Public App Logo
Profile Picture

स्वतंत्र खबर उत्तराखंड

@manishkhugshal
24724Followers
67Following
रविवार को देवप्रयाग कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के देवस्थानम बोर्ड के पुनर्गठन संबंधी बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। संगम तट पर कार्यकर्ताओं ने त्रिवेंद्र रावत का पुतला फूंका और "त्रिवेंद्र रावत मुर्दाबाद" तथा "भाजपा सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाए।

कांग्रेस का यह विरोध त्रिवेंद्र सिंह रावत के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने देवस्थानम बोर्ड के पुनर्गठन की बात कही थी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने इस दौरान कहा कि देवस्थानम बोर्ड का निर्णय पहले भी प्रदेश की जनता, तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और श्रद्धालुओं के व्यापक विरोध के कारण वापस लेना पड़ा था।

असवाल ने जोर देकर कहा कि इसे दोबारा लागू करने की बात करना उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चारधाम और प्रदेश के प्राचीन मंदिरों पर नियंत्रण स्थापित कर तीर्थ पुरोहितों एवं हक-हकूकधारियों के अधिकारों को समाप्त करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह इस कदम का पुरजोर विरोध करेगी। असवाल ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार देवस्थानम बोर्ड को पुनः लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में संचालित 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण–जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के अंतर्गत रविवार को विकासखंड कल्जीखाल सभागार में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर आमजन की समस्याएं सुनीं, सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया।

कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अशोक वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा शिविर शासन और जनता के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बने हैं। इन शिविरों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

अपर जिलाधिकारी एफ आर चौहान ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त शेष शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से 113 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कुल 45 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

विभागीय गतिविधियों के अंतर्गत कृषि विभाग ने 15 किसानों को पौधे, उर्वरक एवं कृषि यंत्र वितरित किए। रीप/एनआरएलएम के माध्यम से 20 लाभार्थियों को उत्पादन एवं विपणन संबंधी सहयोग प्रदान किया गया। बाल विकास विभाग ने दो लाभार्थियों को अन्नप्राशन एवं महालक्ष्मी किट वितरित की। स्वास्थ्य विभाग ने 35 तथा आयुष विभाग ने 34 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से संबंधित पांच आवेदनों का सत्यापन किया, जबकि राजस्व विभाग ने दो कृषकों को कृषक प्रमाण-पत्र जारी किए। इसके अलावा विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र व्यक्तियों से आवेदन भी प्राप्त किए और उनके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्र नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जहां विश्वविद्यालय ने नकल-विहीन परीक्षा के लिए जैमर लगाए जाने का दावा किया था, वहीं परीक्षा के दौरान करीब एक घंटे तक बिजली बाधित रही। आरोप है कि इस दौरान जैमर निष्क्रिय हो गए और कुछ शिक्षकों के साथ एक अधिकारी की पत्नी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करती दिखाई दीं।
छात्र नेताओं का आरोप है कि यदि बिजली आपूर्ति बाधित होने से जैमर बंद हो गए थे, तो परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की गई। उनका कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह मेधावी अभ्यर्थियों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, ये सभी आरोप छात्र नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहाड़ की बेटी बनीं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट।

उत्तराखंड के चमोली जनपद के नारायणबगड़ ब्लॉक स्थित पालछूनी गांव की बेटी डॉ. आस्था बिष्ट ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट डॉक्टर बनकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उन्हें पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

डॉ. आस्था बिष्ट ने नीट परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक हासिल करने के बाद देश के प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना की मेडिकल सेवा में शामिल होकर लेफ्टिनेंट डॉक्टर के रूप में देशसेवा का दायित्व संभाला।

