*नल-जल योजना, पानी के लिए तरसे ग्रामीण; सरपंच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे, चक्काजाम की चेतावनी*
शिवपुरी जिले के करैरा विद्युत वितरण कंपनी के खेराघाट क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिरसौद गांव में बिजली कंपनी द्वारा पंचायत के वाटर सप्लाई (नल-जल योजना) का विद्युत कनेक्शन काट दिए जाने के बाद पूरे गांव में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नल-जल योजना पूरी तरह ठप होने से हजारों ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। महिलाएं और बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं, जिससे गांव में हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत पर यदि बिजली बिल का बकाया था तो उसका समाधान प्रशासनिक स्तर पर निकाला जाना चाहिए था, लेकिन बिजली कंपनी ने सीधे पानी सप्लाई का कनेक्शन काटकर पूरे गांव को संकट में डाल दिया। लोगों का आरोप है कि बिजली कंपनी की इस कार्रवाई का खामियाजा उन ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका बिजली बिल से कोई लेना-देना नहीं है।
ग्राम पंचायत सिरसौद के सरपंच अंतरसिंह लोधी ने बताया कि उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) से चर्चा कर आग्रह किया था कि पंचायत का यदि बिजली बिल बकाया है तो जनपद पंचायत और जिला पंचायत से राशि जारी कराकर भुगतान कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक पत्राचार भी किया जाएगा। इसके बावजूद बिजली विभाग ने कोई राहत नहीं दी और पंचायत की वाटर सप्लाई का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली कटते ही नल-जल योजना बंद हो गई। गांव में घर-घर पानी पहुंचना बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के बीच पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।
गांव की पेयजल समस्या को लेकर ग्राम पंचायत सिरसौद के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात करीब 8 बजे से सिरसौद-पिछोर सड़क मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पंचायत की वाटर सप्लाई का बिजली कनेक्शन दोबारा चालू नहीं किया जाता, तब तक वे भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। सरपंच ने कहा, “यदि गांव के लोगों को पानी नहीं मिलेगा तो मैं भूख हड़ताल से नहीं उठूंगा, चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए। गांव के हित के लिए यदि मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।” सरपंच ने बिजली कंपनी और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो रविवार को सिरसौद-पिछोर सड़क मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जाएगी। भूख हड़ताल पर बैठे सरपंच ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी करैरा विद्युत कंपनी के संबंधित जेई और स्थानीय प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि पेयजल जैसी मूलभूत सेवा को तत्काल बहाल किया जाए। उनका कहना है कि यदि पंचायत पर कोई बकाया है तो उसकी वसूली के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाए, लेकिन पूरे गांव की पानी की व्यवस्था बंद करना उचित नहीं है।
*सचिन झा*
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