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Emotionalstory

पिता का सपना पूरा हुआ, लेकिन उसे देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गए

अग्निवीर बेटे ने वर्दी पहनकर पिता को दी अंतिम सलामी, भावुक कर देने वाली कहानी

अजमेर में नम हुईं आंखें, अंतिम विदाई में बेटे की वर्दी बनी पिता के सपने की पहचान

✒️ रिपोर्ट समाचार संपादक रविंद्र नाथ द्विवेदी 

अजमेर (राजस्थान) जिले से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। भवानीखेड़ा नरवर गांव निवासी कृपाल सिंह रावत का सपना था कि उनका बेटा सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। बेटे सन्नी सिंह रावत ने मेहनत कर अग्निवीर योजना के तहत चयन हासिल किया, लेकिन दुर्भाग्यवश पिता अपने बेटे को वर्दी में देखने से पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह गए। पिता के निधन की सूचना मिलते ही बेटा प्रशिक्षण से छुट्टी लेकर गांव पहुंचा और सेना की वर्दी में उन्हें अंतिम सलामी देकर विदाई दी।

अजमेर। कई बार जिंदगी ऐसे पल सामने लाती है जो शब्दों से कहीं अधिक भावनाओं को बयां कर देते हैं। राजस्थान के अजमेर जिले के भवानीखेड़ा नरवर गांव में ऐसा ही एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी कृपाल सिंह रावत का सपना था कि उनका बेटा सन्नी सिंह रावत भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। बेटे ने पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के बाद अग्निवीर के रूप में चयनित होकर प्रशिक्षण के लिए रवाना हो गया।

इसी दौरान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हाई शुगर और हार्ट फेल होने के कारण कृपाल सिंह रावत का निधन हो गया। जैसे ही बेटे सन्नी को यह दुखद समाचार मिला, वह प्रशिक्षण से अवकाश लेकर अपने गांव पहुंचा।

गांव में अंतिम संस्कार के दौरान सन्नी सेना की वर्दी पहनकर अपने पिता की पार्थिव देह के सामने खड़ा हुआ और उन्हें अंतिम सलामी दी। जिस वर्दी में बेटे को देखने का सपना पिता ने वर्षों तक संजोया था, उसी वर्दी में बेटे ने उन्हें अंतिम विदाई दी। यह भावुक क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।

ग्रामीणों ने कहा कि भले ही पिता अपने बेटे को जीवित अवस्था में वर्दी पहने नहीं देख सके, लेकिन बेटे ने उनके सपने का सम्मान करते हुए उन्हें पूरे सैन्य सम्मान और गर्व के साथ अंतिम विदाई दी।

यह घटना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि माता-पिता के सपनों, बच्चों के समर्पण और देशसेवा के प्रति सम्मान का भावुक प्रतीक भी है। सन्नी सिंह रावत की यह अंतिम सलामी उन सभी परिवारों को समर्पित प्रतीत होती है, जो अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील

एनडी न्यूज़ | दैनिक निष्पक्ष धारा सभी युवाओं से अपील करता है कि वे अपने माता-पिता के सपनों और संस्कारों का सम्मान करें तथा देश सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का उद्देश्य बनाएं। माता-पिता का सम्मान ही सबसे बड़ा कर्तव्य है और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

जनहित में संदेश

माता-पिता के सपनों और त्याग का सम्मान करें।

देश सेवा करने वाले जवानों और उनके परिवारों का सम्मान करें।

परिवार के साथ समय बिताएं और उनका ध्यान रखें।

युवाओं को राष्ट्र निर्माण और अनुशासन के लिए प्रेरित करें।

सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना बनाए रखें।
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा

मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया

✒️ रिपोर्ट: सहयोगी शिवा गुप्ता के साथ जिला ब्यूरो अजय श्रीवास्तव

📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)

📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)

📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)