देशसेवा का जज्बा आस्था को अपने परिवार से विरासत में मिला है। उनके पिता अशोक सिंह बिष्ट भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवारत हैं, जबकि उनके दादा दुर्लभ सिंह बिष्ट पूर्व सैनिक रहे हैं। वहीं, उनके बड़े भाई आर्यन बिष्ट आईआईटी रुड़की से एमटेक करने के बाद वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
देहरादून में पांवटा साहिब राजमार्ग पर प्रेमनगर के पास नंदा की चौकी क्षेत्र में बनी अस्थाई पुलिया भारी बारिश के बीच धंस गई है। इससे एक बार फिर आवाजाही प्रभावित हो गई है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि टौंस नदी पर बना मुख्य पुल पिछले वर्ष 15 सितंबर 2025 को भारी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद यातायात सुचारू रखने के लिए ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई पुलिया का निर्माण किया गया था।

लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण अब यह अस्थाई व्यवस्था भी जवाब दे गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की जा रही है।
ऋषिकेश के फाफरिया पुल क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के दौरान देर रात एक महिला नदी में गिर गई, जिसकी तलाश के लिए एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

जनपद में बारिश के कारण चकराता और विकासनगर क्षेत्र के कई ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इनमें चकराता के लोहनगढ़, सावत, त्यूणी, कोटी-कनासर और जुम्मा डांडा मार्ग, जबकि विकासनगर के बुल्हाड़ी, कुल्हाल, गढ़ौल, तौस सहित कई सड़कें प्रभावित हैं।

प्रशासन का कहना है कि मार्ग खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार अब तक पेयजल आपूर्ति से जुड़ी 22 शिकायतें, जलभराव की 16 शिकायतें और पेड़ गिरने की 15 घटनाएं दर्ज की गई हैं। नगर निगम ने 23 जर्जर भवन चिह्नित किए हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज राजीव गांधी नवोदय विद्यालय स्थित वर्चुअल स्टूडियो से राज्यव्यापी "बीज बम" अभियान का शुभारंभ किया। पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय फलदार वृक्षों के संवर्धन, जैव विविधता के संरक्षण तथा वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के 1,050 से अधिक विद्यालयों में किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

बीज बम संवाद कार्यक्रम-2026 के अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि "बीज बम" अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि  स्थानीय फलदार प्रजातियों के बीजों के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में पर्याप्त खाद्य उपलब्ध कराने का यह अद्वितीय प्रयास, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में भी कमी आएगी।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया  कि प्रत्येक छात्र-छात्रा कम से कम दो बीज बम तैयार कर उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित करें तथा अपने परिवार और समाज को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान जन-जन का अभियान बनेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी परिणाम सामने आएंगे।

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी, बेसिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून गोविंद जायसवाल, हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान ”जाड़ी“ उतरकाशी के संस्थापक द्वारिका प्रसाद सेमवाल  सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कोटद्वार कौड़िया चौराहे से दिल्ली फार्म को जोड़ने वाली इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़क पहली ही बरसात में बदहाली की भेंट चढ़ गई है। तेज बारिश के दौरान हुए पानी के बहाव में सड़क के किनारों की मिट्टी कटने से अधिकांश इंटरलॉकिंग टाइल्स उखड़कर बह गई हैं। इसके चलते पूरा मार्ग रोखड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जबकि भारी वाहनों का आवागमन इस खतरे को और बढ़ा रहा है।
कोटद्वार में सिद्धबली मंदिर के पास पुल के नीचे फंसे दो पशुओं को फायर सर्विस की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से ये पशु पुल के नीचे फंस गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही कोटद्वार फायर यूनिट की टीम तुरंत रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने स्थिति का आकलन किया और बचाव अभियान शुरू किया।

फायर सर्विस के जवानों ने रस्सियों और अन्य आवश्यक उपकरणों की सहायता से जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी अथक प्रयास किया। टीम ने दोनों पशुओं को सकुशल बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

इस रेस्क्यू अभियान में फायरमैन विनोद, फायरमैन योगेश, फायरमैन वंदना और फायरमैन छाया शामिल थे।
अग्निवीर भर्ती अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भर्ती क्षेत्र (यूपी और उत्तराखंड) के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल मनीष कुमार, वाईएसएम, एसएम ने देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन के साथ व्यापक चर्चा की। इस अवसर पर सचिव गृह शैलेश बागौली भी उपस्थित थे। बैठक में भर्ती वर्ष 2027 के लिए जल्द शुरू होने वाली भर्ती रैलियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सहयोगात्मक ढांचे को और मजबूत करने पर बल दिया गया।

