हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्र नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जहां विश्वविद्यालय ने नकल-विहीन परीक्षा के लिए जैमर लगाए जाने का दावा किया था, वहीं परीक्षा के दौरान करीब एक घंटे तक बिजली बाधित रही। आरोप है कि इस दौरान जैमर निष्क्रिय हो गए और कुछ शिक्षकों के साथ एक अधिकारी की पत्नी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करती दिखाई दीं।
छात्र नेताओं का आरोप है कि यदि बिजली आपूर्ति बाधित होने से जैमर बंद हो गए थे, तो परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की गई। उनका कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह मेधावी अभ्यर्थियों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, ये सभी आरोप छात्र नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।