"मैं पौड़ी हूं..."
#वर्ष 2019 में तत्कालीन #जिलाधिकारी और वर्तमान पर्यटन सचिव ने पौड़ी को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने का जो सपना देखा था, उसकी झलक कंडोलिया थीम पार्क के उद्घाटन के दौरान दिखाई दी थी। उस अवसर पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री में पौड़ी की आत्मा बोल उठी थी—
"मैं पौड़ी हूं... मैं अपने अतीत से लेकर वर्तमान तक और वर्तमान से भविष्य तक चिंतन कर रहा हूं। मेरा इतिहास कैसा था, आज मैं कैसा हूं और आने वाले समय में कैसा बनूंगा, यह मैंने सोच लिया है। लेकिन मेरी इस सोच को साकार करने में मेरी भावी पीढ़ी का योगदान आवश्यक होगा।"
उस समय कंडोलिया थीम पार्क, बासा होमस्टे, सतपुली होमस्टे और कई पर्यटन परियोजनाओं की नींव रखी गई। उद्देश्य स्पष्ट था—पलायन रोकना, रोजगार बढ़ाना और पहाड़ को उसकी पहचान लौटाना।
दुर्भाग्य से वर्षों बाद भी पौड़ी उस गति से आगे नहीं बढ़ पाई जिसकी उम्मीद की गई थी। जिन योजनाओं को बहुत पहले धरातल पर पूरी तरह उतर जाना चाहिए था, उन्हें आज फिर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद गति दी जा रही है। मॉल रोड निर्माण और सीता माता सर्किट जैसे कार्य अब पुनः शुरू हुए हैं।
यह इस बात का प्रमाण है कि कुछ अधिकारी केवल अपने कार्यकाल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि क्षेत्र की उन्नति को अपना मिशन बना लेते हैं। पौड़ी छोड़ने के बाद भी वर्तमान पर्यटन सचिव लगातार इस क्षेत्र के विकास और पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी वाले कई कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आज भी उनकी सोच और पहल प्रेरणा बन रही है। पहाड़ की पीड़ा को समझने वाला यह "पहाड़ का बेटा" लगातार पर्वतीय क्षेत्रों को आबाद करने, युवाओं को अवसर देने और पर्यटन के माध्यम से विकास का मार्ग प्रशस्त करने में जुटा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी धन्यवाद, जिन्होंने इन अधूरे सपनों को फिर से गति देने का संकल्प लिया है।
पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों द्वारा याद रखे जाएंगे। ऐसे दूरदर्शी और कर्मठ अधिकारियों को सलाम, जो पद से नहीं, अपने काम से पहचाने जाते हैं।
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Pauri, Garhwal | Jun 27, 2026