
लक्सर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिर्जापुर सादात बागोवाली स्थित महर्षि दयानन्द राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोपहर लगभग 1:02 बजे अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिखाई दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल निर्धारित समय से पहले बंद कर दिया गया, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल परिसर के बाहर फैली गंदगी भी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वास्तव में अस्पताल समय से पहले बंद किया गया? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले का संज्ञान लिया जाएगा? ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब मिलेंगी? श्रद्धा टीवी नेटवर्क इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी आपके सामने लाने का प्रयास करेगा। 📍 स्थान: मिर्जापुर सादात बागोवाली, लक्सर, उत्तराखंड #ShradhaTVNetwork #LaksarNews #UttarakhandNews #GovernmentHospital #AyurvedicHospital #BreakingNews #HealthDepartment #ViralNews #SachchiKhabarSaafAawaz #HaridwarNews
Laksar, Haridwar | Jun 18, 2026

🐊 मानसून की आहट: आबादी में घुसे दो मगरमच्छ; वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू! 🌧️⚖️ 🔥 खेतों और घरों में पहुंच रहे मगरमच्छ: लक्सर रेंज में वन विभाग की क्यूआरटी (QRT) की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा! 👇 लक्सर (देहरादून): बरसात के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करने का सिलसिला शुरू हो गया है। हाल ही में लक्सर रेंज के दो गांवों में मगरमच्छों के घुसने से हड़कंप मच गया, जिन्हें वन विभाग की टीम ने समय रहते रेस्क्यू कर लिया। 📋 घटनाक्रम का विवरण: नियामतपुर गांव: शुक्रवार रात को श्रवण कुमार के खेतों में एक मगरमच्छ देखा गया, जिसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। खेड़ीकला गांव: इसी दौरान दूसरी घटना खेड़ीकला गांव में सामने आई, जहाँ एक मगरमच्छ कृष्ण शर्मा के घर में घुस गया था। सफल रेस्क्यू: सूचना मिलते ही वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद दोनों मगरमच्छों को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में इन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। 🏛️ रेस्क्यू के दौरान सतर्कता: मगरमच्छों को देखने के लिए रेस्क्यू स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बरसात के दिनों में जलीय क्षेत्रों के पास या आबादी में वन्यजीव दिखने पर स्वयं उनसे छेड़छाड़ न करें और तुरंत विभाग को सूचित करें। "बरसात के सीजन में जलीय जीवों का आबादी की तरफ आना एक सामान्य प्रक्रिया है क्योंकि बारिश से जलस्तर बढ़ता है। हमने अपनी क्यूआरटी को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।" — वन विभाग अधिकारी, लक्सर रेंज। 💡 आमजन के लिए महत्वपूर्ण निर्देश: बरसात के सीजन में यदि आपको अपने आसपास या आवासीय क्षेत्रों में कोई जंगली जानवर या जलीय जीव दिखाई दे, तो: दूरी बनाए रखें: जीव को तंग न करें, वे डर में हमला कर सकते हैं। तुरंत सूचना दें: अपने नजदीकी वन विभाग कार्यालय या वाइल्डलाइफ हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें। भीड़ न लगाएं: रेस्क्यू के दौरान घटनास्थल पर भीड़ इकट्ठा न होने दें, इससे वन्यजीव घबरा जाते हैं और रेस्क्यू में बाधा आती है। 💬 आपकी राय: मानसून के दौरान वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए विभाग को और क्या उपाय करने चाहिए? क्या जागरूकता अभियानों में और तेजी लाने की आवश्यकता है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में साझा करें। 🔄 #LaksarNews #CrocodileRescue #WildlifeSafety #MonsoonAlert #UttarakhandWildlife #ForestDepartment #SafeRescue #Devbhoomi #WildlifeProtection #BreakingNews #RuralSafety #EnvironmentAwareness
Uttarakhand, India | Jun 13, 2026
MLA LAKSAR बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौराA #लक्सर #laksarnews
Laksar, Haridwar | Jul 17, 2023