सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ जंग: उत्तर प्रदेश में हाथरस अव्वल, लखनऊ और अलीगढ़ पिछड़े; नीतिगत प्रबंधन की सफलता
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से आए आंकड़े नीतिगत क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक नई और सकारात्मक कहानी बयां करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के आलोक में देश भर में चल रहे राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान के तहत, हाथरस जनपद ने समूचे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 18 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत 11 जून 2026 तक हाथरस जिले में कुल 8,180 किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) की मुफ्त वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
हाथरस: प्रथम स्थान (8,180 वैक्सीन)
एटा: 18वां स्थान (1,283 वैक्सीन)
आगरा: 29वां स्थान (544 वैक्सीन)
मैनपुरी: 31वां स्थान (530 वैक्सीन)
अलीगढ़: 42वां स्थान (387 वैक्सीन)
कासगंज: 67वां स्थान (104 वैक्सीन)
किसे और कब लेनी चाहिए वैक्सीन?
लक्षित आयु वर्ग: आमतौर पर 9 से 14 वर्ष की बच्चियों को यह वैक्सीन लगाने की प्राथमिक सलाह दी जाती है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वायरस के खिलाफ सबसे बेहतर प्रतिक्रिया देती है।
खुराक (Dose) का नियम: (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 9-14 साल की बच्चियों के लिए एक या दो डोज पर्याप्त होती हैं।
बड़ी उम्र में प्रभाव: डॉक्टर की सलाह पर 26 वर्ष तक की युवतियां भी इसे लगवा सकती हैं, हालांकि बड़ी उम्र में डॉक्टर की सलाह के अनुसार दो से तीन डोज की आवश्यकता पड़ सकती है। किसी भी संक्रमण के संपर्क में आने से पहले टीका लगवाना सर्वाधिक प्रभावी माना जाता है।
मामले की सफलता और भविष्य के रोडमैप पर बात करते हुए हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा: “हमारा अंतिम लक्ष्य यह है कि तय समय-सीमा के भीतर जिले की हर एक लक्षित बच्ची को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे और अधिक सूक्ष्म और व्यापक प्लानिंग (Micro-planning) के साथ काम करें।”
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