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भीलवाड़ा: village me rashan ke liye gaye log

Bhilwara, Bhilwara | Apr 7, 2020

MORE NEWS

*राष्ट्र कल्याण की भावना से भीलवाड़ा में पहली बार आज से सप्त दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ* 

 *छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में आयोजन की तैयारियां पूर्ण* 

भीलवाड़ा :नीलेश काठेड ( वरिष्ठ पत्रकार) 7 जून                                          पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर धर्मनगरी भीलवाड़ा शहर में पहली बार सप्त दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य सोमवार से होगा। इस महायज्ञ का समापन 14 जून को होगा। इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। महायज्ञ यज्ञाचार्य श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास के वेदाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री होंगे। महायज्ञ के साथ इस अवधि में वृन्दावन के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रतिदिन रात 8 बजे से भक्तिपूर्ण रासलीला का भी आयोजन आश्रम परिसर में होगा। महायज्ञ के लिए आश्रम परिसर में 11 कुण्डीय विशाल यज्ञ मण्डप तैयार किया गया है जिसमें प्रतिदिन सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक एक साथ 44 जजमान आहुति दे सकेंगे। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के अनुसार पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर भगवान श्री हरि माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु होने वाले विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ में 111 कलशों को लक्ष्मी स्रोत से सिद्ध किया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति होने के बाद यजमानों को लक्ष्मी कलश प्रदान किए जाएंगे। विशेष औषधियों से हवन दसविद् लक्ष्मी प्राप्ति,ऋण मुक्ति, रोग नाश ओर राष्ट्र कल्याणार्थ के लिए इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ के शुभारंभ पर पहले दिन सोमवार सुबह 8 बजे श्री चारभुजानाथ मंदिर छोटी हरणी से यज्ञ मण्डप तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद यज्ञ मण्डप प्रवेश, देवता स्थापना पूजन, अग्नि मंथन होकर यज्ञ प्रारंभ होगा। महायज्ञ के तहत 9 जून मंगलवार को गुड, केसर, अनार, हरिद्रा अनके प्रकार के द्रव्यों से हवन किया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति 14 जून को अभिजीत मुर्हुत में होगी। आरती के बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि समाज के सभी वर्गो की सहभागिता से हो रहे इस आयोजन को सफल बनाने में छोटी हरणी के ग्रामवासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा हैै।

*राष्ट्र कल्याण की भावना से भीलवाड़ा में पहली बार आज से सप्त दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ* *छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में आयोजन की तैयारियां पूर्ण* भीलवाड़ा :नीलेश काठेड ( वरिष्ठ पत्रकार) 7 जून पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर धर्मनगरी भीलवाड़ा शहर में पहली बार सप्त दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य सोमवार से होगा। इस महायज्ञ का समापन 14 जून को होगा। इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। महायज्ञ यज्ञाचार्य श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास के वेदाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री होंगे। महायज्ञ के साथ इस अवधि में वृन्दावन के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रतिदिन रात 8 बजे से भक्तिपूर्ण रासलीला का भी आयोजन आश्रम परिसर में होगा। महायज्ञ के लिए आश्रम परिसर में 11 कुण्डीय विशाल यज्ञ मण्डप तैयार किया गया है जिसमें प्रतिदिन सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक एक साथ 44 जजमान आहुति दे सकेंगे। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के अनुसार पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर भगवान श्री हरि माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु होने वाले विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ में 111 कलशों को लक्ष्मी स्रोत से सिद्ध किया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति होने के बाद यजमानों को लक्ष्मी कलश प्रदान किए जाएंगे। विशेष औषधियों से हवन दसविद् लक्ष्मी प्राप्ति,ऋण मुक्ति, रोग नाश ओर राष्ट्र कल्याणार्थ के लिए इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ के शुभारंभ पर पहले दिन सोमवार सुबह 8 बजे श्री चारभुजानाथ मंदिर छोटी हरणी से यज्ञ मण्डप तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद यज्ञ मण्डप प्रवेश, देवता स्थापना पूजन, अग्नि मंथन होकर यज्ञ प्रारंभ होगा। महायज्ञ के तहत 9 जून मंगलवार को गुड, केसर, अनार, हरिद्रा अनके प्रकार के द्रव्यों से हवन किया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति 14 जून को अभिजीत मुर्हुत में होगी। आरती के बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि समाज के सभी वर्गो की सहभागिता से हो रहे इस आयोजन को सफल बनाने में छोटी हरणी के ग्रामवासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा हैै।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 7, 2026