📅 दिनांक: 28 जुलाई 2026
📆 दिन: मंगलवार

📧 Email: ndnewschannel@gmail.com

📞 मोबाइल: 9696119696

पिता का सपना पूरा हुआ, लेकिन उसे देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गए अग्निवीर बेटे ने वर्दी पहनकर पिता को दी अंतिम सलामी, भावुक कर देने वाली कहानी अजमेर में नम हुईं आंखें, अंतिम विदाई में बेटे की वर्दी बनी पिता के सपने की पहचान ✒️ रिपोर्ट समाचार संपादक रविंद्र नाथ द्विवेदी अजमेर (राजस्थान) जिले से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। भवानीखेड़ा नरवर गांव निवासी कृपाल सिंह रावत का सपना था कि उनका बेटा सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। बेटे सन्नी सिंह रावत ने मेहनत कर अग्निवीर योजना के तहत चयन हासिल किया, लेकिन दुर्भाग्यवश पिता अपने बेटे को वर्दी में देखने से पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह गए। पिता के निधन की सूचना मिलते ही बेटा प्रशिक्षण से छुट्टी लेकर गांव पहुंचा और सेना की वर्दी में उन्हें अंतिम सलामी देकर विदाई दी। अजमेर। कई बार जिंदगी ऐसे पल सामने लाती है जो शब्दों से कहीं अधिक भावनाओं को बयां कर देते हैं। राजस्थान के अजमेर जिले के भवानीखेड़ा नरवर गांव में ऐसा ही एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी कृपाल सिंह रावत का सपना था कि उनका बेटा सन्नी सिंह रावत भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। बेटे ने पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के बाद अग्निवीर के रूप में चयनित होकर प्रशिक्षण के लिए रवाना हो गया। इसी दौरान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हाई शुगर और हार्ट फेल होने के कारण कृपाल सिंह रावत का निधन हो गया। जैसे ही बेटे सन्नी को यह दुखद समाचार मिला, वह प्रशिक्षण से अवकाश लेकर अपने गांव पहुंचा। गांव में अंतिम संस्कार के दौरान सन्नी सेना की वर्दी पहनकर अपने पिता की पार्थिव देह के सामने खड़ा हुआ और उन्हें अंतिम सलामी दी। जिस वर्दी में बेटे को देखने का सपना पिता ने वर्षों तक संजोया था, उसी वर्दी में बेटे ने उन्हें अंतिम विदाई दी। यह भावुक क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया। ग्रामीणों ने कहा कि भले ही पिता अपने बेटे को जीवित अवस्था में वर्दी पहने नहीं देख सके, लेकिन बेटे ने उनके सपने का सम्मान करते हुए उन्हें पूरे सैन्य सम्मान और गर्व के साथ अंतिम विदाई दी। यह घटना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि माता-पिता के सपनों, बच्चों के समर्पण और देशसेवा के प्रति सम्मान का भावुक प्रतीक भी है। सन्नी सिंह रावत की यह अंतिम सलामी उन सभी परिवारों को समर्पित प्रतीत होती है, जो अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील एनडी न्यूज़ | दैनिक निष्पक्ष धारा सभी युवाओं से अपील करता है कि वे अपने माता-पिता के सपनों और संस्कारों का सम्मान करें तथा देश सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का उद्देश्य बनाएं। माता-पिता का सम्मान ही सबसे बड़ा कर्तव्य है और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। जनहित में संदेश माता-पिता के सपनों और त्याग का सम्मान करें। देश सेवा करने वाले जवानों और उनके परिवारों का सम्मान करें। परिवार के साथ समय बिताएं और उनका ध्यान रखें। युवाओं को राष्ट्र निर्माण और अनुशासन के लिए प्रेरित करें। सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना बनाए रखें। 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Agniveer #IndianArmy #Ajmer #Rajasthan #SunnySinghRawat #EmotionalStory #ProudSon #FinalSalute #ArmyLife #NationFirst #Tribute #ParentsDream #Respect #Inspiration #BreakingNews #HindiNews #JaiHind #IndianSoldier 👇👇 @adgpi @DefenceMinIndia @HQ_IDS_India @PMOIndia @mygovindia @SpokespersonMoD @rajasthanpolice @RajGovOfficial @CMORajasthan 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट: सहयोगी शिवा गुप्ता के साथ जिला ब्यूरो अजय श्रीवास्तव 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 28 जुलाई 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696

Fatehpur, Fatehpur | Jul 28, 2026

हाथ बना लचारी तो रच देगा इतिहास #viral #emotionalstory #emotional #sad

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Munger, Munger | Jul 24, 2026

