Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana
No video available

#Pachamba #rajauli #nawada #bihar #nitish kumar cm

Rajauli, Nawada | Aug 22, 2024
जिला नवादा पूर्वी पंचायत रजौली मे जितने भी गांव आते है उन सभी गावों को बाड़ के कारण चार से पांच किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है यह रोड भी इतना खराब है की गाड़ी एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है इसलिए हमारे विधायक प्रकाश वीर से निवेदन है की पुल का कार्य जल्द से जल्द शुरू करे

MORE NEWS

Rajauli, Nawada | Aug 2, 2026

चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं की हिरासत पर प्रशांत किशोर का आरोप

पटना में जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने चुनाव के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया गया और इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वीओ:
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान नौबतपुर, फतुहा, कंकड़बाग सहित कई इलाकों से राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उनका आरोप है कि अधिकांश गिरफ्तारियां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कीं और हिरासत का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराध, चोरी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रशांत किशोर के अनुसार, कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि जक्कनपुर थाना क्षेत्र से भी चार लोगों को पकड़ा गया था, जिनमें 90 वर्षीय फेकू पासवान को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई की भी मांग की।

बाइट: बांकीपुर प्रत्याशी एवं जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर।

चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं की हिरासत पर प्रशांत किशोर का आरोप पटना में जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने चुनाव के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया गया और इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीओ: प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान नौबतपुर, फतुहा, कंकड़बाग सहित कई इलाकों से राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उनका आरोप है कि अधिकांश गिरफ्तारियां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कीं और हिरासत का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराध, चोरी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशांत किशोर के अनुसार, कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि जक्कनपुर थाना क्षेत्र से भी चार लोगों को पकड़ा गया था, जिनमें 90 वर्षीय फेकू पासवान को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई की भी मांग की। बाइट: बांकीपुर प्रत्याशी एवं जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर।

Rajauli, Nawada | Aug 2, 2026

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद
​ संजय झा का बयान।

​
संजय झा ने कहा प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था और बच्चों को माफ करने की बात कही गई थी…"
​संजय झा: "देखिए, यह आंदोलन जब हुआ था, तो छात्रों की जो मूल बातें थीं, जो मुद्दे थे, वे तो जायज थे। लेकिन इस आंदोलन की आड़ में बहुत सारे ऐसे असामाजिक तत्व भी घुस गए थे जो अपना एजेंडा चलाने के लिए, अपनी राजनीति के लिए या किसी अन्य गुप्त मकसद के लिए वहाँ आ गए थे।
​मैंने राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया था कि कुछ ऐसे लोग भी आ गए थे जिन्हें दुबई से टिकट देकर भेजा गया था, जैसा कि मीडिया में रिपोर्ट हुआ था।
​इसके अलावा, जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग इन लोगों ने किया—जैसा कि उन इंस्टाग्राम वीडियोज़ वगैरह में देखा जा सकता है—वह सामान्य नहीं है। किसी भी सम्मानजनक बातचीत में किसी के लिए भी ऐसी भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। और प्रधानमंत्री तो 140 करोड़ देशवासियों का प्रतिनिधित्व करते हैं; उनके पद से पूरे देश की प्रतिष्ठा और सम्मान जुड़ा हुआ है। वे दुनिया में देश का चेहरा हैं और उनकी वजह से आज पूरे देश और हर भारतीय का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग बिल्कुल अनुचित है। हालांकि प्रधानमंत्री विशाल हृदय के हैं, लेकिन कोई भी सामान्य व्यक्ति ऐसी बातें सुनकर आहत होगा।
​यह बहुत जरूरी विषय है कि इस आंदोलन में घुसकर ऐसा काम करने वाले तत्वों की जांच हो और यह देखा जाए कि वे कौन लोग थे।"

​कल बीजेपी के एक विधान परिषद सदस्य (MLC) ने इस्तीफा दे दिया और कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र, दीपक प्रकाश, को मनोनीत

