भोपाल और इंदौर में 15 जुलाई से पीएम ई-बसें सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं, लेकिन ग्वालियर को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना पड़ सकता है। शहर के लिए 100 वातानुकूलित ई-बसें मंजूर हो चुकी हैं, पर संकरी सड़कें, अतिक्रमण, ई-रिक्शा और ऑटो की भीड़ सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। एक ओर आईएसबीटी डिपो पूरी तरह तैयार है, जबकि रमौआ डिपो का निर्माण जारी है।