उपनगर पुर में डूंगरी के बालाजी मंदिर के ट्रस्ट का किया गठन 
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल                                                          उपनगर पुर के तालाब की पाल पर स्थित डूंगरी के बालाजी   मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश पलौड़, मंत्री छोटू लाल सेन ,कोषाध्यक्ष CA आलोक पलौड़ , संरक्षक गणपत लाल सेन , सत्यनारायण पलौड़, पंडित अशोक कुमार  व्यास,, श्रवण कुमार सेन , पूरण मल छिपा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्मल जोशी, उपाध्यक्ष पंकज कुमार पलौड़, संगठन मंत्री मुकेश कुमार सोनी पुर गणेश मंडल अध्यक्ष ,सह सचिव रमेश चंद्र सेन पुर को ट्रस्ट में पद दिए गए ।
 सभी पदाधिकारी का स्वागत किया गया सुरेश सेन हठीला ने बताया कि संगठन में और भी सदस्य जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया । प्रत्येक सदस्यों से  ग्यारसों रुपए रखा गया।
सभी सदस्यों द्वारा अपने अपने विचार व्यक्त किए गए 
जिसमें मंदिर में रखरखाव और  भोजन धर्मशाला का निर्माण, रोड निर्माण बुजुर्गों के चढ़ने उतरने के लिए विशेष लिफ्ट के लिए प्रस्ताव रखा गया जिसमें वर्ष में हिंदू धर्म के जितने जितने भी आयोजन होते हैं उसका मंदिर में आयोजन करना दोनों नवरात्रि में सुचारू रूप से रामायण पाठ करना शनिवार मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना बच्चों को संस्कृति और धार्मिक पुस्तके पढ़ाने का निर्णय लिया गया।

उपनगर पुर में डूंगरी के बालाजी मंदिर के ट्रस्ट का किया गठन भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल उपनगर पुर के तालाब की पाल पर स्थित डूंगरी के बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश पलौड़, मंत्री छोटू लाल सेन ,कोषाध्यक्ष CA आलोक पलौड़ , संरक्षक गणपत लाल सेन , सत्यनारायण पलौड़, पंडित अशोक कुमार व्यास,, श्रवण कुमार सेन , पूरण मल छिपा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्मल जोशी, उपाध्यक्ष पंकज कुमार पलौड़, संगठन मंत्री मुकेश कुमार सोनी पुर गणेश मंडल अध्यक्ष ,सह सचिव रमेश चंद्र सेन पुर को ट्रस्ट में पद दिए गए । सभी पदाधिकारी का स्वागत किया गया सुरेश सेन हठीला ने बताया कि संगठन में और भी सदस्य जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया । प्रत्येक सदस्यों से ग्यारसों रुपए रखा गया। सभी सदस्यों द्वारा अपने अपने विचार व्यक्त किए गए जिसमें मंदिर में रखरखाव और भोजन धर्मशाला का निर्माण, रोड निर्माण बुजुर्गों के चढ़ने उतरने के लिए विशेष लिफ्ट के लिए प्रस्ताव रखा गया जिसमें वर्ष में हिंदू धर्म के जितने जितने भी आयोजन होते हैं उसका मंदिर में आयोजन करना दोनों नवरात्रि में सुचारू रूप से रामायण पाठ करना शनिवार मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना बच्चों को संस्कृति और धार्मिक पुस्तके पढ़ाने का निर्णय लिया गया।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 7, 2026

*जयपुर पश्चिम पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 साल से फरार 10 हजार का इनामी दबोचा*  
 *फर्जी पट्टों से जमीन बेचने वाला प्रदीप सिंह शेखावत गिरफ्तार, 5 मामलों में था वांछित*

*जयपुर:कमलेश आमेटा                                                              * जयपुर पश्चिम पुलिस ने विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 4 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फर्जी पट्टों के जरिए जमीनों की खरीद-फरोख्त कर लोगों से लाखों की ठगी करता था।
पुलिस ने आरोपी *प्रदीप सिंह शेखावत (36) निवासी गांव सुलताना, जिला झुंझुनूं* को पकड़ा है। आरोपी वर्ष 2021 से पुलिस थाना विश्वकर्मा, जयपुर (पश्चिम) में दर्ज धोखाधड़ी के कई मामलों में वांछित था।
पुलिस के अनुसार आरोपी एक ही प्लॉट के *कई फर्जी पट्टे तैयार कर* अलग-अलग लोगों को बेच देता था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण भी ले चुका है। लोगों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप हैं।
पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) *प्रशांत किरण IPS* के निर्देशन में अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता व एसीपी अनुराग सहारण के सुपरविजन में थाना प्रभारी *रविन्द्र सिंह नरूका* के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने *मुखबिर तंत्र और तकनीकी सूचना* के आधार पर आरोपी को दबोच लिया!
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 और 2022 में *धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व आपराधिक षड्यंत्र* की धाराओं में कम से कम *पांच मामले* दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। और भी खुलासे होने की संभावना है।

