संस्कार वैली व द ब्लू बेल्स स्कूल में ‘बियॉन्ड द होराइजन’ कार्यक्रम आयोजित, डॉ. सत्यजीत ने बच्चों को दिखाया सफलता का मार्ग
पटना। संस्कार वैली स्कूल एवं द ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को प्रेरणादायक कार्यक्रम ‘बियॉन्ड द होराइजन’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रूबन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के निदेशक डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें अपनी सोच की सीमाओं से आगे बढ़ने, चुनौतियों को अवसर में बदलने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने कहा कि सफलता के लिए सीमित सोच से बाहर निकलना आवश्यक है। जीवन में आने वाली प्रत्येक चुनौती के भीतर समाधान की संभावना छिपी होती है। यदि हम कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच के साथ समाधान तलाशते रहें, तो हमारे भीतर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का साहस पैदा होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, असफलताओं से सबक लेने और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं विद्यालय में हाल ही में संपन्न हुए स्टूडेंट काउंसिल इलेक्शन में निर्वाचित विद्यार्थियों को सैश पहनाकर सम्मानित किया गया और उनके नेतृत्व को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के साथ विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में द ब्लू बेल्स एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक लव कुश सिंह एवं वीरू सिंह ने डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह का आत्मीय स्वागत किया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशकों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी और सफल व्यक्तित्वों से संवाद का अवसर विद्यार्थियों के अनुभव को व्यापक बनाता है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल का विकास होता है तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर दिशा मिलती है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा और पाठ्यक्रम से आगे का अनुभव देना तथा उनमें नई सोच, रचनात्मकता और नेतृत्व की भावना विकसित करना है।
‘बियॉन्ड द होराइजन’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए नई सोच और आत्मविश्वास का प्रेरणादायक अनुभव रहा।