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स्वतंत्र खबर उत्तराखंड

@manishkhugshal
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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक दिल दहला देने वाले खबर सामने आ रही है ,जहां पर एक बुजुर्ग महिला को मगरमच्छ ने अपना निवाला बनाया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है वहीं मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र के देवकली सलामत निवासी 70 वर्षीय भजन कौर पत्नी स्वर्गीय महेंद्र सिंह बीते शुक्रवार की शाम रोजमर्रा के कार्य से खकरा नदी के किनारे गई थी। लोगों का कहना है कि इस दौरान नदी में मौजूद एक मगरमच्छ ने उन पर अचानक से हमला कर दिया। इससे पहले की आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते मगरमच्छ महिला को पानी में खींचकर ले गया।

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई और उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। शोर सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे एकत्र हुए जिन्होंने वन विभाग व पुलिस प्रशासन को घटना की सूचना दी।

मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की मदद से नदी में सर्च अभियान शुरू किया। अंधेरा होने के बावजूद कई घंटे तक तलाशी अभियान जारी रहा व काफी मशक्कत के बाद देर रात को महिला का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ के हमले से महिला की मौत होने की बात सामने आई है हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

बताते चलें मृतका भजन कौर के चार बच्चे हैं और सभी विवाहित हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार मृतका के परिजनों को वन्यजीव हमले में मिलने वाली आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाएगा।
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कोटद्वार में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष ने शिरकत की।
सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद् के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट ने विधानसभा चौबट्टाखाल के दो दिवसीय भ्रमण में लिया फीडबैक ।
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रिखणीखाल में आयोजित हुआ उत्तराखंड क्रांति दल का लैंसडाउन विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर जनपद में आयोजित किए जा रहे जनकल्याणकारी शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। विभिन्न विकासखंडों में आयोजित शिविरों में शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से ग्रामीणों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

शनिवार को विकासखंड नैनीडांडा, यमकेश्वर, रिखणीखाल, बीरोंखाल, थलीसैंण तथा नगर निगम श्रीनगर में आयोजित जनकल्याणकारी शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

शिविरों में कुल 294 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 287 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इससे लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड दुगड्डा अंतर्गत कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नं० 1 ग्रास्टानगंज, वार्ड नं० 2 कुम्भीचौड़ एवं वार्ड नं० 3 लालपानी सनेह में विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया।
रसोई गैस सिलिंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच श्रीनगर स्थित आंचल दुग्ध डेयरी का बायोगैस प्लांट क्षेत्र के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। डेयरी परिसर में स्थापित बायोगैस प्लांट लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही नियमित उत्पादन शुरू होने जा रहा है। प्लांट से प्रतिदिन लगभग एक हजार किलो (एक टन) बायोगैस उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

इस प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 400 क्विंटल गोबर की आवश्यकता होगी। इसके लिए डेयरी प्रबंधन ने 32 दुग्ध उत्पादन समितियों के 602 पशुपालकों से संपर्क किया है। डेयरी पशुपालकों से 1.50 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी, जिससे उन्हें दूध के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलेगा।

90 के दशक में स्थापित आंचल दुग्ध डेयरी अब अपनी आय बढ़ाने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। डेयरी परिसर में बने बायोगैस प्लांट का ट्रायल सफल रहा। ट्रायल के दौरान प्लांट से उत्पादित गैस से चूल्हा जलाकर भोजन तैयार किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।

यह श्रीनगर गढ़वाल में पहला अवसर होगा जब व्यवसायिक स्तर पर इतनी बड़ी मात्रा में बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। डेयरी प्रबंधन का मानना है कि यह परियोजना स्थानीय स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी पहल साबित होगी। इससे न केवल रसोई गैस का विकल्प मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सिलिंडर रिफिलिंग सुविधा भी मिलेगी

डेयरी प्रबंधन बायोगैस सिलिंडर रिफिलिंग व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। पहले चरण में 2 किलो और 5 किलो क्षमता के बायोगैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे लोगों को एलपीजी का सस्ता विकल्प मिलेगा और गैस सिलिंडर की किल्लत से राहत मिल सकेगी।

पहले चरण में 18 उपभोक्ताओं को कनेक्शन

उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लांट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि पहले चरण में 18 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जाएंगे। शुरुआत में डेयरी की आवासीय कॉलोनी को पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। साथ ही 300 से 500 मीटर की दूरी तक कनेक्शन विस्तार की योजना पर भी काम चल रहा है।

अर्थव्यवस्था और ऊर्जा दोनों को मिलेगा बल

यह परियोजना “वेस्ट टू एनर्जी” मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। गोबर जैसे जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा तैयार होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आंचल डेयरी का यह मॉडल भविष्य में पूरे क्षेत्र के लिए स्थायी, किफायती और स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था का केंद्र बन सकता है। श्रीनगर के लोगों को जल्द ही सस्ता और पर्यावरण अनुकूल ईंधन मिलने की उम्मीद है।
श्रीनगर शहर में शीघ्र ही सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) किया जाएगा। इसके लिए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के उफरैंखाल में विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के बड़े हिस्से को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