*जयपुर पश्चिम पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 साल से फरार 10 हजार का इनामी दबोचा* *फर्जी पट्टों से जमीन बेचने वाला प्रदीप सिंह शेखावत गिरफ्तार, 5 मामलों में था वांछित* *जयपुर:कमलेश आमेटा * जयपुर पश्चिम पुलिस ने विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 4 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फर्जी पट्टों के जरिए जमीनों की खरीद-फरोख्त कर लोगों से लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने आरोपी *प्रदीप सिंह शेखावत (36) निवासी गांव सुलताना, जिला झुंझुनूं* को पकड़ा है। आरोपी वर्ष 2021 से पुलिस थाना विश्वकर्मा, जयपुर (पश्चिम) में दर्ज धोखाधड़ी के कई मामलों में वांछित था। पुलिस के अनुसार आरोपी एक ही प्लॉट के *कई फर्जी पट्टे तैयार कर* अलग-अलग लोगों को बेच देता था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण भी ले चुका है। लोगों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप हैं। पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) *प्रशांत किरण IPS* के निर्देशन में अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता व एसीपी अनुराग सहारण के सुपरविजन में थाना प्रभारी *रविन्द्र सिंह नरूका* के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने *मुखबिर तंत्र और तकनीकी सूचना* के आधार पर आरोपी को दबोच लिया! पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 और 2022 में *धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व आपराधिक षड्यंत्र* की धाराओं में कम से कम *पांच मामले* दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। और भी खुलासे होने की संभावना है।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 7, 2026

वैदिक मंत्रों की गूंज से गुंजायमान हुआ सगतपुरिया का बैकुंठधाम
पुरुषोत्तम अधिकमास पर श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ, 
विश्व कल्याण के लिए 8 जून को होगा भैरव यज्ञ

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक

कोटड़ी-निकटवर्ती सगतपुरिया ग्राम स्थित बैकुंठधाम रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगम बन गया। पुरुषोत्तम अधिकमास के पावन अवसर पर यहां श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। पूरे परिसर में मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गांव के आराध्य चारभुजानाथ भगवान के बेवाण को गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ सम्मानपूर्वक बैकुंठधाम लाने से हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया। बैकुंठधाम पहुंचने पर उपासक महेंद्र जोशी के नेतृत्व में बेवाण की आरती-वंदना कर भव्य अगवानी की गई।
इसके पश्चात बैकुंठधाम में विराजमान सर्व देवताओं का वैदिक रीति से अभिषेक किया गया तथा हवन-कुंड में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां अर्पित कर लोकमंगल और धर्म-संवर्धन की कामना की गई। आयोजन के लिए पूरे बैकुंठधाम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे धार्मिक वातावरण और भी मनोहारी बन गया।
उपासक महेंद्र जोशी ने बताया कि श्रीरामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति 8 जून सोमवार प्रातः होगी। इस अवसर पर विशेष भैरव यज्ञ एवं महाहवन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की जाएंगी।
ज्योतिषाचार्य हरिशंकर शर्मा मंशा के मार्गदर्शन में पंडित कैलाश तिवाड़ी (गोगा का खेड़ा), पंडित जगदीश तिवाड़ी, पंडित सत्यनारायण जोशी, पंडित अभिषेक पाराशर, पंडित भगवान पुरोहित एवं पंडित हर्षित तिवाड़ी ने गणेश पूजन, षोडशोपचार पूजन, वास्तु पूजन, योगिनी पूजन, नवग्रह पूजन, रुद्र पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, सर्वतोभद्र मंडल, रामायण मंडल, रामदरबार, हनुमानजी एवं चारभुजा भगवान के पूजन-अभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
धार्मिक आयोजन में सगतपुरिया के अलावा कोटड़ी, आकोला, भीलवाड़ा और शाहपुरा से बड़ी संख्या में साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे दिन भक्ति, आस्था और वैदिक परंपरा का ऐसा वातावरण बना रहा जिसने बैकुंठधाम को आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।

