सखी तीज हाट में गूंजी बाल संरक्षण की आवाज, मिशन वात्सल्य की योजनाओं से आमजन को किया जागरूक
यमुनानगर। सखी तीज हाट के अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मिक्षा रंगा के कुशल मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई, यमुनानगर द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं बाल संरक्षण सेवाओं को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। हाट में लगाए गए जागरूकता स्टॉल के माध्यम से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को मिशन वात्सल्य की योजनाओं, बाल अधिकारों तथा बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जागरूकता स्टॉल पर रंजन शर्मा, लीगल अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, के साथ गुरप्रीत सिंह एवं ललिता दत्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। तीनों ने स्टॉल पर आने वाले लोगों से संवाद करते हुए उन्हें मिशन वात्सल्य के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न योजनाओं एवं बाल संरक्षण सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आमजन को जागरूक किया।
इस दौरान पैम्फलेट, बुकलेट एवं स्टैंडी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। आमजन को बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का लाभ पात्र बच्चों एवं परिवारों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों को बच्चों से संबंधित किसी भी समस्या या आवश्यकता के समय संबंधित विभाग एवं बाल संरक्षण तंत्र से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
रंजन शर्मा, लीगल अधिकारी, ने बताया कि सार्वजनिक आयोजनों में इस प्रकार के जागरूकता स्टॉल लगाने का उद्देश्य मिशन वात्सल्य की योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब आमजन को योजनाओं एवं बाल संरक्षण सेवाओं की सही जानकारी होगी, तभी जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता और संरक्षण उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्री श्याम सिंह राणा, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार तथा उपायुक्त यमुनानगर श्रीमती प्रीति ने भी जागरूकता स्टॉल का दौरा किया। इस अवसर पर रंजन शर्मा, गुरप्रीत सिंह एवं ललिता दत्ता द्वारा उन्हें मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई।
स्टॉल पर पहुंचे लोगों ने भी मिशन वात्सल्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही बाल संरक्षण सेवाओं के बारे में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। जागरूकता सामग्री के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उसे अन्य लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
जिला बाल संरक्षण इकाई की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना तथा जरूरतमंद बच्चों एवं परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। सखी तीज हाट जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन के माध्यम से मिशन वात्सल्य का संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा, जिससे बाल संरक्षण के प्रति सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करने में मदद मिली।
“हर बच्चे की सुरक्षा, हर बच्चे का अधिकार और हर बच्चे का बेहतर भविष्य” के संकल्प के साथ जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
Ambala, Ambala | Aug 12, 2026