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भाजपा नेता जय सिंह ने फिर सरकार को घेरा, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सुरेंद्र ठाकुर 
चंबा, 11 जून 2026।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों के विलय के निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। भाजपा नेता जय सिंह ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और सरकार शिक्षा क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
जय सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद लंबे समय से नहीं भरे जा रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कम छात्र संख्या का हवाला देकर विद्यालयों का विलय किया जा रहा है, जबकि सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि हाल ही में विद्यालय शिक्षा विभाग ने उन सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को निकटवर्ती स्कूलों में विलय करने का निर्णय लिया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या दस या उससे कम है। 
जिला चंबा के कई विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं।
जय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में विद्यालयों के बंद होने या विलय होने से दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि विद्यालयों के विलय से पहले स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पद भरने, आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के अधिकार और ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन सरकारी विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करने का आदेश जारी किया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम है। इस निर्णय को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। 
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भाजपा नेता जय सिंह ने फिर सरकार को घेरा, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल सुरेंद्र ठाकुर चंबा, 11 जून 2026। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों के विलय के निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। भाजपा नेता जय सिंह ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और सरकार शिक्षा क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। जय सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद लंबे समय से नहीं भरे जा रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कम छात्र संख्या का हवाला देकर विद्यालयों का विलय किया जा रहा है, जबकि सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में विद्यालय शिक्षा विभाग ने उन सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को निकटवर्ती स्कूलों में विलय करने का निर्णय लिया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या दस या उससे कम है। जिला चंबा के कई विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं। जय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में विद्यालयों के बंद होने या विलय होने से दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है। भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि विद्यालयों के विलय से पहले स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पद भरने, आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के अधिकार और ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन सरकारी विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करने का आदेश जारी किया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम है। इस निर्णय को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। #JaySingh #BJP #EducationSystem #SchoolMerger #ChambaNews #HimachalPradesh #EducationDepartment #GovernmentSchools #HimachalNews #PangiLiveNews

Chamba, Chamba | Jun 11, 2026

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