वैदिक मंत्रों की गूंज से गुंजायमान हुआ सगतपुरिया का बैकुंठधाम पुरुषोत्तम अधिकमास पर श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ, विश्व कल्याण के लिए 8 जून को होगा भैरव यज्ञ शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक कोटड़ी-निकटवर्ती सगतपुरिया ग्राम स्थित बैकुंठधाम रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगम बन गया। पुरुषोत्तम अधिकमास के पावन अवसर पर यहां श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। पूरे परिसर में मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गांव के आराध्य चारभुजानाथ भगवान के बेवाण को गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ सम्मानपूर्वक बैकुंठधाम लाने से हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया। बैकुंठधाम पहुंचने पर उपासक महेंद्र जोशी के नेतृत्व में बेवाण की आरती-वंदना कर भव्य अगवानी की गई। इसके पश्चात बैकुंठधाम में विराजमान सर्व देवताओं का वैदिक रीति से अभिषेक किया गया तथा हवन-कुंड में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां अर्पित कर लोकमंगल और धर्म-संवर्धन की कामना की गई। आयोजन के लिए पूरे बैकुंठधाम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे धार्मिक वातावरण और भी मनोहारी बन गया। उपासक महेंद्र जोशी ने बताया कि श्रीरामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति 8 जून सोमवार प्रातः होगी। इस अवसर पर विशेष भैरव यज्ञ एवं महाहवन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की जाएंगी। ज्योतिषाचार्य हरिशंकर शर्मा मंशा के मार्गदर्शन में पंडित कैलाश तिवाड़ी (गोगा का खेड़ा), पंडित जगदीश तिवाड़ी, पंडित सत्यनारायण जोशी, पंडित अभिषेक पाराशर, पंडित भगवान पुरोहित एवं पंडित हर्षित तिवाड़ी ने गणेश पूजन, षोडशोपचार पूजन, वास्तु पूजन, योगिनी पूजन, नवग्रह पूजन, रुद्र पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, सर्वतोभद्र मंडल, रामायण मंडल, रामदरबार, हनुमानजी एवं चारभुजा भगवान के पूजन-अभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। धार्मिक आयोजन में सगतपुरिया के अलावा कोटड़ी, आकोला, भीलवाड़ा और शाहपुरा से बड़ी संख्या में साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे दिन भक्ति, आस्था और वैदिक परंपरा का ऐसा वातावरण बना रहा जिसने बैकुंठधाम को आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 7, 2026

भागवत भक्ति से आत्मा को मिलता है परम संतोष: स्वामी अशोकानंद जी महाराज

-हरि शेवा उदासीन आश्रम में श्री शिव महापुराण कथा 8 जून से

-सेवा व सुमिरन को जीवन का आधार बनाना होगा: महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन 