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद ​ संजय झा का बयान। ​ संजय झा ने कहा प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था और बच्चों को माफ करने की बात कही गई थी…" ​संजय झा: "देखिए, यह आंदोलन जब हुआ था, तो छात्रों की जो मूल बातें थीं, जो मुद्दे थे, वे तो जायज थे। लेकिन इस आंदोलन की आड़ में बहुत सारे ऐसे असामाजिक तत्व भी घुस गए थे जो अपना एजेंडा चलाने के लिए, अपनी राजनीति के लिए या किसी अन्य गुप्त मकसद के लिए वहाँ आ गए थे। ​मैंने राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया था कि कुछ ऐसे लोग भी आ गए थे जिन्हें दुबई से टिकट देकर भेजा गया था, जैसा कि मीडिया में रिपोर्ट हुआ था। ​इसके अलावा, जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग इन लोगों ने किया—जैसा कि उन इंस्टाग्राम वीडियोज़ वगैरह में देखा जा सकता है—वह सामान्य नहीं है। किसी भी सम्मानजनक बातचीत में किसी के लिए भी ऐसी भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। और प्रधानमंत्री तो 140 करोड़ देशवासियों का प्रतिनिधित्व करते हैं; उनके पद से पूरे देश की प्रतिष्ठा और सम्मान जुड़ा हुआ है। वे दुनिया में देश का चेहरा हैं और उनकी वजह से आज पूरे देश और हर भारतीय का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग बिल्कुल अनुचित है। हालांकि प्रधानमंत्री विशाल हृदय के हैं, लेकिन कोई भी सामान्य व्यक्ति ऐसी बातें सुनकर आहत होगा। ​यह बहुत जरूरी विषय है कि इस आंदोलन में घुसकर ऐसा काम करने वाले तत्वों की जांच हो और यह देखा जाए कि वे कौन लोग थे।" ​कल बीजेपी के एक विधान परिषद सदस्य (MLC) ने इस्तीफा दे दिया और कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र, दीपक प्रकाश, को मनोनीत

Rajauli, Nawada | Aug 2, 2026

कांग्रेस-इमरान-प्रतापगढ़ी-बिहार-छात्र-लाठीचार्ज-फैक्ट-फाइंडिंग।

पटना एयरपोर्ट पर शनिवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी पहुंचे तो बाहर निकलते ही मीडिया ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ इस बार सांसद मनोज राम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी भी मौजूद थे। दरअसल ये सभी लोग कांग्रेस की तरफ से बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्य हैं और बिहार में बीते दिनों छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए यहां आए हैं।

एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित बर्बरता की निंदा की। उनका कहना था कि जो युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे उनके साथ इस तरह की हिंसा करना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा। उनके शब्दों से साफ लग रहा था कि सत्ता में बैठे लोगों को युवाओं की बात सुननी चाहिए न कि उन्हें डराना चाहिए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और इसी वजह से एक टीम बनाकर उसे बिहार के अलग जिलों में भेजा गया है। उनका मकसद सिर्फ बयान देना नहीं है बल्कि जमीन पर जाकर असलियत जानना है। उन्होंने कहा कि सीवान, पूर्णिया, जहानाबाद, भागलपुर, दरभंगा और पटना जैसे जिलों में अलग टीमें भेजी गई हैं। हर टीम वहां के पीड़ित छात्रों से मिलेगी, उनके परिवारों से बात करेगी और स्थानीय अधिकारियों से भी जानकारी लेगी। इसका उद्देश्य ये समझना है कि आंदोलन क्यों शुरू हुआ, प्रशासन ने क्या कदम उठाए और आम छात्रों पर इसका क्या असर पड़ा।

उन्होंने आगे कहा कि ये फैक्ट फाइंडिंग सिर्फ एक रस्म नहीं है। सभी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे पार्टी नेता राहुल गांधी को सौंपा जाएगा। इमरान प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को यहीं खत्म नहीं होने देगी। इसे संसद के अंदर भी उठाया जाएगा और सड़क पर भी छात्रों के साथ खड़े रहा जाएगा। उनका जोर इस बात पर था कि सरकार को जवाबदेह ठहराया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।

इस पूरे दौरे का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है क्योंकि बिहार में छात्र आंदोलन पहले से चर्चा में है और विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। इमरान प्रतापगढ़ी का नाम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि वो अक्सर युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। इसलिए उनका बिहार आना और मीडिया के सामने आकर बात करना कांग्रेस के लिए एक संदेश भी है कि पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है।

मीडिया ने जब सवाल किया कि पप्पू यादव संसद में भगवा कपड़ा पहनकर राम मंदिर के पैसे की चोरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो इस पर इमरान ने कहा कि ये सवाल बीजेपी से पूछिए, चंदा चोर कौन है।

कुल मिलाकर इस दौरे में इमरान प्रतापगढ़ी एक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखे जो छात्रों के दर्द को अपनी आवाज देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में युवाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ये फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है और सरकार इस पर क्या जवाब देती है।

