आतंक का पर्याय बना साइको सीरियल रेपिस्ट सत्तू ढेर
-चार माह में 10 से ज्यादा नाबालिग से किया दुष्कर्म
-मुजफ्फरनगर पुलिस ने गोलियां से भूना
न्यूज देवभूमि:-यूपी के मुजफ्फरनगर में अपनी घिनौनी मानसिकता के कारण आतंक का पर्याय बना साइको सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हैवान बन चुके सत्तू पर चार माह में दस से ज्यादा नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है और वर्ष 2023 जून माह में लुधियाना जेल से फरार होने के बाद वह आसपास के राज्यों में घूम कर नाबालिग बच्चियों का अपहरण और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे रहा था। जिस की तलाश चार राज्यों की पुलिस को भी थी।
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एक हजार खंगाले सीसीटीवी
19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से सतपाल उर्फ सत्तू एक नाबालिग युवती को अपनी होंडा ओरा कार से अपहरण कर ले गया था। परिजनों की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 149/26 दर्ज किया गया। एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में गठित 10 पुलिस टीमों ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर आरोपी की पहचान की। जांच में पता चला कि अपहरणकर्ता चंडीगढ़ निवासी सतपाल उर्फ सत्तू है, जिस पर 8 जिलों और 4 राज्यों में लूट, डकैती, रंगदारी, हत्या, हत्या का प्रयास और दुष्कर्म के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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कार में था यातनाएं वाला हंटर
23 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि सत्तू मुजफ्फरनगर क्षेत्र में देखा गया है। घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में सत्तू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में दो गोलियां लगीं। इलाज के दौरान 24 जून को उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद जब अभियुक्त की होंडा ओरा कार की तलाशी ली। कार से एक पिस्टल, एक अवैध तमंचा, कारतूस, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा हाथ बांधने वाली हथकड़ी, कंडोम और पिटाई के लिए इस्तेमाल होने वाला हंटर भी मिला। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि बरामद सामान से स्पष्ट है कि आरोपी नाबालिग लड़कियों को यातनाएं देकर दुष्कर्म करता था। वह 'लूडो फाइल' प्रवृत्ति का साइको अपराधी था।
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रणजी ट्रॉफी का खिलाडी था हैवान
जांच में खुलासा हुआ कि 2010 में मेरठ पुलिस ने पहली बार सत्तू को गिरफ्तार किया था। उस समय उसने दावा किया था कि वह पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी में दो लीग मैच खेल चुका है। बाद में पता चला कि उसका संबंध छोटा राजन गैंग से भी था। मेरठ जेल से रिहा होने के बाद उसने अपनी पत्नी मोना के प्रेमी की हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद से ही उसका परिवार उससे दूरी बनाने लगा था। पत्नी मोना और दो बच्चे पंजाब के राम दरबार में रहते हैं।
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उत्तराखंड में भी आ चुका था सत्तू
15 साल तक विभिन्न जेलों में बंद रहने के बाद फरवरी 2026 में वह लुधियाना जेल से फरार हो गया था। फरार होने के बाद उसने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड की नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। #viralreelsシ #rape #police