
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची Himalayan Trout Fish | Saurabh Bahuguna | उत्तराखंड की बड़ी कामयाबी! राज्य में पहली बार स्थानीय रूप से उत्पादित 'हिमालयन ट्राउट मछली' का अंतरराष्ट्रीय बाजार (नेपाल) में सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में मत्स्य पालन कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी। इस निर्यात से राज्य के 33 मत्स्य पालकों को करीब 23.50 लाख रुपये की आय हुई है। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि साल 2022 के मुकाबले राज्य में मत्स्य पालकों की संख्या 1,011 से बढ़कर अब 15,657 हो गई है, जिसमें 3,584 महिला मत्स्य पालक भी शामिल हैं। मत्स्य विभाग का बजट भी बढ़कर 261 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पूरी खबर जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें! #UttarakhandNews #HimalayanTrout #SaurabhBahuguna #FishExport #UttarakhandFisheries #DehradunMediaCenter #UttarakhandEconomy #VocalForLocal #TroutFish #BreakingNews
Nainital, Nainital | Jun 27, 2026

🐟वैश्विक मंच पर देवभूमि की ट्राउट: पहली बार नेपाल निर्यात हुई हिमालयन ट्राउट; मत्स्य पालकों की आय में भारी उछाल! 📈✨ 🔥 आर्थिक सशक्तिकरण की नई लहर: मत्स्य पालन में 11% वार्षिक वृद्धि; 15,000 से अधिक किसान जुड़े इस 'नीली क्रांति' से! 👇 देहरादून: उत्तराखंड के मत्स्य पालन क्षेत्र ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाली 'हिमालयन ट्राउट' मछली ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी धाक जमा ली है। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि नेपाल में ट्राउट मछली का सफल निर्यात राज्य के मत्स्य पालकों के लिए आय के नए द्वार खोलने जैसा है। 📋 निर्यात और सफलता के प्रमुख आंकड़े: सफल निर्यात: राज्य की तीन मत्स्यजीवी सहकारी समितियों द्वारा ट्राउट का निर्यात किया गया। पहले इसे गुजरात (वेरावल) भेजकर प्रोसेस किया गया, जिसके बाद नेपाल में निर्यात सफल रहा। आर्थिक लाभ: इस निर्यात से 33 मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रुपये की सीधी आय प्राप्त हुई। सरकारी सहयोग: मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग और परिवहन के लिए 5.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। वैश्विक संभावनाएं: दुबई के 'गल्फ फूड एक्सपो' में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क स्थापित होने के बाद भविष्य में निर्यात के और बड़े अवसर खुल रहे हैं। उत्पादन: वर्ष 2026-27 में 11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य लगभग 165 करोड़ रुपये है। रोजगार: पिछले चार वर्षों में 5,646 लोगों को इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। 🏛️ कैबिनेट मंत्री का दृष्टिकोण: मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आईटीबीपी (ITBP) के साथ हुए समझौते के तहत भी अब तक 2.10 करोड़ रुपये की ट्राउट की आपूर्ति की जा चुकी है, जो मत्स्य पालकों के लिए एक बड़ा और निश्चित बाजार सुनिश्चित करता है। 💬 आपकी राय: क्या आपको लगता है कि उत्तराखंड में अन्य कृषि-आधारित उत्पादों को भी इसी तरह 'प्रोसेसिंग' के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलना चाहिए? अपने विचार साझा करें। 🔄 #UttarakhandNews #FisheriesDepartment #HimalayanTrout #BlueRevolution #SaurabhBahuguna #EconomicGrowth #UttarakhandSuccessStory #TroutExport #RuralDevelopment #SelfReliantUttarakhand #BreakingNews #DevbhoomiUpdates #FisheriesSector #IncomeGeneration #GovernmentInitiative
Uttarakhand, India | Jun 26, 2026