चूंकि क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय (यूपी और यूके) देश की सबसे बड़ी भर्ती योग्य आबादी की देखरेख करता है, इसलिए बैठक में सिविल-सैन्य सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया। सेना जब राज्य के दूर-दराज के जिलों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचती है, तो स्थानीय प्रशासन की भूमिका रसद, बुनियादी ढांचे और विभिन्न रैली स्थलों पर उम्मीदवारों की बड़ी संख्या के प्रबंधन के लिए केंद्रीय रहती है।

बातचीत के दौरान एडीजी ने इस बात पर जोर दिया कि यह मिशन केवल चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने का एक साझा प्रयास भी है। चर्चा के दौरान उत्तराखंड की महिला उम्मीदवारों को सशस्त्र बलों में सेवा के लिए अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

एडीजी ने जून 2026 में आयोजित सीईई के संचालन के दौरान राज्य द्वारा दिए गए ठोस प्रशासनिक सहयोग के लिए सेना की सराहना भी की।
गुमखाल सतपुली हाईवे पर एक और हादसा, मल्ली सतपुली के निकट वन विभाग गेस्ट हाउस के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से सब्जी ट्रक उसकी चपेट में आ गया। हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लदा सामान सड़क पर बिखर गया।
चालक सुरक्षित।
लगातार हो रही बारिश के चलते सतपुली बांघाट रोड पर इंटर कॉलेज गेट के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। जिससे यातायात मार्ग बाधित हो गया।
पहाड़ का ऐसा विधायक भी, 9 साल से अपने निजी खर्च पर टॉपर छात्रों को करा रहे 'भारत दर्शन', इस बार CM धामी और योगी से भी होगी मुलाकात।
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी की अनूठी पहल, सितंबर में मेधावी छात्र करेंगे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक व लोकतांत्रिक संस्थानों का भ्रमण
गंगोत्री नेशनल हाईवे पर नालूपाणी के पास लगातार पथ्थर आ रहे है मार्ग खोलने का काम जारी है वहीं स्यानाचट्टी के पास कल से भूस्खलन के कारण सडक बन्द है जिसको खोलने के लिए एन एच बडकोट की टीम लगी हुई है वर्तमान मे यात्रियों को पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानो पर रोका हुआ है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण पर लगी रोक हटाए जाने के बाद राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कोटद्वार की स्थानीय विधायक तथा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण के सतत प्रयासों एवं निर्देशों के क्रम में वन विभाग ने इस मार्ग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को कार्यदायी संस्था नामित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

लंबे समय से क्षेत्र की जनता इस सड़क के निर्माण की मांग कर रही थी। वहीं पिछले तीन दिन से सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार परवीन थापा मार्ग की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। 

