अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्टर मानस गोहेन को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि, इस प्रकरण से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। दोषियों की पहचान, मुकदमा और सजा ही समाज का भरोसा बहाल कर सकती है। पेश है इंटरव्यू के खास इंटरव्यू...
क्या चंदे में हेराफेरी के विवाद ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है और भक्तों का भरोसा डगमगाया है? यह एक नैतिक कलंक है, जिसे हर हिंदू महसूस करता है। यह मंदिर 500 सालों के संघर्ष और हिंदुओं के बलिदान का परिणाम है। जब इसका निर्माण होना था, तब 12.5 करोड़ परिवारों ने दान दिया था। ऐसे में यह भावना कि उनके दान का पैसा चोरी हो गया, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हां, इससे ठेस पहुंची है। इससे ट्रस्ट की साख को नुकसान हुआ है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद की विश्वसनीयता पर कोई असर नहीं ह�
Korba, Korba | Jul 4, 2026