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 7 जून
सनातन सेवा समिति, हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ भव्य विश्राम हुआ। कथा समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागवत अमृत का रसपान कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा भगवान श्री हरि के जयघोषों से संपूर्ण आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा।
कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज (भक्ति धाम आश्रम, नर्मदा तट, जबलपुर) ने अंतिम दिवस कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने अंतिम दिवस श्रीमद्भागवत के विविध प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 रानियों के साथ दिव्य विवाह प्रसंग, स्यमंतक (स्यामंतक) मणि के आख्यान, कुरुक्षेत्र में गोपियों से भगवान के मिलन, भगवान दत्तात्रेय द्वारा बताए गए 24 गुरुओं के जीवनोपयोगी संदेश, सुदामा चरित्र तथा राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इन सभी प्रसंगों में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, मित्रता, समर्पण और आत्मकल्याण का अद्भुत संदेश समाहित है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निष्काम प्रेम एवं सच्ची भक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण है, वहीं परीक्षित मोक्ष प्रसंग यह संदेश देता है कि श्रद्धा और सत्संग के माध्यम से मनुष्य जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 रानियों से विवाह, स्यमंतक मणि की कथा तथा कुरुक्षेत्र में गोपियों से पुनर्मिलन जैसे प्रसंग भगवान की दिव्य लीलाओं एवं भक्तवत्सल स्वरूप को प्रकट करते हैं। स्वामी अशोका नंद जी महाराज ने श्रीमद भागवत उपसंहार का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से जोड़ने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निष्काम प्रेम, समर्पण एवं सच्ची भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। भगवान भक्त के भाव के भूखे होते हैं, वैभव के नहीं।
स्वामीजी ने कहा कि श्रीमद्भागवत का सार भगवान के प्रति अनन्य प्रेम और भक्ति में निहित है। भागवत हमें सिखाती है कि जीवन का परम लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति और आत्मा की शांति है। जब मनुष्य अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर प्रभु की शरण ग्रहण करता है, तब उसका जीवन सफल हो जाता है।
    उन्होंने भागवत का प्रसिद्ध श्लोक सुनाते हुए कहा- “स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे।
अहैतुक्यप्रतिहता ययाऽत्मा सुप्रसीदति॥”
भावार्थ : मनुष्य का सर्वोत्तम धर्म वही है जिससे भगवान के प्रति निष्काम, निरंतर एवं अविच्छिन्न भक्ति उत्पन्न हो। ऐसी भक्ति से आत्मा को वास्तविक शांति, आनंद एवं परम संतोष प्राप्त होता है।
   स्वामीजी ने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का उदय होता है तथा जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कलियुग में भगवान के नाम का संकीर्तन, सत्संग और सेवा ही मोक्ष प्राप्ति का सरलतम साधन है।
कथा के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। "राधे-श्याम", "जय श्रीकृष्ण" एवं "हरि बोल" के जयघोषों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा तथा श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए भक्ति आनंद में लीन रहे।श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम उपरांत कथा व्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज की आश्रम परिवार द्वारा भावपूर्ण विदाई की गई। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वर्तमान में सनातन संस्कृति का पावन पर्व चल रहा है। आश्रम में प्रतिदिन गंगा आरती, दुर्गासप्तशती का अखंड पाठ एवं अखंड रामधुन के माध्यम से भक्तजन धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्महत्या और जीव हत्या महापाप हैं, जिनसे सदैव दूर रहना चाहिए। स्वामी जी ने कहा कि परम पूज्य बाबा शेवाराम साहब जी एवं बाबा गंगाराम साहब जी महाराज के तप, त्याग और साधना का ही पुण्य प्रताप है कि आज इस पावन धरा पर कल्पवृक्ष के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। पुरुषोत्तम मास में आयोजित चारों कथाओं का सफलतापूर्वक समापन हुआ है तथा 8 जून से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों की मर्यादापूर्वक सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि जीवन में सुख, शांति और आनंद की कामना है तो सेवा एवं सुमिरन को जीवन का आधार बनाना होगा। जो संतों और प्रभु की कृपा के पात्र बनते हैं, उन पर निरंतर अमृतवर्षा होती रहती है तथा उनका जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम के संत मायाराम जी, संत गोविन्दराम जी, संत राजाराम जी, संत ईशानराम जी, संत सुयज्ञराम जी , संत केशव राम जी आदि ने अभिनंदन किया। आश्रम के संत मायाराम जी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत 8 जून सोमवार से 14 जून रविवार तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। व्यास पीठ पर काशी (उत्तरप्रदेश) के स्वामी डॉ. निर्मल दास जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी से श्री शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे। कथा में भगवान शिव की महिमा, शिवतत्व एवं सनातन संस्कृति के विविध आयामों का वर्णन किया जाएगा।    
  पुरषोत्तम मास महोत्सव का समापन 15 जून को पूर्णाहुति, संत समागम के साथ होगा। आज विष्णु यज्ञ में जय राम -वर्षा अभिचंदानी एवं अशोक मूंदड़ा ने आहुतियाँ दी तथा महादेव का अभिषेक किया। संत गोविन्दराम ने बताया कि प्रतिदिन सायंकाल काशी की तर्ज पर गंगा आरती आश्रम में आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