यह निर्देश कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्थाओं एवं समस्याओं की समीक्षा के लिए आयोजित ऊर्जा विभाग की बैठक में दिए। उन्होंने अधिकारियों को श्रीनगर शहर की सभी विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी तथा लोगों को बिजली के खंभों पर झूलते तारों से होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम श्रीनगर को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

बैठक में श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों एवं अस्पतालों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएं। इससे ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बिजली की खपत कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
डॉ. रावत ने बताया कि उफरैंखाल में प्रस्तावित विद्युत सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के दूरस्थ गांवों तक बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे बार-बार आने वाली विद्युत बाधाओं से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को बदलने, आवश्यकता अनुसार पोलों की शिफ्टिंग करने, पुराने एवं अनुपयोगी ट्रांसफार्मरों के स्थान पर नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारू बनाने के निर्देश दिए।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से उनके 6-ए, कृष्णा मेनन मार्ग, नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किए जा रहे एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) बनबसा से संबंधित विषयों पर चर्चा करने के साथ-साथ धीमी गति से चल रहे आईसीपी बनबसा को जोड़ने वाली एप्रोच रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग) के निर्माण की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में एकीकृत चेक पोस्ट बनबसा के विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति प्रभावित होने की आशंका है। 

गृह मंत्री से चर्चा के दौरान  कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उन्हें इस संदर्भ में एक पत्र भी सौंपा जिसमें बताया कि वर्तमान में निर्माण स्थल तक पहुँच हेतु केवल 10 टन क्षमता वाला एक पुल उपलब्ध है, जिसके कारण भारी निर्माण सामग्री एवं मशीनरी के आवागमन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। ऐसे में परियोजना की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने हेतु एप्रोच रोड के निर्माण कार्य में तेजी लायी जानी आवश्यक है। उन्होंने उनसे बनबसा और महेंद्र नगर के बीच बनने वाले ट्राइपॉड के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की।
रुड़की तहसील में 4:30 हजार की रिश्वत लेते पीआरडी कर्मी गिरफ्तार ।
शिकायतकर्ता द्वारा टोल फ्री न0 1064 पर शिकायत की गयी कि संदीप , पी.आर.डी. जो कि कार्यालय तहसीलदार रुड़की के पेशकार का कार्य देख रहा है द्वारा शिकायतकर्ता से उनकी बहिन की भूमि  के दाखिल खारिज को रजिस्टर में चढ़वाने के  एवज में 4500/- रु रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में अभियोग पंजीकृत किया गया तथा पुलिस अधीक्षक सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा ट्रैप टीम का गठन किया गया । ट्रैप टीम द्वारा  पर आज दिनांक  19-6-2026 को संदीप कुमार पुत्र बीरबल निवासी थिथोला थाना मंगलौर हरिद्वार, पी.आर. डी. कर्मी हाल कार्यालय तहसीलदार रूडकी को रिश्वत की मांग  करने व रिश्वत की धनराशि को प्राप्त कर अज्ञात व्यक्ति को दे कर भगा कर साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में तहसीलदार कार्यालय रुड़की से गिरफ्तार किया गया है।
जनपद पौड़ी में एसएसपी सर्वेश पंवार ने उपनिरीक्षक जयपाल सिंह चौहान के कंधों पर तीसरा स्टार सम्मानपूर्वक अलंकृत कर निरीक्षक बनाया।
उपनिरीक्षक जयपाल सिंह चौहान को उनके उत्कृष्ट सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा एवं सराहनीय कार्यों के आधार पर निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया।
एसएसपी पौड़ी ने उनके अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि वे नई जिम्मेदारियों का निर्वहन भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा पुलिस विभाग की गरिमा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
गढ़वाल राइफल्स के रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन में शुक्रवार को आयोजित एक औपचारिक दीक्षांत समारोह में 238 अग्निवीरों को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा ‘डिप्लोमा इन डिफेंस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट’ से सम्मानित किया गया। यह अपनी तरह का एक ऐतिहासिक और पहला अवसर रहा, जिसमें अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ शैक्षणिक उपलब्धि के लिए भी सम्मानित किया गया।

यह डिप्लोमा कार्यक्रम गढ़वाल राइफल्स और एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। इसका उद्देश्य अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक दक्षता और दीर्घकालिक रोजगार क्षमता को मजबूत बनाना है।

पाठ्यक्रम को रक्षा अध्ययन, सुरक्षा प्रबंधन, नेतृत्व कौशल, आपदा प्रतिक्रिया, संचार क्षमता तथा समकालीन सुरक्षा चुनौतियों की समझ विकसित करने के लिए तैयार किया गया है। इस कोर्स के माध्यम से अग्निवीरों को सैन्य सेवा के साथ-साथ आधुनिक पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप भी तैयार किया गया।

इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह पहल भारतीय सेना के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें सैन्य प्रशिक्षण को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ जोड़कर भविष्य के लिए सक्षम और कुशल कार्यबल तैयार किया जा रहा है। 238 अग्निवीरों द्वारा इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना उनके आत्म-विकास, अनुशासन और निरंतर सीखने के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

डिप्लोमा प्राप्त करने से अग्निवीरों की सैन्य सेवा के दौरान पेशेवर क्षमताओं में वृद्धि होगी, साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षणिक योग्यता भी मिलेगी, जिससे उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर में नए अवसर खुलेंगे।

समारोह में जीआरआरसी और एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अग्निवीरों की उपलब्धियों की सराहना की। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर ने दोहराया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा की उभरती चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ समाज के लिए अनुशासित, शिक्षित और सक्षम सैनिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नौगांव कमंदा सतपुली निवासी बालम सिंह ने बताया कि पत्नी और बच्चे मायके जाने के बहाने 13 मई से गायब है ।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के ड्रीम प्रोजेक्ट सतपुली झील निर्माण की स्वीकृति के पश्चात अब उनके विशेष प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत विकासखण्ड बीरोंखाल में स्यूंसी झील जिसकी लागत 12341.56 लाख है की ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया की भी शुरुआत हो चुकी है। 

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि क्षेत्रीय जनता की मांग पर मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद पौडी गढवाल के विकासखण्ड बीरोंखाल में पूर्वी नयार नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय स्यूंसी बैराज, जलाशय निर्माण की योजना भी अब शीघ्र ही धरातल पर उतारने जा रही है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। जनपद मुख्यालय से लगभग 135 किमी० की दूरी पर एन०एच० 121 पर स्यूंसी बाजार के समीप बंगार झूला पुल के डाऊनस्ट्रीम में स्यूंसी बैराज 6 मी० ऊचाई एवं 60 मी0 चौड़ाई में प्रस्तावित है जिसमें 10x6.5मी0 के 6 नं० गेट प्रस्तावित किये गये है। बैराज के निर्माण से लगभग 0.700 किमी0 लम्बाई में झील का निर्माण होगा।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रस्तावित स्यूंसी बैराज का निर्माण सिंचाई, पेयजल, मत्स्य, नौकायन एवं पर्यटन को विकसित करने हेतु किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैराज निर्माण के पश्चात् 44 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा तथा 56 गांवों को निरंतर पेयजल आपूर्ति सम्भव हो सकेगी। बैराज के निर्माण से जल सवर्द्धन एवं जल संरक्षण भी किया जा सकेगा।

कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बताया कि योजना की हाइड्रोलिक एवं स्ट्रेक्चर डिजाइन आई०आई०टी० रुड़की द्वारा उपलब्ध कराया गया है। स्यूंसी बैराज में प्रस्तावित टू लेन पुल व टू लेन एप्रोच रोड से बंगार ग्राम को राष्ट्रीय राजमार्ग-309 से जोडे जाने का प्राविधान है, जिससे कि पूर्वी नयार नदी के दांये तट पर स्थित बंगार, मंगरौ के ग्रामीणों को चिकित्सा, शिक्षा एवं आपातकालीन स्थितियों में बेहतर Connectivity प्राप्त हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि 12341.56 लाख की धनराशि से निर्मित होने वाली यह योजना शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दी गयी है, जिस पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय स्वीकृति की कार्यवाही गतिमान है, तथा स्वीकृति अपेक्षा में ई-टेण्डरिंग की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
नौगांव कमंदा सतपुली निवासी बालम सिंह ने बताया कि पत्नी और बच्चे मायके जाने के बहाने 13 मई से गायब है ।
मां दीवा की डोली यात्रा में बागेश्वर धाम से पहुंचे संत और मां दीवा के सेवक विष्णु नवानी से खास बात ।
विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज राजकीय प्राथमिक विद्यालय पदमपुर मोटाढांग, कोटद्वार में समाज कल्याण विभाग पौड़ी द्वारा आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), कोटद्वार द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांगजनों को 100 नॉर्मल व्हील चेयर तथा 10 इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान की गईं। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन लाभान्वित हुए।
शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संबंधी सेवाएं, छड़ी, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरण भी लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए।
13 साल पहले वर्ष 2013 में 16 17 जून को ए केदारनाथ आपदा की आंखों देखी कहानी, उसे दौरान रहे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व वर्तमान में सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद् के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट ने बताई कहानी ।
पौड़ी अस्पताल के भवन में बाइक लेकर घुसा युवक,सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने पर हुई कार्यवाही।
विधानसभा चौबट्टाखाल के सतपुली में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में पहुंचे राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट
विकासखंड पोखडा में मां दीवा भगवती की डोली यात्रा हुई शुरू।