महादेव बने गोपी, तब मिले महारास के दर्शन!
रासलीला सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने बांधा समां
चातर, बड़हरा (भोजपुर)
बजरंगबली मंदिर प्राण प्रतिष्ठा एवं श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठवें दिन रविवार को वृंदावन से पधारीं कथा वाचिका सुदीक्षा कृष्णा जी ने रासलीला और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला के दर्शन के लिए स्वयं भगवान शंकर ने गोपी स्वरूप धारण किया था। साथ ही श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग के माध्यम से प्रेम, समर्पण और भक्ति का दिव्य संदेश दिया।
पूरा पंडाल "राधे-राधे" और "जय श्रीकृष्ण" के जयघोष से गूंज उठा।
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अश्वनी कुमार पिंटू
Barhara, Bhojpur | Jun 29, 2026