"दशरथ मांझी के चेले रामचंद्र यादव के साथ आखिर क्या हुआ? 😢 पहाड़ तोड़ने वाले की दर्दभरी कहानी"#RamchandraYadav #DashrathManjhi #MountainMan #RealHero #InspiringStory #Struggle #Motivation #Bihar #ViralStory #HindiNews #EmotionalStory #SuccessStory #India #Trending #FacebookReels #ViralVideo #LifeStory #HardWork #NeverGiveUp Satya TV Gaya Bihar

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Bihar, India | Jul 19, 2026

तेरी मेहरबानियां' का सजीव रूप: मालिक की मौत के सदमे में 'डुग्गू' ने भी त्यागे प्राण, बैतूल में एक साथ निकली दोनों की अंतिम यात्रा
​आपने 80 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'तेरी मेहरबानियां' तो जरूर देखी होगी, जिसमें एक वफादार कुत्ता अपने मालिक की मौत के बाद उसकी कब्र पर रो-रोकर दम तोड़ देता है। फिल्मी पर्दे की वह दर्दभरी दास्तां मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हकीकत बनकर सामने आई है। यहाँ इंसान और बेजुबान के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की एक ऐसी अनोखी मिसाल देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके के लोगों की आँखें नम कर दीं।
​अटूट था प्रदीप और 'डुग्गू' का रिश्ता
​यह मर्मस्पर्शी घटना जिला मुख्यालय के गंज क्षेत्र की है। यहाँ के रहने वाले पान और चाय दुकान संचालक प्रदीप जैन का अपने पालतू डॉगी 'डुग्गू' से बेहद गहरा लगाव था। प्रदीप के लिए डुग्गू महज एक जानवर नहीं, बल्कि उनके परिवार का एक अभिन्न हिस्सा था। पिछले कुछ समय से प्रदीप जैन अस्वस्थ चल रहे थे और भोपाल के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था। अपने मालिक की अनुपस्थिति में डुग्गू भी घर पर गुमसुम और उदास रहने लगा था। आखिरकार, लंबी बीमारी के बाद रविवार को प्रदीप जैन का निधन हो गया।
​अंतिम दर्शन के बाद डुग्गू ने भी तोड़ दिया दम
​सोमवार को जब प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर बैतूल लाया गया, तो चारों तरफ मातम पसरा था। परिजनों ने अंतिम विदाई से पहले वफादार डुग्गू को उसके मालिक के अंतिम दर्शन कराए।
​वह विदारक दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा...
डुग्गू कुछ देर तक बेजान पड़े अपने मालिक के शरीर के पास खड़ा रहा, मानो वह उन्हें जगाने की कोशिश कर रहा हो। इसके बाद वह चुपचाप घर के एक कमरे में चला गया। कमरे में थोड़ी देर बेचैनी से चहल-कदमी करने के बाद, मालिक के बिछड़ने का गम वह सहन नहीं कर पाया और उसने भी हमेशा के लिए अपनी आँखें मूंद लीं।
​एक साथ निकली दोनों की शव यात्रा
​मालिक की मौत के तुरंत बाद वफादार डॉगी की मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने डुग्गू की इस निस्वार्थ वफादारी का सम्मान करने का फैसला किया। उन्होंने प्रदीप जैन और उनके प्यारे वफादार साथी डुग्गू की एक साथ शव यात्रा निकाली। जिस सम्मान के साथ प्रदीप जैन को विदा किया गया, उसी आदर और नम आँखों के साथ डुग्गू को भी अंतिम विदाई दी गई।
​वफादारी की एक अमर मिसाल
​फिल्म 'तेरी मेहरबानियां' में तो सब कुछ स्क्रीन प्ले के मुताबिक रचा गया था, लेकिन बैतूल की इस घटना ने साबित कर दिया कि बेजुबान जानवरों का प्यार इंसानी फरेब से कोसों दूर, बिल्कुल सच्चा और पवित्र होता है। प्रदीप और डुग्गू की यह कहानी हमें सिखाती है कि प्रेम की कोई भाषा नहीं होती, इसे बस रूह से महसूस किया जा सकता है। दोनों भले ही इस दुनिया में न रहे हों, लेकिन उनकी यह अनोखी दास्तां हमेशा वफादारी की मिसाल बनकर जिंदा रहेगी।
