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तिगड़ाना में टीकाकरण मेगा कैंप का आयोजन किया गया

Bhiwani, Bhiwani | Jun 21, 2021

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राजेंद्र पाल गौतम को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाने पर भिवानी में भारी उत्साह, कोर्ट परिसर में बांटे लड्डू
सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई ताकत देगी राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति : महेंद्र सिंह बिधनोई
राजेंद्र पाल गौतम का संगठनात्मक कौशल व बेदाग राजनैतिक है प्रेरणास्रोत : पवन मेहरा
भिवानी, 27 जून : कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किए जाने पर भिवानी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस फैसले की खुशी में शनिवार को स्थानीय कोर्ट परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और जमकर आतिशबाजी करते हुए एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
      इस अवसर पर बहुजन संघर्ष दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस के ग्रामीण जिला सचिव महेंद्र सिंह बिधनोई ने इस नियुक्ति को कांग्रेस पार्टी का एक बेहद दूरदर्शी और सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश जैसे राजनैतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक न्याय और शोषित-वंचित वर्गों की आवाज को मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौतम हमेशा से जमीनी स्तर पर दबे-कुचले समाज के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उनके इस अनुभव का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश में संगठन को मिलेगा। इस फैसले से न केवल यूपी, बल्कि पूरे देश के कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश गया है और आने वाले समय में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी।
     इस मौके पर डा. बीआर अंबेडकर यूथ संगठन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष पवन मेहरा ने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम का संगठनात्मक कौशल और उनका बेदाग राजनैतिक सफर युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में भारी जोश और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस मौके पर युवा नेता सुमित बराड़ ने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम एक ऐसे नेता हैं जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि उनके कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा और पार्टी ऐतिहासिक सफलता दर्ज करेगी। भिवानी का हर कार्यकर्ता इस फैसले से गदगद है।
      इस अवसर पर कांग्रेस अनुसूचित जाति के ग्रामीण जिला अध्यक्ष विरेंद्र वाल्मीकि बापोड़ा, जय भीम बौद्ध, मास्टर हरीश गोच्छी, सुरेश बिधवान, राधेश्याम ढ़ाणा लाडनपुर, विनोद, शहरी जिला कार्यकारिणी सचिव मुकेश पहलवान, दिलबाग, रामपाल, संदीप दहिया सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

राजेंद्र पाल गौतम को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाने पर भिवानी में भारी उत्साह, कोर्ट परिसर में बांटे लड्डू सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई ताकत देगी राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति : महेंद्र सिंह बिधनोई राजेंद्र पाल गौतम का संगठनात्मक कौशल व बेदाग राजनैतिक है प्रेरणास्रोत : पवन मेहरा भिवानी, 27 जून : कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किए जाने पर भिवानी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस फैसले की खुशी में शनिवार को स्थानीय कोर्ट परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और जमकर आतिशबाजी करते हुए एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर बहुजन संघर्ष दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस के ग्रामीण जिला सचिव महेंद्र सिंह बिधनोई ने इस नियुक्ति को कांग्रेस पार्टी का एक बेहद दूरदर्शी और सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश जैसे राजनैतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक न्याय और शोषित-वंचित वर्गों की आवाज को मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौतम हमेशा से जमीनी स्तर पर दबे-कुचले समाज के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। उनके इस अनुभव का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश में संगठन को मिलेगा। इस फैसले से न केवल यूपी, बल्कि पूरे देश के कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश गया है और आने वाले समय में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी। इस मौके पर डा. बीआर अंबेडकर यूथ संगठन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष पवन मेहरा ने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम का संगठनात्मक कौशल और उनका बेदाग राजनैतिक सफर युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में भारी जोश और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस मौके पर युवा नेता सुमित बराड़ ने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम एक ऐसे नेता हैं जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि उनके कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा और पार्टी ऐतिहासिक सफलता दर्ज करेगी। भिवानी का हर कार्यकर्ता इस फैसले से गदगद है। इस अवसर पर कांग्रेस अनुसूचित जाति के ग्रामीण जिला अध्यक्ष विरेंद्र वाल्मीकि बापोड़ा, जय भीम बौद्ध, मास्टर हरीश गोच्छी, सुरेश बिधवान, राधेश्याम ढ़ाणा लाडनपुर, विनोद, शहरी जिला कार्यकारिणी सचिव मुकेश पहलवान, दिलबाग, रामपाल, संदीप दहिया सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 28, 2026

