🔳पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में महर्षि श्री अरविंद घोष की 154वीं जयंती पर व्याख्यानमाला आयोजित
🔳कटनी - मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में भारत के स्वाधीनता संग्राम के आध्यात्मिक प्रणेता, महान राष्ट्रवादी चिंतक एवं योगी महर्षि श्री अरविंद घोष की 154वीं जन्म-जयंती के अवसर पर व्याख्यानमाला का आयोजन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, झिंझरी के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि श्री अरविंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा संगठन गीत के साथ हुआ।
कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं अतिथियों का स्वागत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, कटनी के जिला समन्वयक डॉ. तेजसिंह केशवाल ने किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा भारतीय स्वाधीनता, संस्कृति एवं धर्म से जुड़े महान विचारकों की जयंती का आयोजन निरंतर छह वर्षों से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे युगपुरुषों के आदर्शों, विचारों एवं दर्शन से युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शिक्षाविद एवं शिकागो पब्लिक स्कूल के संचालक श्री मोहनदास नागवानी ने महर्षि अरविंद के जीवन दर्शन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आंतरिक चेतना को जागृत करना तथा व्यक्तित्व को उच्च स्तर तक विकसित करना है। महर्षि अरविंद शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास को आवश्यक मानते थे। उनके जीवन में राष्ट्रवाद की भावना का विशेष स्थान था। उन्होंने अंग्रेजी शासन की अधीनता स्वीकार करने के बजाय भारत लौटकर बड़ौदा रियासत में कार्य करना स्वीकार किया। कारावास के अनुभव ने उनके जीवन को नई दिशा दी और वे स्वतंत्रता संग्राम के प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे।
पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र वडखेरकर ने कहा कि भारत कभी मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से गुलाम नहीं हुआ। इसमें देश के आध्यात्मिक गुरुओं एवं संत-महात्माओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महर्षि अरविंद ने राष्ट्रवादी चिंतक एवं आध्यात्मिक साधक के रूप में भारतीय व्यक्तित्व, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के साथ आंतरिक चेतना को विकसित करने का कार्य किया। उन्होंने युवाओं को शक्ति, विद्वता और प्रज्ञा के विकास की प्रेरणा दी।
स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत महिला प्रमुख श्रीमती वंदना गेलानी ने कहा कि महर्षि अरविंद केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि चिंतक, दार्शनिक, आध्यात्मिक साधक एवं राष्ट्रदृष्टा थे। विदेश में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उनके हृदय में भारत के प्रति गहरी चेतना जागृत हुई। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता को केवल राजनीतिक अधिकार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान एवं राष्ट्रीय पुनर्जागरण से जोड़कर देखा। उनके लेखन एवं विचारों ने युवाओं में राष्ट्रचेतना जागृत करने का कार्य किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सैनिक श्री रामजी मिश्रा एवं जिला समन्वयक डॉ. तेजसिंह केशवाल ने भी महर्षि अरविंद के जीवन, विचार एवं राष्ट्र दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के पश्चात ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया। इस अवसर पर पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्र, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के परामर्शदाता, प्रस्फुटन समितियों एवं नवांकुर संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विकासखंड समन्वयक कटनी श्री बालमुकुंद मिश्रा ने किया।
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Katni, Madhya Pradesh | Aug 25, 2026