
"विकास के दावों के बीच गड्ढों का पूजन!" पुरोला में ग्रामीणों ने विधायक, सरकार और प्रशासन की 'सद्बुद्धि' के लिए कराई पूजा पुरोला। उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा में विकास के दावों की हकीकत रविवार को उस समय खुलकर सामने आ गई, जब मोरी क्षेत्र के गैंचवाण, देवरा, गुराड़ी, पैसर, हलटाड़ी और दंणगाण गांवों के ग्रामीणों ने बदहाल सड़क के गहरे गड्ढों का विधिवत पूजन कर विधायक, सरकार और प्रशासन की 'सद्बुद्धि' की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वे सड़क के डामरीकरण, नालियों के निर्माण और गड्ढों की मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं। विभाग, जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी तक गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूर होकर ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों को ही "पूजनीय" मानते हुए उनका पूजन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक लेकिन करारा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ओर क्षेत्रीय विधायक नई सड़कों का भूमि पूजन कर सोशल मीडिया पर विकास का प्रचार कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वर्षों पहले बनी सड़कें आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क सात गांवों की जीवनरेखा है। हजारों लोग प्रतिदिन इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं और सेब सहित अन्य बागवानी व कृषि उत्पाद भी इसी सड़क से देश की विभिन्न फल मंडियों तक पहुंचते हैं। लेकिन पूरी सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सेब सीजन शुरू होने वाला है, जबकि पिछले सीजन में इसी बदहाल सड़क के कारण सेब से लदे छह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिससे बागवानों को लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद सड़क सुधार के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क का स्थायी सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। गड्ढा पूजन कार्यक्रम में दीपक डिमरी, कैलाश डिमरी, राजेंद्र नौटियाल, अनिल रांगड़, रमेश, अरुण नौटियाल, उपेंद्र सिंह रांगड़, राजेंद्र पंवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। #गड्ढा_पूजन #पुरोला #मोरी #उत्तरकाशी #उत्तराखंड #RoadToNowhere #SadakKiSachchai #VikasVsReality #GroundReality #PahaadKiAwaaz #SaveMountainRoads #सेब_बेल्ट #पहाड़_की_पीड़ा #जनता_पूछ_रही_है #विकास_या_विज्ञापन #सड़क_दो_जीवन_बचाओ #PahadSandesh #UttarakhandNews #ViralNews #GroundReport DM Uttarkashi Uttarkashi Police Uttarakhand
Puraula, Uttarkashi | Jul 6, 2026

"मैं पौड़ी हूं..." #वर्ष 2019 में तत्कालीन #जिलाधिकारी और वर्तमान पर्यटन सचिव ने पौड़ी को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने का जो सपना देखा था, उसकी झलक कंडोलिया थीम पार्क के उद्घाटन के दौरान दिखाई दी थी। उस अवसर पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री में पौड़ी की आत्मा बोल उठी थी— "मैं पौड़ी हूं... मैं अपने अतीत से लेकर वर्तमान तक और वर्तमान से भविष्य तक चिंतन कर रहा हूं। मेरा इतिहास कैसा था, आज मैं कैसा हूं और आने वाले समय में कैसा बनूंगा, यह मैंने सोच लिया है। लेकिन मेरी इस सोच को साकार करने में मेरी भावी पीढ़ी का योगदान आवश्यक होगा।" उस समय कंडोलिया थीम पार्क, बासा होमस्टे, सतपुली होमस्टे और कई पर्यटन परियोजनाओं की नींव रखी गई। उद्देश्य स्पष्ट था—पलायन रोकना, रोजगार बढ़ाना और पहाड़ को उसकी पहचान लौटाना। दुर्भाग्य से वर्षों बाद भी पौड़ी उस गति से आगे नहीं बढ़ पाई जिसकी उम्मीद की गई थी। जिन योजनाओं को बहुत पहले धरातल पर पूरी तरह उतर जाना चाहिए था, उन्हें आज फिर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद गति दी जा रही है। मॉल रोड निर्माण और सीता माता सर्किट जैसे कार्य अब पुनः शुरू हुए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि कुछ अधिकारी केवल अपने कार्यकाल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि क्षेत्र की उन्नति को अपना मिशन बना लेते हैं। पौड़ी छोड़ने के बाद भी वर्तमान पर्यटन सचिव लगातार इस क्षेत्र के विकास और पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी वाले कई कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आज भी उनकी सोच और पहल प्रेरणा बन रही है। पहाड़ की पीड़ा को समझने वाला यह "पहाड़ का बेटा" लगातार पर्वतीय क्षेत्रों को आबाद करने, युवाओं को अवसर देने और पर्यटन के माध्यम से विकास का मार्ग प्रशस्त करने में जुटा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी धन्यवाद, जिन्होंने इन अधूरे सपनों को फिर से गति देने का संकल्प लिया है। पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों द्वारा याद रखे जाएंगे। ऐसे दूरदर्शी और कर्मठ अधिकारियों को सलाम, जो पद से नहीं, अपने काम से पहचाने जाते हैं। #मैं_पौड़ी_हूं #पौड़ी_पर्यटन #उत्तराखंड #कंडोलिया #पहाड़_की_पीड़ा #TourismDevelopment #PushkarSinghDhami
Pauri, Garhwal | Jun 27, 2026