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तेरी मेहरबानियां' का सजीव रूप: मालिक की मौत के सदमे में 'डुग्गू' ने भी त्यागे प्राण, बैतूल में एक साथ निकली दोनों की अंतिम यात्रा ​आपने 80 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'तेरी मेहरबानियां' तो जरूर देखी होगी, जिसमें एक वफादार कुत्ता अपने मालिक की मौत के बाद उसकी कब्र पर रो-रोकर दम तोड़ देता है। फिल्मी पर्दे की वह दर्दभरी दास्तां मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हकीकत बनकर सामने आई है। यहाँ इंसान और बेजुबान के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की एक ऐसी अनोखी मिसाल देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके के लोगों की आँखें नम कर दीं। ​अटूट था प्रदीप और 'डुग्गू' का रिश्ता ​यह मर्मस्पर्शी घटना जिला मुख्यालय के गंज क्षेत्र की है। यहाँ के रहने वाले पान और चाय दुकान संचालक प्रदीप जैन का अपने पालतू डॉगी 'डुग्गू' से बेहद गहरा लगाव था। प्रदीप के लिए डुग्गू महज एक जानवर नहीं, बल्कि उनके परिवार का एक अभिन्न हिस्सा था। पिछले कुछ समय से प्रदीप जैन अस्वस्थ चल रहे थे और भोपाल के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था। अपने मालिक की अनुपस्थिति में डुग्गू भी घर पर गुमसुम और उदास रहने लगा था। आखिरकार, लंबी बीमारी के बाद रविवार को प्रदीप जैन का निधन हो गया। ​अंतिम दर्शन के बाद डुग्गू ने भी तोड़ दिया दम ​सोमवार को जब प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर बैतूल लाया गया, तो चारों तरफ मातम पसरा था। परिजनों ने अंतिम विदाई से पहले वफादार डुग्गू को उसके मालिक के अंतिम दर्शन कराए। ​वह विदारक दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा... डुग्गू कुछ देर तक बेजान पड़े अपने मालिक के शरीर के पास खड़ा रहा, मानो वह उन्हें जगाने की कोशिश कर रहा हो। इसके बाद वह चुपचाप घर के एक कमरे में चला गया। कमरे में थोड़ी देर बेचैनी से चहल-कदमी करने के बाद, मालिक के बिछड़ने का गम वह सहन नहीं कर पाया और उसने भी हमेशा के लिए अपनी आँखें मूंद लीं। ​एक साथ निकली दोनों की शव यात्रा ​मालिक की मौत के तुरंत बाद वफादार डॉगी की मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने डुग्गू की इस निस्वार्थ वफादारी का सम्मान करने का फैसला किया। उन्होंने प्रदीप जैन और उनके प्यारे वफादार साथी डुग्गू की एक साथ शव यात्रा निकाली। जिस सम्मान के साथ प्रदीप जैन को विदा किया गया, उसी आदर और नम आँखों के साथ डुग्गू को भी अंतिम विदाई दी गई। ​वफादारी की एक अमर मिसाल ​फिल्म 'तेरी मेहरबानियां' में तो सब कुछ स्क्रीन प्ले के मुताबिक रचा गया था, लेकिन बैतूल की इस घटना ने साबित कर दिया कि बेजुबान जानवरों का प्यार इंसानी फरेब से कोसों दूर, बिल्कुल सच्चा और पवित्र होता है। प्रदीप और डुग्गू की यह कहानी हमें सिखाती है कि प्रेम की कोई भाषा नहीं होती, इसे बस रूह से महसूस किया जा सकता है। दोनों भले ही इस दुनिया में न रहे हों, लेकिन उनकी यह अनोखी दास्तां हमेशा वफादारी की मिसाल बनकर जिंदा रहेगी। ​#तेरी_मेहरबानियां ​#बैतूल_समाचार ​#वफादार_डुग्गू ​#अटूट_प्रेम ​#बेजुबान_का_प्यार ​#FaithfulDog ​#DogLoyalty ​#TrueLove ​#PetLovers ​#इंसान_और_जानवर_का_प्यार ​#अंतिम_यात्रा ​#UnconditionalLove ​#BetulNews ​#RestInPeace ​#HeartTouching ​#EmotionalStory ​#ViralNews ​#DogInspiration ​#TrueStory

Chanderi, Ashok Nagar | Jul 14, 2026

जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी के खिलाफ पिता ने औरंगाबाद में FIR दर्ज कराया

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Bihar, India | Jul 14, 2026

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