स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर पार्क में विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून (उत्तराखंड) से पधारे विद्वान  महात्मा श्री राजीव बिजलवान जी ने की। इस अवसर पर भिवानी एवं चरखी दादरी के निरंकारी श्रद्धालु एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
               उपस्थित मानव समाज को संबोधित करते हुए  श्री बिजलवान जी ने फरमाया कि यदि हमें अपने जीवन को संवारना है तो हमें बाहर नहीं बल्कि अपने भीतर झांकना होगा । उन्होंने समझाया कि यदि हमारा मन स्वच्छ हो तो हर व्यक्ति में अच्छाई दिखाई देती है और यदि मन में द्वेष हो तो बुराइयां नजर आती है। उन्होंने कहा कि संतों महात्माओं ने सदा यही शिक्षा दी है कि निराकार-परमात्मा को जीवन में बसाया जाए । जीवन में संतों का संग सौभाग्य से मिलता है। सांसारिक दायित्व को निभाते हुए यदि निरंकार का एहसास बना रहे तो जीवन पूर्णता से जिया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि संसार के रंग अनेक हैं परंतु परमात्मा का रंग स्थाई है और यही शांति देता है। जब हमारे मन में समर्पण का भाव होता है तब हर व्यक्ति में परमात्मा का स्वरूप दिखाई देता है और करुणा, आदर तथा विनम्रता जीवन का स्वभाव बन जाते हैं । इस प्रकार सत्संग, सेवा,सुमिरन करते हुए हमारा जीवन संतुलित, शांत और शुक्राने के भाव से परिपूर्ण बना रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि परमात्मा से बड़ी कोई ताकत नहीं है हमारे सतगुरु कल्याण का स्रोत है और सतगुरु के वचनों को मानने वालों का कल्याण निश्चित है ।
                इस कार्यक्रम में भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज श्री बलदेव राज नागपाल जी ने उपस्थित प्रभु प्रेमी सज्जनों का आभार व्यक्त किया और बताया कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज मानव समाज को ब्रह्मज्ञान देकर मिल-वर्तन, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक श्री विजय शर्मा एवं उनकी सहयोगी टीम द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत-सत्कार किया गया। इस दौरान निरंकारी भक्तों द्वारा भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किया गया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे । भजन के बोल थे :- सभी से प्यार करें और यह दिल निसार करे।
इस अवसर पर  हनुमान जोहड़ी धाम से महंत चरण दास जी, समाजसेवी श्री ओ पी नंदवानी, श्री ओम प्रकाश दुरेजा, श्री सुशील सरदाना, श्री कमल गुरेजा,  श्री विशंभर  अरोड़ा, प्रधान श्री प्रेम कुमार धमीजा, संजय बर्फी पेड़ा भंडार के संचालक श्री प्रेम सागर जी एवं श्री सतीश चंगिया जी विशेष रूप से उपस्थित थे।

स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर पार्क में विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून (उत्तराखंड) से पधारे विद्वान महात्मा श्री राजीव बिजलवान जी ने की। इस अवसर पर भिवानी एवं चरखी दादरी के निरंकारी श्रद्धालु एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उपस्थित मानव समाज को संबोधित करते हुए श्री बिजलवान जी ने फरमाया कि यदि हमें अपने जीवन को संवारना है तो हमें बाहर नहीं बल्कि अपने भीतर झांकना होगा । उन्होंने समझाया कि यदि हमारा मन स्वच्छ हो तो हर व्यक्ति में अच्छाई दिखाई देती है और यदि मन में द्वेष हो तो बुराइयां नजर आती है। उन्होंने कहा कि संतों महात्माओं ने सदा यही शिक्षा दी है कि निराकार-परमात्मा को जीवन में बसाया जाए । जीवन में संतों का संग सौभाग्य से मिलता है। सांसारिक दायित्व को निभाते हुए यदि निरंकार का एहसास बना रहे तो जीवन पूर्णता से जिया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि संसार के रंग अनेक हैं परंतु परमात्मा का रंग स्थाई है और यही शांति देता है। जब हमारे मन में समर्पण का भाव होता है तब हर व्यक्ति में परमात्मा का स्वरूप दिखाई देता है और करुणा, आदर तथा विनम्रता जीवन का स्वभाव बन जाते हैं । इस प्रकार सत्संग, सेवा,सुमिरन करते हुए हमारा जीवन संतुलित, शांत और शुक्राने के भाव से परिपूर्ण बना रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि परमात्मा से बड़ी कोई ताकत नहीं है हमारे सतगुरु कल्याण का स्रोत है और सतगुरु के वचनों को मानने वालों का कल्याण निश्चित है । इस कार्यक्रम में भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज श्री बलदेव राज नागपाल जी ने उपस्थित प्रभु प्रेमी सज्जनों का आभार व्यक्त किया और बताया कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज मानव समाज को ब्रह्मज्ञान देकर मिल-वर्तन, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक श्री विजय शर्मा एवं उनकी सहयोगी टीम द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत-सत्कार किया गया। इस दौरान निरंकारी भक्तों द्वारा भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किया गया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे । भजन के बोल थे :- सभी से प्यार करें और यह दिल निसार करे। इस अवसर पर हनुमान जोहड़ी धाम से महंत चरण दास जी, समाजसेवी श्री ओ पी नंदवानी, श्री ओम प्रकाश दुरेजा, श्री सुशील सरदाना, श्री कमल गुरेजा, श्री विशंभर अरोड़ा, प्रधान श्री प्रेम कुमार धमीजा, संजय बर्फी पेड़ा भंडार के संचालक श्री प्रेम सागर जी एवं श्री सतीश चंगिया जी विशेष रूप से उपस्थित थे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 28, 2026