कांग्रेस-इमरान-प्रतापगढ़ी-बिहार-छात्र-लाठीचार्ज-फैक्ट-फाइंडिंग। पटना एयरपोर्ट पर शनिवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी पहुंचे तो बाहर निकलते ही मीडिया ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ इस बार सांसद मनोज राम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी भी मौजूद थे। दरअसल ये सभी लोग कांग्रेस की तरफ से बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्य हैं और बिहार में बीते दिनों छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए यहां आए हैं। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित बर्बरता की निंदा की। उनका कहना था कि जो युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे उनके साथ इस तरह की हिंसा करना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा। उनके शब्दों से साफ लग रहा था कि सत्ता में बैठे लोगों को युवाओं की बात सुननी चाहिए न कि उन्हें डराना चाहिए। इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और इसी वजह से एक टीम बनाकर उसे बिहार के अलग जिलों में भेजा गया है। उनका मकसद सिर्फ बयान देना नहीं है बल्कि जमीन पर जाकर असलियत जानना है। उन्होंने कहा कि सीवान, पूर्णिया, जहानाबाद, भागलपुर, दरभंगा और पटना जैसे जिलों में अलग टीमें भेजी गई हैं। हर टीम वहां के पीड़ित छात्रों से मिलेगी, उनके परिवारों से बात करेगी और स्थानीय अधिकारियों से भी जानकारी लेगी। इसका उद्देश्य ये समझना है कि आंदोलन क्यों शुरू हुआ, प्रशासन ने क्या कदम उठाए और आम छात्रों पर इसका क्या असर पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि ये फैक्ट फाइंडिंग सिर्फ एक रस्म नहीं है। सभी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे पार्टी नेता राहुल गांधी को सौंपा जाएगा। इमरान प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को यहीं खत्म नहीं होने देगी। इसे संसद के अंदर भी उठाया जाएगा और सड़क पर भी छात्रों के साथ खड़े रहा जाएगा। उनका जोर इस बात पर था कि सरकार को जवाबदेह ठहराया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। इस पूरे दौरे का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है क्योंकि बिहार में छात्र आंदोलन पहले से चर्चा में है और विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। इमरान प्रतापगढ़ी का नाम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि वो अक्सर युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। इसलिए उनका बिहार आना और मीडिया के सामने आकर बात करना कांग्रेस के लिए एक संदेश भी है कि पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है। मीडिया ने जब सवाल किया कि पप्पू यादव संसद में भगवा कपड़ा पहनकर राम मंदिर के पैसे की चोरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो इस पर इमरान ने कहा कि ये सवाल बीजेपी से पूछिए, चंदा चोर कौन है। कुल मिलाकर इस दौरे में इमरान प्रतापगढ़ी एक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखे जो छात्रों के दर्द को अपनी आवाज देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में युवाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ये फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है और सरकार इस पर क्या जवाब देती है।

Rajauli, Nawada | Aug 1, 2026

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय शराबी ने भरोसा जताया कि पार्टी का उम्मीदवार इस उपचुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा। 

संजय शराबी प्रशांत किशोर और अन्य विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव आचार संहिता और नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उपचुनाव में मतदान कम रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आमतौर पर उपचुनावों में वोटिंग प्रतिशत कम ही रहता है और पहले यह 19 प्रतिशत तक भी चला गया था, लेकिन इस बार बारिश के बावजूद करीब 35 प्रतिशत मतदान हुआ है जिसे वह जनता के समर्थन के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने RJD और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जब विधानसभा का सत्र चल रहा था तब नेता प्रतिपक्ष यूरोप में ठंडी हवा खा रहे थे और उन्हें बिहार की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय शराबी ने भरोसा जताया कि पार्टी का उम्मीदवार इस उपचुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा। संजय शराबी प्रशांत किशोर और अन्य विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव आचार संहिता और नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उपचुनाव में मतदान कम रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आमतौर पर उपचुनावों में वोटिंग प्रतिशत कम ही रहता है और पहले यह 19 प्रतिशत तक भी चला गया था, लेकिन इस बार बारिश के बावजूद करीब 35 प्रतिशत मतदान हुआ है जिसे वह जनता के समर्थन के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने RJD और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जब विधानसभा का सत्र चल रहा था तब नेता प्रतिपक्ष यूरोप में ठंडी हवा खा रहे थे और उन्हें बिहार की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है।

Rajauli, Nawada | Aug 1, 2026