेतनमान को पे-लेवल-7 में शामिल करना, शैक्षणिक योग्यता, जिम्मेदारी और बढ़े हुए कार्यभार के अनुरूप वेतनमान तय करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका के अनुरूप मूल्यांकन करना तथा पटवारियों के उत्थान के लिए समान नीतियों के तहत ठोस निर्णय लेना शामिल है। पटवारी संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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भोपाल: <nis:link nis:type=tag nis:id=दतिया nis:value=दतिया nis:enabled=true nis:link/> विधानसभा उपचुनाव के परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश तथा समीक्षा समिति की अनुशंसा पर <nis:link nis:type=tag nis:id=भाजपा nis:value=भाजपा nis:enabled=true nis:link/> जिला दतिया की वर्तमान संगठनात्मक संरचना तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है। आदेश के अनुसार जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभागों सहित जिले की सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।

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