जंतर मंतर पर जिस तरह पुलिस ने बच्चों पर लाठीचार्ज किया और जो कुछ भी वहां हुआ, उसी दौरान हमारी मुलाकात साहिल भाई से हुई। उनकी कहानी भी बेहद अलग और दर्दनाक है। वे भी देश की शिक्षा व्यवस्था से निराश हो चुके हैं। उन्होंने Indian Institute of Public Health, Bhubaneswar से MPH (Master of Public Health) की पढ़ाई पूरी करने के लिए करीब चार लाख रुपये खर्च किए। लेकिन आज न उन्हें डिग्री मिली है और न ही कोई नौकरी। उनका कहना है कि मेहनत और पैसा लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ़ निराशा ही हाथ लगी।
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