चम्बा में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ सीटू का विरोध, बिजली बोर्ड के निजीकरण पर भी उठाए सवाल
चम्बा | सुरेंद्र ठाकुर
चम्बा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) की जिला इकाई चम्बा ने सही अवस्था में चल रहे बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने और उपभोक्ताओं को 24 घंटे के भीतर बिजली काटने की चेतावनी दिए जाने संबंधी शिकायतों पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने विद्युत विभाग से इस मामले की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। साथ ही सीटू ने बिजली बोर्ड के निजीकरण की कथित कोशिशों को बंद करने की मांग भी उठाई है।
सही मीटर बदलने पर पुनर्विचार की मांग
सीटू ने कहा कि बिजली प्रत्येक परिवार की बुनियादी जरूरत है। गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है। संगठन ने मांग की कि सही अवस्था में चल रहे मीटरों को जबरन बदलने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की आपत्तियों को ध्यान में रखा जाए।
संगठन ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर बिजली काटने की चेतावनी से संबंधित शिकायतों की जांच की जाए। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश देने की मांग की गई।
सीटू ने केंद्र की मोदी सरकार और हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों सरकारों की कथित मिलीभगत से बिजली बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। संगठन ने सरकार से बिजली बोर्ड के निजीकरण की कथित साजिश बंद करने की मांग की।
सीटू ने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आम जनता तथा बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
इस दौरान सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र, जिला सचिव सुदेश, विपिन, संजय, कमल, चैन सिंह, हसन, इकबाल, भूपेंद्र, केवल और रिझु राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Chamba, Chamba | Oct 12, 2026