कैसे और किस रूप में कहा था वह सुनिये...
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के जिस वीडियो को लेकर चर्चा आज चल रही है। ये वो वीडियो है...
वीडियो में मनोहरलाल हविपा-भाजपा की सरकार का जिक्र कर रहे हैं कि किस प्रकार उन्होंने बंसीलाल के मुंह पर कहा था कि इमरजेंसी के तीन दलाल..इंदिरा, संजय, बंसीलाल......खट्‌टर साहब दिलेर आदमी हैं, जरूर कह आए होंगे चौधरी बंसीलाल के मुंह पर। 
खट्‌टर साहब ने आज तक कभी अपना बयान वापस नहीं लिया है।

कैसे और किस रूप में कहा था वह सुनिये... हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के जिस वीडियो को लेकर चर्चा आज चल रही है। ये वो वीडियो है... वीडियो में मनोहरलाल हविपा-भाजपा की सरकार का जिक्र कर रहे हैं कि किस प्रकार उन्होंने बंसीलाल के मुंह पर कहा था कि इमरजेंसी के तीन दलाल..इंदिरा, संजय, बंसीलाल......खट्‌टर साहब दिलेर आदमी हैं, जरूर कह आए होंगे चौधरी बंसीलाल के मुंह पर। खट्‌टर साहब ने आज तक कभी अपना बयान वापस नहीं लिया है।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 28, 2026

सत्संग से ही जीवन को मिलती है सही दिशा, नाम-सुमिरन ही आत्मा का वास्तविक धन : परम संत हुजूर कंवर साहेब महाराज

दिनोद (भिवानी)। राधास्वामी मुख्यालय, दिनोद में आयोजित विशाल सत्संग में परम संत हुजूर कंवर साहेब जी महाराज ने एक माह के विदेश सत्संग प्रवास से लौटने के बाद साध-संगत को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग वह दिव्य पाठशाला है, जहाँ प्रत्येक क्षण जीवन जीने की नई शिक्षा मिलती है। मनुष्य जीवन में घटने वाली घटनाओं के परिणाम तो देखता है, लेकिन उनके कारणों पर विचार नहीं करता। हम वर्तमान पल को जीते हैं, पर अगले ही पल से अनजान रहते हैं। एक क्षण पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है, फिर भी मनुष्य कई जन्मों की योजनाएँ और संग्रह करने में लगा रहता है। यह भी निश्चित नहीं कि हाथ से तोड़ा हुआ निवाला मुँह तक पहुँचेगा या नहीं।

उन्होंने कहा कि संगत का प्रभाव मनुष्य के जीवन को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। रामायण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जिस रामराज्य की आज भी चर्चा होती है, उसकी नींव सत्य, प्रेम और श्रेष्ठ संगति पर थी। भगवान श्रीराम के वनवास के बाद चौदह वर्षों तक अयोध्या में दीप नहीं जले, लेकिन एक व्यक्ति के दूषित विचारों ने पूरे राज्य का वातावरण बदल दिया। वहीं लंका जैसे राक्षसी वातावरण में भी विभीषण प्रभु-भक्ति और सत्य पर अडिग रहे। इससे स्पष्ट है कि पवित्र विचारों वाला व्यक्ति बुरे वातावरण में भी अपने संस्कार नहीं छोड़ता, जबकि अपवित्र विचारों वाला व्यक्ति सत्संग में बैठकर भी नहीं बदलता।

