Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh

Governmentschools

बलियापुर : स्कूलों की रसोई पर ताला लगने का खतरा, 4 महीने से नहीं मिला एमडीएम का पैसा
#MDM #MidDayMeal #SchoolNews #Education #GovernmentSchools #JharkhandNews #SchoolKitchen #Students #EducationCrisis #MidDayMealScheme #SchoolEducation #ChildrenNutrition #EducationUpdate #HindiNews #BreakingNews

बलियापुर : स्कूलों की रसोई पर ताला लगने का खतरा, 4 महीने से नहीं मिला एमडीएम का पैसा #MDM #MidDayMeal #SchoolNews #Education #GovernmentSchools #JharkhandNews #SchoolKitchen #Students #EducationCrisis #MidDayMealScheme #SchoolEducation #ChildrenNutrition #EducationUpdate #HindiNews #BreakingNews

Dhanbad Cum Kenduadih Cum Jagata, Dhanbad | Jun 26, 2026

सामाजिक अंकेक्षण में उजागर हुई चंबा की शिक्षा व्यवस्था की बड़ी खामियां, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

सुरेंद्र सिंह / Pangi Live News 
चम्बा, 18 जून।
जिला चम्बा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के दौरान सामने आई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत किए गए अंकेक्षण में स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, छात्र सुरक्षा और शिक्षा गुणवत्ता से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सोशल ऑडिट टीम द्वारा जिले के 1,636 सरकारी स्कूलों में से 342 विद्यालयों का सर्वेक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार लगभग एक-तिहाई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है, जबकि करीब 50 प्रतिशत विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध नहीं है।
छात्र सुरक्षा को लेकर भी रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है। सर्वेक्षण में शामिल आधे से अधिक स्कूलों में चारदीवारी या सुरक्षा बाड़ नहीं पाई गई। इसके अलावा 85 प्रतिशत विद्यालय ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं जहां तक मोटर योग्य सड़क सुविधा नहीं पहुंची है, जिसके कारण विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 16 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, जबकि 17 प्रतिशत विद्यालयों में पेयजल सुविधा का अभाव है। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में छात्राओं को सैनिटरी पैड की सुविधा नहीं मिल रही है।
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं, स्कूल काउंसलर, पुस्तकालय व्यवस्था तथा प्रशासनिक निरीक्षण की कमी भी सामने आई। जनसुनवाई के दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की मांग की।
अब यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कमियों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो शिक्षा के अधिकार अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
#Chamba #Education #SocialAudit #SchoolFacilities #HimachalPradesh #SSA #GovernmentSchools #EducationNews #ChambaNews #HimachalNews 🙏

सामाजिक अंकेक्षण में उजागर हुई चंबा की शिक्षा व्यवस्था की बड़ी खामियां, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव सुरेंद्र सिंह / Pangi Live News चम्बा, 18 जून। जिला चम्बा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के दौरान सामने आई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत किए गए अंकेक्षण में स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, छात्र सुरक्षा और शिक्षा गुणवत्ता से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सोशल ऑडिट टीम द्वारा जिले के 1,636 सरकारी स्कूलों में से 342 विद्यालयों का सर्वेक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार लगभग एक-तिहाई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है, जबकि करीब 50 प्रतिशत विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। छात्र सुरक्षा को लेकर भी रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है। सर्वेक्षण में शामिल आधे से अधिक स्कूलों में चारदीवारी या सुरक्षा बाड़ नहीं पाई गई। इसके अलावा 85 प्रतिशत विद्यालय ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं जहां तक मोटर योग्य सड़क सुविधा नहीं पहुंची है, जिसके कारण विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 16 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, जबकि 17 प्रतिशत विद्यालयों में पेयजल सुविधा का अभाव है। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में छात्राओं को सैनिटरी पैड की सुविधा नहीं मिल रही है। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुविधाओं, स्कूल काउंसलर, पुस्तकालय व्यवस्था तथा प्रशासनिक निरीक्षण की कमी भी सामने आई। जनसुनवाई के दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की मांग की। अब यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कमियों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो शिक्षा के अधिकार अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। #Chamba #Education #SocialAudit #SchoolFacilities #HimachalPradesh #SSA #GovernmentSchools #EducationNews #ChambaNews #HimachalNews 🙏

Chamba, Chamba | Jun 18, 2026

भाजपा नेता जय सिंह ने फिर सरकार को घेरा, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सुरेंद्र ठाकुर 
चंबा, 11 जून 2026।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों के विलय के निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। भाजपा नेता जय सिंह ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और सरकार शिक्षा क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
जय सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद लंबे समय से नहीं भरे जा रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कम छात्र संख्या का हवाला देकर विद्यालयों का विलय किया जा रहा है, जबकि सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि हाल ही में विद्यालय शिक्षा विभाग ने उन सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को निकटवर्ती स्कूलों में विलय करने का निर्णय लिया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या दस या उससे कम है। 
जिला चंबा के कई विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं।
जय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में विद्यालयों के बंद होने या विलय होने से दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि विद्यालयों के विलय से पहले स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पद भरने, आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के अधिकार और ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन सरकारी विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करने का आदेश जारी किया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम है। इस निर्णय को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। 
#JaySingh #BJP #EducationSystem #SchoolMerger #ChambaNews #HimachalPradesh #EducationDepartment #GovernmentSchools #HimachalNews #PangiLiveNews

भाजपा नेता जय सिंह ने फिर सरकार को घेरा, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल सुरेंद्र ठाकुर चंबा, 11 जून 2026। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों के विलय के निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। भाजपा नेता जय सिंह ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और सरकार शिक्षा क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। जय सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद लंबे समय से नहीं भरे जा रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कम छात्र संख्या का हवाला देकर विद्यालयों का विलय किया जा रहा है, जबकि सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में विद्यालय शिक्षा विभाग ने उन सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को निकटवर्ती स्कूलों में विलय करने का निर्णय लिया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या दस या उससे कम है। जिला चंबा के कई विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं। जय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में विद्यालयों के बंद होने या विलय होने से दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है। भाजपा नेता ने सरकार से मांग की कि विद्यालयों के विलय से पहले स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पद भरने, आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा के अधिकार और ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन सरकारी विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करने का आदेश जारी किया है, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम है। इस निर्णय को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। #JaySingh #BJP #EducationSystem #SchoolMerger #ChambaNews #HimachalPradesh #EducationDepartment #GovernmentSchools #HimachalNews #PangiLiveNews

Chamba, Chamba | Jun 11, 2026

Latest Governmentschools News Videos - Watch the Latest News of June 27, 2026 | Public App