परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था और वह फेसबुक लाइव भी था। उनका कहना है कि सरेंडर के बाद गोली चलाने की जरूरत नहीं थी, इसलिए वे पूरे एनकाउंटर को संदिग्ध बता रहे हैं और न्यायिक/सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।