इस निर्णय के साथ ही सड़क निर्माण से संबंधित प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मार्ग के निर्माण से कोटद्वार का हरिद्वार एवं देहरादून से सीधा संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, सामाजिक गतिविधियों एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी और अत्यंत महत्वपूर्ण मांग रही है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए हैं तथा राज्य सरकार ने भी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में इस परियोजना का पक्ष पूरी गंभीरता और प्रभावी ढंग से रखा, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने सड़क निर्माण पर लगी रोक हटाकर इस महत्वपूर्ण परियोजना का मार्ग प्रशस्त किया।
वर्षा से पूर्व जल निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि वर्षा के दौरान वार्ड नंबर-16 सिताबपुर कंडवाल मोहल्ले के कई घरों में वर्षा का भारी भर गया। जिसके कारण घरों में रहने वाले परिवार पूरी रात जागते रहे। गुरुवार सुबह वर्षा कम होने पर मोहल्ले की सड़के तालाब में तब्दील नजर आई।
वर्षा काल से पूर्व नगर निगम की ओर से शहर में वर्षा जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाती है। इसके लिए बकायदा सड़कों व गली मोहल्लों में नालों की सफाई की जाती है। लेकिन, अधिकांश वार्डों में पेयजल निकासी के लिए नालियां ही नजर नहीं आ रही। नतीजा, वर्षाकाल में वार्डवासियों की चुनौती बढ़ने लगी है। आंचल दूध डेयरी के समीप कंडवाल मोहल्ले में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनके वार्ड में वर्षा जल निकासी के लिए नाली होने होने के कारण पानी घरों में घुस रहा है। वार्डवासी राम स्वरूप बुड़ाकोटी, आरपी गौड़, मदन मोहन कोठारी व रमेश पंवार ने बताया कि बुधवार रात उनके घरों में वर्षा का पानी घुस गया। पूरा परिवार पानी को साफ करने में ही जुटा रहा। वार्ड की सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों व बुजुर्गों को हो रही है। वार्डवासियों ने नगर निगम से समस्या के निराकरण की मांग की है।
लगातार बारिश पर जिलाधिकारी का त्वरित एक्शन, आपदा परिचालन केंद्र से संभाली कमान, सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश, सड़क, बिजली, पेयजल और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की पल-पल की समीक्षा।
बारिश के बीच मुख्यालय में जलभराव वाले क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण।
थाना धुमाकोट पुलिस ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में धुमाकोट पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें कि सोनू उर्फ तोफीक जो रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर ट्रक चालक है। जिसके द्वारा अपने फेसबुक स्टेटस पर एक आपत्तिजनक और संवेदनशील फोटो पोस्ट की थी, जिससे स्थानीय जनता की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
जनता की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए धुमाकोट पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस दौरान धुमाकोट थाने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश भी देखने को मिला ।
जिलाधिकारी ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 10 जुलाई को जनपद पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा एवं आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। शुक्रवार, 10 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके साथ ही जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा नदी-नालों और गदेरों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपदवासियों से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
सतपुली गुमखाल हाईवे पर बना खतरा, संभलकर करें यात्रा ।
बद्रीनाथ हाईवे श्रीनगर फरासू के पास अवरुद्ध, पहाड़ी से पत्थर मलबा गिरने का खतरा बरक़रार
बद्रीनाथ हाईवे पर श्रीनगर के पास फरासू में भूस्खलन से यातायात मार्ग पूर्ण रूप से बाधित, मार्ग को खोलने का प्रयास जारी ।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय गैण्डखाल में बीते 4 जुलाई को हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज विभागीय जांच टीम चिकित्सालय पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।
युवक मंगल दल नांद मल्ला के अध्यक्ष अनूप सिंह चौहान ने बताया कि पिछले 6-7 महीनों से चिकित्सालय के कार्मिकों से नियमित रूप से ड्यूटी निभाने का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन उनके व्यवहार और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को जब वे चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे और महिला फार्मासिस्ट से उपस्थिति पंजिका का विवरण मांगा, तो इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसी घटना का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
 इस दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग करते हुए डॉक्टर और फार्मासिस्ट के 10 दिनों के भीतर स्थानांतरण की मांग रखी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थानीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
वहीं जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि 4 जुलाई को हुए विवाद की जानकारी मिली है कि महिला फार्मेसी अधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप विवाद हुआ।
उन्होंने बताया कि मल्ला और झेड ग्राम सभा के ग्राम प्रधानों तथा स्थानीय विधायक की ओर से भी शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें चिकित्सालय के कार्मिकों द्वारा नियमित ड्यूटी न निभाने की बात कही गई है। वायरल वीडियो के आधार पर चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है और टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. पांडे ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यूकेडी और उर्मिला सनावर आए आमने सामने सुने क्या कहा दोनों पक्षों ने।
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए सीएम धामी के निर्देश पर शासन ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल के निर्देशानुसार समिति 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी तथा स्वास्थ्य महानिदेशालय के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य नामित किया गया है। समिति को जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों, विशेषज्ञों अथवा अन्य व्यक्तियों से परामर्श एवं सहयोग लेने के साथ ही शासन को आवश्यक सुधारात्मक सुझाव देने के भी निर्देश दिए गए हैं।