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सागर। गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर आज विभिन्न गौ सेवा एवं हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खिमलासा थाना क्षेत्र में चक्का जाम के मामले में 11 गौ सेवकों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पिछले तीन वर्षों में शासन-प्रशासन को लगभग 164 आवेदन और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लगातार अनदेखी के कारण गौ सेवकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि गौ सेवकों पर कार्रवाई के अगले ही दिन सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के डॉक्टरों एवं स्टाफ द्वारा भी चक्का जाम किया गया, लेकिन उस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने दोनों मामलों में समान कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यदि गौ सेवकों पर कार्रवाई हुई है तो अन्य मामलों में भी समान प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, अन्यथा गौ सेवकों पर दर्ज प्रकरण निरस्त किए जाएं।
ज्ञापन में गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने, बीना विधानसभा क्षेत्र स्थित देवल गौ अभ्यारण्य को पुनः संचालित करने तथा गौ संरक्षण से जुड़े लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई की भी मांग की गई।
प्रदर्शन में करणी सेना, गौ सेवक, शिवसेना तथा ग्राम पड़रिया के ग्रामीण सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल रहे।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
#Sagar #GauSevak #GaucharBhumi #Khimlasa #SagarNews #MadhyaPradesh

सागर। गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर आज विभिन्न गौ सेवा एवं हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खिमलासा थाना क्षेत्र में चक्का जाम के मामले में 11 गौ सेवकों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पिछले तीन वर्षों में शासन-प्रशासन को लगभग 164 आवेदन और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लगातार अनदेखी के कारण गौ सेवकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि गौ सेवकों पर कार्रवाई के अगले ही दिन सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के डॉक्टरों एवं स्टाफ द्वारा भी चक्का जाम किया गया, लेकिन उस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने दोनों मामलों में समान कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यदि गौ सेवकों पर कार्रवाई हुई है तो अन्य मामलों में भी समान प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, अन्यथा गौ सेवकों पर दर्ज प्रकरण निरस्त किए जाएं। ज्ञापन में गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने, बीना विधानसभा क्षेत्र स्थित देवल गौ अभ्यारण्य को पुनः संचालित करने तथा गौ संरक्षण से जुड़े लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई की भी मांग की गई। प्रदर्शन में करणी सेना, गौ सेवक, शिवसेना तथा ग्राम पड़रिया के ग्रामीण सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल रहे। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। #Sagar #GauSevak #GaucharBhumi #Khimlasa #SagarNews #MadhyaPradesh

Malthon, Sagar | Jul 14, 2026

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