हुजूर कंवर साहेब जी महाराज ने कहा कि मन में एक समय में या तो भक्ति, प्रेम, सेवा और सत्संग बस सकते हैं या फिर बुराइयाँ। इसलिए हृदय को पवित्र बनाना आवश्यक है। नाम की कमाई तभी फल देती है जब रहनी-सहनी और आचरण शुद्ध हों। जिस प्रकार चंदन के वृक्ष के पास खड़े अन्य वृक्ष भी उसकी सुगंध ग्रहण कर लेते हैं, उसी प्रकार संत-महात्माओं की संगति से सामान्य व्यक्ति के जीवन में भी सद्गुणों का विकास होने लगता है।

उन्होंने कहा कि जिसका दृष्टिकोण नहीं बदलता, उसका कल्याण भी कठिन है। नाम में अपार शक्ति है। साधक जिस भावना के साथ नाम-सुमिरन करता है, उसी भावना की वृद्धि उसके जीवन में होती है। यदि मन में प्रेम, सेवा और सत्य का भाव होगा तो नाम उसकी आध्यात्मिक उन्नति का आधार बनेगा।

गुरु महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनमुख कभी सच्ची भक्ति नहीं कर सकता, भक्ति केवल गुरुमुख ही कर सकता है। मनमुख अपने मन और विषय-वासनाओं के पीछे चलता है, जबकि गुरुमुख गुरु की आज्ञा को जीवन का आधार बनाता है। सद्गुरु ही जीव को अज्ञान से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुँचाते हैं। गुरु की कृपा और नाम-सुमिरन से ही जीवन का वास्तविक परिवर्तन संभव है।

उन्होंने कहा कि यदि अंतःकरण में सच्चाई है तो संसार की कोई शक्ति मनुष्य को डिगा नहीं सकती। जैसे सूर्य निकलने पर अंधकार स्वतः मिट जाता है, वैसे ही नाम रूपी सूर्य हृदय में उदित होने पर मोह, भ्रम और अज्ञान का अंधकार समाप्त हो जाता है। संसार नश्वर है, जबकि प्रभु का नाम शाश्वत सत्य है। इसलिए सब कुछ भूल जाएँ, लेकिन नाम को कभी न भूलें।

हुजूर महाराज ने संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का लक्ष्य केवल परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए। मार्ग में आने वाले आकर्षणों और विषय-वासनाओं में उलझकर मंज़िल को नहीं भूलना चाहिए। जन्म-जन्मांतरों के कर्म एक दिन में समाप्त नहीं होते; नियमित नाम-सुमिरन, सेवा, सत्संग और सदाचार से ही कर्मों का बोझ हल्का होता है।

अपने प्रवचन के समापन में उन्होंने कहा कि मनुष्य सत्य का व्यापार करने आया था, लेकिन विषय-वासनाओं में उलझकर अपने अमूल्य श्वास व्यर्थ गँवा रहा है। परमात्मा द्वारा मिली इस अनमोल पूँजी को नाम-सुमिरन, सेवा, सत्संग और गुरु आज्ञा के पालन में लगाकर ही मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है।

