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स्वतंत्र खबर उत्तराखंड

@manishkhugshal
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पौड़ी में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद आक्रोश, निजी अस्पताल का घेराव।

पौड़ी स्थित उत्तरा केयर अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद स्थानीय लोगों और युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित युवाओं ने अस्पताल का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और रैली निकालकर अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
पैदल यात्रा चढ़ाई के दौरान युवती को पड़ा मिर्गी का दौरा, पुलिस कर्मियों की तत्परता से समय पर मिला उपचार, स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित पहुंचाया स्वास्थ्य शिविर, त्वरित सहायता से टली गंभीर स्थिति।
सल्ट से भाजपा विधायक महेश जीना की दादागिरी का वीडियो वायरल, यूकेडी ब्लॉक अध्यक्ष को कहा चर्बी उतार दूंगा तेरी.............

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स्वास्थ्य सेवा सप्ताह के अंतर्गत जिला चिकित्सालय पौड़ी में शुक्रवार से तीन दिवसीय विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर के पहले दिन 424 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाया।

शिविर का शुभारंभ स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जनपद में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें समय और धन दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की।
संसद में परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए विधेयक पारित ।
पौड़ी में संचालित निजी अस्पताल उत्तरा केयर विवादों में आ गया है। मामला एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत से जुड़ा है।परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
 जानकारी के अनुसार, पौड़ी निवासी रजनीश लिंगवाल अपनी गर्भवती पत्नी को मंगलवार को प्रसव के लिए उत्तरा केयर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी, जिस पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें हाई सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि,रास्ते में ही महिला ने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है। मृतका के पति रजनीश लिंगवाल का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में रक्त की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा आवश्यक चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की भी कमी थी,जिसके कारण समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका। रजनीश का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने प्रसव पीड़ा शुरू होने से पहले ही उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने का दबाव बनाया था। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होतीं तो शायद उनकी पत्नी और नवजात की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल की किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।वहीं इस मामले में 
उत्तरा केयर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.जे.पी. चमोला और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु भारती ने घटना पर अस्पताल का पक्ष रखते हुए कहा कि महिला और नवजात को बचाने के लिए चिकित्सकों की टीम ने हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान सभी आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाएं अपनाई गईं, लेकिन नवजात को बचाया नहीं जा सका। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही। गुरुवार को यमकेश्वर विकासखंड के देवराना गांव मेंं गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि गुलदार के डर से उनका घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद डबराल के नेतृत्व में लोगों ने वन विभाग कार्यालय में प्रदर्शन किया। आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। विनोद डबराल ने बताया कि गुलदार अब तक गांव के दर्जनों मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। इसके अलावा ग्रामीण राजेंद्र सिंह, उर्मिला देवी और प्रमिला देवी पर भी हमला कर चुका है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही घटनाओं के बावजूद विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में गश्त बढ़ाने, गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान दीपक, प्रीति देवी, निशा जोशी, बबीता बिष्ट, भगत सिंह, कमलेश ग्वाड़ी, अमित देवरानी, करूणा रावत, नीलम देवी, पिंकी देवी, मनोज ग्वाड़ी, सुनील उनियाल, सुमंती देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेला-2026 के शुभारंभ पर मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) **सर्वेश पंवार** ने मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की ब्रीफिंग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और संवेदनशील व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

एसएसपी ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सजगता, अनुशासन और समर्पण के साथ ड्यूटी निभाएं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रहें। मेला क्षेत्र में स्थापित **70 सीसीटीवी कैमरों** और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जबकि कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा।

कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए जनपद एवं बाहरी जिलों से आए पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी सहित **करीब 1200 अधिकारी-कर्मियों** को **2 जोन और 24 सेक्टरों** में तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था के लिए **23 मोबाइल पार्टियां**, **2 इंटरसेप्टर वाहन**, **5 अस्थायी चौकियां** और **8 खोया-पाया केंद्र** संचालित किए जाएंगे। पुलिस वेलफेयर टीम ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर उनका मनोबल भी बढ़ाएगी।

ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, पीएसी, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
क्या कांग्रेस चौबट्टाखाल से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत को उतारेगी मैदान में।
देहरादून प्रेमनगर नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त अप्रोच वाल का डीएम डॉ आशीष चौहान ने निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर सड़क पर यातायात सुचारू करने के दिए निर्देश।
एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री, अंकतालिकाएं और जाली विश्वविद्यालयीय दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ पौड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में पहले नामजद आरोपी कासिफ कलीम की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि अब पुलिस ने देहरादून के रायपुर क्षेत्र से **देवांश पाण्डेय (20)** को दबोचा है।

मामला 25 मार्च 2026 को सामने आया था, जब एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक **जय सिंह चौहान** ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय के नाम, अंकतालिकाओं, डिग्री प्रारूपों, आधिकारिक मोहरों और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक **सर्वेश पंवार** के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने गहन विवेचना, सूचना संकलन और तकनीकी जांच के बाद देवांश पाण्डेय की संलिप्तता उजागर की। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, फर्जी डिग्री सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेला-2026 के शुभारंभ पर मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) **सर्वेश पंवार** ने मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की ब्रीफिंग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और संवेदनशील व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

एसएसपी ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सजगता, अनुशासन और समर्पण के साथ ड्यूटी निभाएं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रहें। मेला क्षेत्र में स्थापित **70 सीसीटीवी कैमरों** और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जबकि कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा।

कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए जनपद एवं बाहरी जिलों से आए पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी सहित **करीब 1200 अधिकारी-कर्मियों** को **2 जोन और 24 सेक्टरों** में तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था के लिए **23 मोबाइल पार्टियां**, **2 इंटरसेप्टर वाहन**, **5 अस्थायी चौकियां** और **8 खोया-पाया केंद्र** संचालित किए जाएंगे। पुलिस वेलफेयर टीम ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर उनका मनोबल भी बढ़ाएगी।

ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, पीएसी, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने भारी बारिश के कारण देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर प्रेमनगर (नंदा की चौकी) के पास टौंस नदी पर बने नए पुल के एप्रोच मार्ग (पहुंच मार्ग) के आंशिक रूप से धंसने का संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए हैं।

लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर प्रेमनगर (नंदा की चौकी) के पास टौंस नदी पर बना पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह से सुरक्षित है। रिटर्न वाल के एप्रोच में मिट्टी भरान का जो काम किया गया था उसमें अंदर से पानी निकल कर एप्रोच रोड में आ गया जिस वजह से उस स्थान पर कैबेटी बन गई जिसे तुरंत ही भरने का काम शुरू कर दिया गया है।

लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने लोनिवि सचिव और प्रमुख अभियंता को निर्देशित किया है कि शीघ्र ही इसे दुरुस्त कर यातायात के लिए खोल दिया जाये। उन्होंने कहा कि पुल का मुख्य स्ट्रक्चरल डिजाइन पूरी तरह सुरक्षित है, समस्या सिर्फ एप्रोच रोड पर आई है। मौके पर बुलडोजर और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें गड्ढे को भरने और मार्ग को सुचारू करने के काम में जुटी हुई हैं। शीघ्र ही पुल को यातायात हेतु दोबारा शुरू कर दिया जायेगा।
देहरादून प्रेमनगर नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त अप्रोच वाल का डीएम डॉ आशीष चौहान ने निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर सड़क पर यातायात सुचारू करने के दिए निर्देश।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों पर एक अगस्त से कोटद्वार के शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट एवं बास्केटबॉल तथा पौड़ी के रांसी स्टेडियम में वॉलीबॉल का नियमित प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। खेलो इंडिया योजना की गाइडलाइन के तहत प्रशिक्षित कोचों की नियुक्ति की जा रही है। साथ ही खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अपने ही जनपद में गुणवत्तापूर्ण एवं उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा।
जिलाधिकारी ने पूर्व में कोटद्वार स्थित शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम एवं पौड़ी के रांसी स्टेडियम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं, आधारभूत ढांचे तथा प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की थी। निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं स्थानीय खेल प्रेमियों ने नियमित प्रशिक्षकों की नियुक्ति, पर्याप्त खेल सामग्री उपलब्ध कराने तथा व्यवस्थित प्रशिक्षण शिविर संचालित करने का सुझाव दिया।
जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि एक अगस्त से प्रशिक्षण सत्र नियमित रूप से शुरू हो जाएंगे। प्रशिक्षित कोच खिलाड़ियों को खेलों की तकनीकी बारीकियों, फिटनेस, अनुशासन एवं प्रतियोगी रणनीतियों का प्रशिक्षण देंगे। नियमित अभ्यास, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक खेल सामग्री की उपलब्धता से खिलाड़ियों के कौशल में निखार आएगा तथा उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि क्रिकेट एवं बास्केटबॉल प्रशिक्षण के इच्छुक खिलाड़ी एक अगस्त से शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम, कोटद्वार तथा वॉलीबॉल प्रशिक्षण के इच्छुक खिलाड़ी रांसी स्टेडियम, पौड़ी में अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
देहरादून को विकासनगर और हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाला नंदा की चौकी का नवनिर्मित पुल तेज बारिश में क्षतिग्रस्त होकर बह गया।
सौंग नदी में आए तेज बहाव के कारण पुल धंसने से देहरादून-विकासनगर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों ने सरकार और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसी के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की जा रही है।
क्या कांग्रेस चौबट्टाखाल से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत को उतारेगी मैदान में।
भारी वर्षा के अलर्ट के मद्देनजर 28 जुलाई को जनपद के सभी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

पूर्व निर्धारित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पूरक/परीक्षाफल सुधार परीक्षाएं होंगी यथावत।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 28 जुलाई को जनपद पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा एवं आकाशीय बिजली की संभावना के मद्देनजर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। हालांकि पूर्व निर्धारित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पूरक/परीक्षाफल सुधार परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत आयोजित की जाएंगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मंगलवार, 28 जुलाई, 2026 को कक्षा 1 से 12 तक संचालित जनपद के सभी शैक्षणिक संस्थानों एवं समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि संभावित भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा नदी-नालों एवं गदेरों में तेज जलप्रवाह की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं तथा मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशन में चलाए जा रहे **"ऑपरेशन प्रहार"** के तहत देवप्रयाग पुलिस ने 10.33 ग्राम स्मैक के साथ दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब **3 लाख रुपये** बताई गई है। तस्करी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने सीज कर दिया है।
श्री केदारनाथ धाम में रविवार को एक तीर्थयात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने पर रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची और प्राथमिक उपचार देते हुए यात्री को विवेकानंद हॉस्पिटल, केदारनाथ पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार के बाद यात्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके बाद यात्री को हेलीकॉप्टर के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स, ऋषिकेश उपचार के लिए भेज दिया गया।यात्री की पहचान राम प्रकाश यादव उम्र 66 वर्ष , निवासी बिहार के रूप में हुई है।
परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन।
राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज थल्दा को जाने वाले बिसगढ़ी गदेरे में बनी डाट पुलिया टूटने से बना खतरा, तीन साल से परेशान है छात्र छात्रा और शिक्षक, जान जोखिम में डालकर पहुंच रहे स्कूल ।
सिद्धबली मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के गले से आभूषण चोरी करने वाली दो शातिर महिला टप्पेबाजों को कोटद्वार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से चोरी की एक सोने की चेन और एक लॉकेट बरामद किया गया है।