भागवत भक्ति से आत्मा को मिलता है परम संतोष: स्वामी अशोकानंद जी महाराज -हरि शेवा उदासीन आश्रम में श्री शिव महापुराण कथा 8 जून से -सेवा व सुमिरन को जीवन का आधार बनाना होगा: महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 7 जून सनातन सेवा समिति, हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ भव्य विश्राम हुआ। कथा समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागवत अमृत का रसपान कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा भगवान श्री हरि के जयघोषों से संपूर्ण आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज (भक्ति धाम आश्रम, नर्मदा तट, जबलपुर) ने अंतिम दिवस कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने अंतिम दिवस श्रीमद्भागवत के विविध प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 रानियों के साथ दिव्य विवाह प्रसंग, स्यमंतक (स्यामंतक) मणि के आख्यान, कुरुक्षेत्र में गोपियों से भगवान के मिलन, भगवान दत्तात्रेय द्वारा बताए गए 24 गुरुओं के जीवनोपयोगी संदेश, सुदामा चरित्र तथा राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इन सभी प्रसंगों में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, मित्रता, समर्पण और आत्मकल्याण का अद्भुत संदेश समाहित है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निष्काम प्रेम एवं सच्ची भक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण है, वहीं परीक्षित मोक्ष प्रसंग यह संदेश देता है कि श्रद्धा और सत्संग के माध्यम से मनुष्य जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 रानियों से विवाह, स्यमंतक मणि की कथा तथा कुरुक्षेत्र में गोपियों से पुनर्मिलन जैसे प्रसंग भगवान की दिव्य लीलाओं एवं भक्तवत्सल स्वरूप को प्रकट करते हैं। स्वामी अशोका नंद जी महाराज ने श्रीमद भागवत उपसंहार का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से जोड़ने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निष्काम प्रेम, समर्पण एवं सच्ची भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। भगवान भक्त के भाव के भूखे होते हैं, वैभव के नहीं। स्वामीजी ने कहा कि श्रीमद्भागवत का सार भगवान के प्रति अनन्य प्रेम और भक्ति में निहित है। भागवत हमें सिखाती है कि जीवन का परम लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति और आत्मा की शांति है। जब मनुष्य अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर प्रभु की शरण ग्रहण करता है, तब उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने भागवत का प्रसिद्ध श्लोक सुनाते हुए कहा- “स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे। अहैतुक्यप्रतिहता ययाऽत्मा सुप्रसीदति॥” भावार्थ : मनुष्य का सर्वोत्तम धर्म वही है जिससे भगवान के प्रति निष्काम, निरंतर एवं अविच्छिन्न भक्ति उत्पन्न हो। ऐसी भक्ति से आत्मा को वास्तविक शांति, आनंद एवं परम संतोष प्राप्त होता है। स्वामीजी ने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का उदय होता है तथा जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कलियुग में भगवान के नाम का संकीर्तन, सत्संग और सेवा ही मोक्ष प्राप्ति का सरलतम साधन है। कथा के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। "राधे-श्याम", "जय श्रीकृष्ण" एवं "हरि बोल" के जयघोषों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा तथा श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए भक्ति आनंद में लीन रहे।श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम उपरांत कथा व्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज की आश्रम परिवार द्वारा भावपूर्ण विदाई की गई। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वर्तमान में सनातन संस्कृति का पावन पर्व चल रहा है। आश्रम में प्रतिदिन गंगा आरती, दुर्गासप्तशती का अखंड पाठ एवं अखंड रामधुन के माध्यम से भक्तजन धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्महत्या और जीव हत्या महापाप हैं, जिनसे सदैव दूर रहना चाहिए। स्वामी जी ने कहा कि परम पूज्य बाबा शेवाराम साहब जी एवं बाबा गंगाराम साहब जी महाराज के तप, त्याग और साधना का ही पुण्य प्रताप है कि आज इस पावन धरा पर कल्पवृक्ष के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। पुरुषोत्तम मास में आयोजित चारों कथाओं का सफलतापूर्वक समापन हुआ है तथा 8 जून से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों की मर्यादापूर्वक सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि जीवन में सुख, शांति और आनंद की कामना है तो सेवा एवं सुमिरन को जीवन का आधार बनाना होगा। जो संतों और प्रभु की कृपा के पात्र बनते हैं, उन पर निरंतर अमृतवर्षा होती रहती है तथा उनका जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम के संत मायाराम जी, संत गोविन्दराम जी, संत राजाराम जी, संत ईशानराम जी, संत सुयज्ञराम जी , संत केशव राम जी आदि ने अभिनंदन किया। आश्रम के संत मायाराम जी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत 8 जून सोमवार से 14 जून रविवार तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। व्यास पीठ पर काशी (उत्तरप्रदेश) के स्वामी डॉ. निर्मल दास जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी से श्री शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे। कथा में भगवान शिव की महिमा, शिवतत्व एवं सनातन संस्कृति के विविध आयामों का वर्णन किया जाएगा। पुरषोत्तम मास महोत्सव का समापन 15 जून को पूर्णाहुति, संत समागम के साथ होगा। आज विष्णु यज्ञ में जय राम -वर्षा अभिचंदानी एवं अशोक मूंदड़ा ने आहुतियाँ दी तथा महादेव का अभिषेक किया। संत गोविन्दराम ने बताया कि प्रतिदिन सायंकाल काशी की तर्ज पर गंगा आरती आश्रम में आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 7, 2026