सत्संग से ही जीवन को मिलती है सही दिशा, नाम-सुमिरन ही आत्मा का वास्तविक धन : परम संत हुजूर कंवर साहेब महाराज दिनोद (भिवानी)। राधास्वामी मुख्यालय, दिनोद में आयोजित विशाल सत्संग में परम संत हुजूर कंवर साहेब जी महाराज ने एक माह के विदेश सत्संग प्रवास से लौटने के बाद साध-संगत को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग वह दिव्य पाठशाला है, जहाँ प्रत्येक क्षण जीवन जीने की नई शिक्षा मिलती है। मनुष्य जीवन में घटने वाली घटनाओं के परिणाम तो देखता है, लेकिन उनके कारणों पर विचार नहीं करता। हम वर्तमान पल को जीते हैं, पर अगले ही पल से अनजान रहते हैं। एक क्षण पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है, फिर भी मनुष्य कई जन्मों की योजनाएँ और संग्रह करने में लगा रहता है। यह भी निश्चित नहीं कि हाथ से तोड़ा हुआ निवाला मुँह तक पहुँचेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि संगत का प्रभाव मनुष्य के जीवन को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। रामायण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जिस रामराज्य की आज भी चर्चा होती है, उसकी नींव सत्य, प्रेम और श्रेष्ठ संगति पर थी। भगवान श्रीराम के वनवास के बाद चौदह वर्षों तक अयोध्या में दीप नहीं जले, लेकिन एक व्यक्ति के दूषित विचारों ने पूरे राज्य का वातावरण बदल दिया। वहीं लंका जैसे राक्षसी वातावरण में भी विभीषण प्रभु-भक्ति और सत्य पर अडिग रहे। इससे स्पष्ट है कि पवित्र विचारों वाला व्यक्ति बुरे वातावरण में भी अपने संस्कार नहीं छोड़ता, जबकि अपवित्र विचारों वाला व्यक्ति सत्संग में बैठकर भी नहीं बदलता। हुजूर कंवर साहेब जी महाराज ने कहा कि मन में एक समय में या तो भक्ति, प्रेम, सेवा और सत्संग बस सकते हैं या फिर बुराइयाँ। इसलिए हृदय को पवित्र बनाना आवश्यक है। नाम की कमाई तभी फल देती है जब रहनी-सहनी और आचरण शुद्ध हों। जिस प्रकार चंदन के वृक्ष के पास खड़े अन्य वृक्ष भी उसकी सुगंध ग्रहण कर लेते हैं, उसी प्रकार संत-महात्माओं की संगति से सामान्य व्यक्ति के जीवन में भी सद्गुणों का विकास होने लगता है। उन्होंने कहा कि जिसका दृष्टिकोण नहीं बदलता, उसका कल्याण भी कठिन है। नाम में अपार शक्ति है। साधक जिस भावना के साथ नाम-सुमिरन करता है, उसी भावना की वृद्धि उसके जीवन में होती है। यदि मन में प्रेम, सेवा और सत्य का भाव होगा तो नाम उसकी आध्यात्मिक उन्नति का आधार बनेगा। गुरु महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनमुख कभी सच्ची भक्ति नहीं कर सकता, भक्ति केवल गुरुमुख ही कर सकता है। मनमुख अपने मन और विषय-वासनाओं के पीछे चलता है, जबकि गुरुमुख गुरु की आज्ञा को जीवन का आधार बनाता है। सद्गुरु ही जीव को अज्ञान से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुँचाते हैं। गुरु की कृपा और नाम-सुमिरन से ही जीवन का वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि यदि अंतःकरण में सच्चाई है तो संसार की कोई शक्ति मनुष्य को डिगा नहीं सकती। जैसे सूर्य निकलने पर अंधकार स्वतः मिट जाता है, वैसे ही नाम रूपी सूर्य हृदय में उदित होने पर मोह, भ्रम और अज्ञान का अंधकार समाप्त हो जाता है। संसार नश्वर है, जबकि प्रभु का नाम शाश्वत सत्य है। इसलिए सब कुछ भूल जाएँ, लेकिन नाम को कभी न भूलें। हुजूर महाराज ने संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का लक्ष्य केवल परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए। मार्ग में आने वाले आकर्षणों और विषय-वासनाओं में उलझकर मंज़िल को नहीं भूलना चाहिए। जन्म-जन्मांतरों के कर्म एक दिन में समाप्त नहीं होते; नियमित नाम-सुमिरन, सेवा, सत्संग और सदाचार से ही कर्मों का बोझ हल्का होता है। अपने प्रवचन के समापन में उन्होंने कहा कि मनुष्य सत्य का व्यापार करने आया था, लेकिन विषय-वासनाओं में उलझकर अपने अमूल्य श्वास व्यर्थ गँवा रहा है। परमात्मा द्वारा मिली इस अनमोल पूँजी को नाम-सुमिरन, सेवा, सत्संग और गुरु आज्ञा के पालन में लगाकर ही मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 28, 2026

रोहतक में दिल्ली रोड पर स्थित होटल मन्नत के सामने दुकानों में आग लग गई....

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Bhiwani, Bhiwani | Jun 28, 2026

तिगड़ाना में टीकाकरण मेगा कैंप का आयोजन किया गया - Bhiwani News