25 जुलाई को सूचना मिली कि दोनों महिलाएं फिर किसी वारदात की नीयत से सिद्धबली मंदिर क्षेत्र आ रही हैं। इस पर पुलिस ने गुलर पुल, सनेह रोड के पास घेराबंदी कर **पुष्पा रानी** निवासी धनौरा, अमरोहा और **सरोज** निवासी मोहम्मदपुर बछरायूं, अमरोहा (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी की सोने की चेन और लॉकेट बरामद हुआ।

पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि वे मेले, धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में महिलाओं को निशाना बनाती थीं। कीमती आभूषण पहनने वाली महिलाओं का पीछा कर धक्का-मुक्की और भीड़ का फायदा उठाकर चेन या मंगलसूत्र चोरी कर फरार हो जाती थीं।
विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, लैंसडाउन द्वारा आयोजित कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया।
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का गौरवशाली पर्व है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए दुश्मनों को परास्त कर तिरंगे की आन, बान और शान को अक्षुण्ण रखा। यह विजय प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना दिया।

इस अवसर पर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित वीर नारियों में शहीद नायक हरेन्द्र सिंह मेसन (इंजीनियर रेजीमेंट) की धर्मपत्नी श्रीमती रेखा देवी, शहीद राइफलमैन उदल सिंह (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती राजी देवी, शहीद नायक सुरेन्द्र सिंह (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती दयावती देवी, शहीद राइफलमैन भरत सिंह (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती रामेश्वरी देवी, शहीद राइफलमैन भरत सिंह (नागा रेजीमेंट) की धर्मपत्नी श्रीमती नीता रावत, शहीद नायक अनिल सिंह (पैरा रेजीमेंट) की धर्मपत्नी श्रीमती उषा देवी, शहीद हवलदार मदन सिंह (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती जीत देवी, शहीद लांस नायक सुरमन सिंह, सेना मेडल (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती कविता बिष्ट, शहीद राइफलमैन बलवीर सिंह (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती राजेश्वरी देवी तथा शहीद राइफलमैन अनुसूया प्रसाद, वीर चक्र (गढ़वाल राइफल्स) की धर्मपत्नी श्रीमती पिंकी ध्यानी शामिल रहीं। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों का भी सम्मान कर उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया गया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, ब्रिगेडियर बी.एस. नेगी, कर्नल बी.बी. ध्यानी, कर्नल कुंवर अजय सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल बी.एस. गुंसाई, विंग कमांडर बी.एस. रावत, ग्रुप कैप्टन शिव प्रसाद सती, कैप्टन शिवम सती, कैप्टन गजेंद्र मोहन धस्माना, कैप्टन श्रीधर प्रसाद, मेजर जगदीश प्रसाद, सूबेदार मेजर गोपाल दत्त जखमोला, सूबेदार मेजर कुलदीप रावत, सूबेदार मेजर सतीश चंद्र जोशी, सूबेदार मेजर केसर सिंह बिष्ट, कैप्टन हसवंत सिंह, हवलदार कुबेर जलाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, गणमान्य नागरिक, अधिकारीगण, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और प्रदेश की  राजनीति के वरिष्ठ हस्ताक्षर हीरा सिंह बिष्ट का शनिवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार रविवार को देहरादून के नालापानी श्मशान घाट पर किया जाएगा।

हीरा सिंह बिष्ट उत्तराखंड राज्य गठन से पहले से ही कांग्रेस की राजनीति का सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा रहे। राज्य बनने के बाद भी उन्होंने संगठन और  सरकार, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और परिवहन, श्रम तथा तकनीकी शिक्षा जैसे अहम विभागों का दायित्व संभाला। उन्हें सादगी, स्पष्टवादिता और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता था।

तीन बार विधायक रहे
हीरा सिंह बिष्ट उत्तराखंड विधानसभा के तीन बार सदस्य रहे। वर्ष 2002 में उन्होंने राजपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। बाद में डोईवाला विधानसभा क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2007, 2012, 2014 के उपचुनाव, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।