
#रामनगरहैडलाइन - कॉर्बट टाईगर रिजर्व कि ढेला रेंज मे जलोनी लकड़ी काटने गये दो ग्रामीणों के साथ फॉरेस्ट गार्ड के द्वारा बुरी तरह से पीटने के मामले ने आज पकड़ा तूल पीड़ित परिवार का युवक रेंज कार्यालय कि छत पर पेट्रोल लेकर चढ़ा, छत पर चढ़े युवक ने अपने उपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने कि करी कोशिश, आत्मदाह करने वाले युवक को ग्रामीणों ने छत पर चढ़कर बचाया, मौके पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन वन कर्मियों व पुलिस के साथ मौके पर पहुँचकर दोषी कर्मियों पर कार्यवाही करने का ग्रामीणों को दिया भरोषा। #Saketbadola #CorbettTigerReserve #Dhelarenj #Graminkipeetai #Corbettforestgaurd #Ramnagar #Viralnews #Viralvideo
Ramnagar, Nainital | Jul 20, 2026

🐾 रामनगर - मशहूर बाघ 'भोला' का सफल रेस्क्यू: संघर्ष में घायल हुए टाइगर को वन विभाग ने ढेला सेंटर में कराया भर्ती! 🐅🏥 🔥 वन्यजीव प्रेमियों की जान: पर्यटकों का पसंदीदा 'भोला' टाइगर फिर होगा स्वस्थ; विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा इलाज! 👇 रामनगर, नैनीताल: कॉर्बेट लैंडस्केप की शान माना जाने वाला मशहूर नर बाघ 'भोला' अब वन विभाग की सुरक्षा में है। लंबे समय से घायल और कमजोर स्थिति में घूम रहे इस बाघ को गुरुवार देर रात वन विभाग की टीम ने एक सफल ऑपरेशन के जरिए रेस्क्यू कर ढेला रेस्क्यू सेंटर पहुँचा दिया है। 📋 रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें: चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू: तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पी.सी. आर्या ने बताया कि 'भोला' को फाटो जोन में लंगड़ाते हुए देखा गया था। उसकी स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही थी। बाघ बार-बार क्षेत्र बदलकर ढेला के जंगलों की ओर चला जाता था, जिससे रेस्क्यू में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सफलता: गुरुवार रात करीब 10 बजे विशेषज्ञ टीम ने मौके का फायदा उठाकर बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया और उसे रेस्क्यू सेंटर स्थानांतरित किया। घायल होने का कारण: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्यजीव पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा के अनुसार, 'भोला' के पैर में गहरा घाव है और मांस उधड़ा हुआ है। आशंका है कि यह चोट किसी अन्य नर बाघ के साथ क्षेत्रीय संघर्ष (Territorial Fight) के दौरान लगी है। 🩺 वर्तमान स्थिति: स्वास्थ्य: चोटों के कारण बाघ लंबे समय से शिकार करने में असमर्थ था, जिससे वह अत्यधिक कमजोर हो गया है। इलाज: फिलहाल उसे ढेला रेस्क्यू सेंटर में विशेष डॉक्टरों की टीम की निगरानी में रखा गया है। विभाग का संकल्प है कि स्वस्थ होने के बाद 'भोला' को पुनः उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा। 💡 'भोला' के बारे में विशेष: इस बाघ को 'भोला' नाम नेचर गाइड और वन्यजीव प्रेमियों ने दिया है। अपनी शांत प्रकृति के कारण यह पर्यटकों की जिप्सियों के आसपास बिना किसी को नुकसान पहुँचाए दिखाई देता है, जैसे कि वह उनसे पूरी तरह घुल-मिल गया हो। इसी खास व्यवहार के कारण वह कॉर्बेट आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। 🏛️ प्रशासन का पक्ष: वन विभाग ने इस रेस्क्यू को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अधिकारियों ने कहा कि 'भोला' जैसे चर्चित और शांत स्वभाव के बाघ को बचाना न केवल जिम्मेदारी है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी जरूरी है। 💬 आपकी राय: वन्यजीवों के बीच होने वाले क्षेत्रीय संघर्ष और उनकी सुरक्षा के प्रति वन विभाग की त्वरित कार्रवाई को आप किस रूप में देखते हैं? अपने विचार साझा करें। 🔄 #CorbettLandscape #BholaTiger #RamnagarNews #WildlifeConservation #TigerRescue #CorbettTigerReserve #UttarakhandNews #WildAnimals #NatureLovers #DevbhoomiUpdates #BreakingNews #ForestDepartment #ProtectWildlife #TigersOfIndia #PositiveNews
Uttarakhand, India | Jun 27, 2026